{"_id":"6ac7dbc0fd8bde0de303e970","slug":"cells-formed-from-village-to-district-levels-to-monitor-stubble-burning-mainpuri-news-c-25-1-agr1063-1180826-2026-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mainpuri News: पराली जलाने पर निगरानी के लिए गांव से जिले तक सेल गठित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mainpuri News: पराली जलाने पर निगरानी के लिए गांव से जिले तक सेल गठित
Thu, 08 Oct 2026 11:36 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Thu, 08 Oct 2026 11:36 PM IST
विज्ञापन
मैनपुरी। धान की पराली और अन्य कृषि अवशेष जलाने से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने सेल का गठन किया है। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि जनपद स्तर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में अनुश्रवण सेल के साथ तहसील, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर भी सेल गठित किए गए हैं। इसके अलावा सचल दस्तों को भी जिम्मेदारी दी गई है। जनपद स्तरीय सेल में अपर पुलिस अधीक्षक, जिला विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला पंचायतराज अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी और सहायक निबंधक सहकारी समितियां सदस्य होंगे। यह सेल प्रतिदिन निगरानी कर राज्य मॉनिटरिंग सेल को रिपोर्ट भेजेगा। तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में गठित सेल में क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार, उप पशु चिकित्साधिकारी और उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी शामिल होंगे। विकासखंड स्तर पर खंड विकास अधिकारी को अध्यक्ष बनाया गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर लेखपाल, ग्राम पंचायत सचिव, कृषि व पंचायत विभाग के कर्मचारी, ग्राम प्रधान और हल्का पुलिस को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। सभी टीमें धान कटाई से गेहूं की बोआई तक प्रतिदिन क्षेत्र का भ्रमण करेंगी। डीएम ने निर्देश दिए कि लेखपाल और ग्राम प्रधानों को जोड़कर व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए। इसमें पराली जलाने की सूचना तत्काल सचल दस्ते को दी जाएगी। पराली जलाने की घटना मिलने पर क्षतिपूर्ति की वसूली और दोबारा घटना होने पर अर्थदंड की कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि घटना की सूचना न देने पर संबंधित लेखपाल भी जिम्मेदार होंगे। कृषि विभाग किसानों को फसल अवशेष जलाने के दुष्परिणामों और इन-सीटू कृषि यंत्रों के इस्तेमाल के प्रति जागरूक करेगा।
विज्ञापन