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सावधान! व्हाट्सएप मैसेज में ठगी का ‘जाल’
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
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मैनपुरी। बिना सोचे समझे व्हाट्सएप और अन्य सोशल साइट का प्रयोग आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है। तकनीकी के प्रयेाग से जहां बहुत सी चाजें आसान हुई हैं, वहां फ्रॉड भी सक्रिय होकर लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। अभी तक मैसेज, मेल और कॉल के जरिए फेक जानकारी देने वालों ने व्हाट्सएप के माध्यम से आरबीआई के लोगो वाली एप तैयार की है। इसे डाउनलोड करना आपको खतरे में डाल सकता है। इसके लिए बैंक अधिकारी जागरूक कर रहे हैं।
व्हाट्स एप पर इन दिनों आरबीआई के लोगो वाली आल बैंक बैलेंस इंक्वायरी नंबर एप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। भ्रामक प्रचार के चलते अनजाने में इसे बैंक की एप समझकर लोग डाउनलोड भी कर रहे हैं। इस बाबत आरबीआई ने भी गाइडलाइन जारी की है। अब बैंक अधिकारी भी एप को डाउनलोड न करने की सलाह दे रहे हैं।
खुशबू ने बताया कि आठ दिन पूर्व उनके पास मैसेज आया था। लेकिन उन्होंने एप डाउनलोड नहीं की। निकिता का कहना था कि उनके मैसेज आया। एप डाउनलोड की लेकिन उसमें मांगी गई जानकारियां उन्होंने नहीं भरीं। रेनू को परिचित ने एप वाला मैसेज भेजा था। उन्होंने उपयोगी एप समझकर दूसरों को मैसेज फारवर्ड कर दिया। लेकिन अब फोन करके एप डाउनलोड न करने की जानकारी दे रही हैं। हिना का कहना था कि अनजाने में आरबीआई के लोगो को देखकर लोग उसे डाउनलोड कर रहे हैं।
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आरबीआई ने इस तरह का कोई एप विकसित नहीं किया है। हालांकि जिले से अभी कोई मामला उनके पास नहीं आया है। फिर भी लोगों को बता रहे हैं कि एप को डाउनलोड कर ठगी का शिकार न बनें।
परमाल सिंह, एलडीएम मैनपुरी
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व्हाट्स एप पर इन दिनों आरबीआई के लोगो वाली आल बैंक बैलेंस इंक्वायरी नंबर एप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। भ्रामक प्रचार के चलते अनजाने में इसे बैंक की एप समझकर लोग डाउनलोड भी कर रहे हैं। इस बाबत आरबीआई ने भी गाइडलाइन जारी की है। अब बैंक अधिकारी भी एप को डाउनलोड न करने की सलाह दे रहे हैं।
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खुशबू ने बताया कि आठ दिन पूर्व उनके पास मैसेज आया था। लेकिन उन्होंने एप डाउनलोड नहीं की। निकिता का कहना था कि उनके मैसेज आया। एप डाउनलोड की लेकिन उसमें मांगी गई जानकारियां उन्होंने नहीं भरीं। रेनू को परिचित ने एप वाला मैसेज भेजा था। उन्होंने उपयोगी एप समझकर दूसरों को मैसेज फारवर्ड कर दिया। लेकिन अब फोन करके एप डाउनलोड न करने की जानकारी दे रही हैं। हिना का कहना था कि अनजाने में आरबीआई के लोगो को देखकर लोग उसे डाउनलोड कर रहे हैं।
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आरबीआई ने इस तरह का कोई एप विकसित नहीं किया है। हालांकि जिले से अभी कोई मामला उनके पास नहीं आया है। फिर भी लोगों को बता रहे हैं कि एप को डाउनलोड कर ठगी का शिकार न बनें।
परमाल सिंह, एलडीएम मैनपुरी