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चार बेटे फिर भी बेसहारा है मेहताब
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sun, 15 Jan 2017 11:17 PM IST
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अस्पताल के बाहर बेहोश पउ़ा वृद्ध
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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चार बेटे होने के बावजूद रिटायर्ड पुलिसकर्मी बुढ़ापे में बेसहारा हो गया है। दो दिन पूर्व सड़क हादसे में घायल होने के बाद अपनों के इंतजार में गुमसुम पड़ा हुआ है। रविवार को तो उसे अस्पताल से भी निकाल दिया गया, इसके बाद वह कई घंटे तक सीढ़ियों पर पड़ा रहा। मामला मीडिया में आने के बाद चिकित्सक ने उसे दोबारा अस्पताल में भर्ती किया।
थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव रतनपुर किरकिच का रहने वाले मेहताब खान 1962 में पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। उसके चार पुत्र हैं, रिटायर होने के बाद सभी को संपत्ति में बंटवारा कर दिया। इसके बाद वह कोतवाली क्षेत्र में पुलिस लाइन के समीप परचून की दुकान करने वाले पुत्र के साथ रह रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मेहताब का एक पुत्र के प्रति ज्यादा लगाव है, इसलिए दूसरे पुत्र उन्हें साथ नहीं रखना चाहते। वहीं जहां वह रह रहे हैं वहां भी उनकी कोई कदर नहीं है।
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बताते हैं कि दो दिन पूर्व वह सड़क हादसे में घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। रविवार को उन्हें वहां से भी बाहर निकाल दिया था। मेहताब ने बताया कि परिवार का कोई भी व्यक्ति उन्हें लेने नहीं आ रहा है जबकि उनके चार बेटे हैं।
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थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव रतनपुर किरकिच का रहने वाले मेहताब खान 1962 में पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। उसके चार पुत्र हैं, रिटायर होने के बाद सभी को संपत्ति में बंटवारा कर दिया। इसके बाद वह कोतवाली क्षेत्र में पुलिस लाइन के समीप परचून की दुकान करने वाले पुत्र के साथ रह रहा है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि मेहताब का एक पुत्र के प्रति ज्यादा लगाव है, इसलिए दूसरे पुत्र उन्हें साथ नहीं रखना चाहते। वहीं जहां वह रह रहे हैं वहां भी उनकी कोई कदर नहीं है।
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बताते हैं कि दो दिन पूर्व वह सड़क हादसे में घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। रविवार को उन्हें वहां से भी बाहर निकाल दिया था। मेहताब ने बताया कि परिवार का कोई भी व्यक्ति उन्हें लेने नहीं आ रहा है जबकि उनके चार बेटे हैं।