फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mainpuri News ›   bhediyon ne phir kiya hamala, ek bhed maaree

भेड़ियों ने फिर किया हमला, एक भेड़ मारी

Sun, 30 Apr 2017 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी Updated Sun, 30 Apr 2017 11:41 PM IST
विज्ञापन
bhediyon ne phir kiya hamala, ek bhed maaree
भेड़ियों को तलाशते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
गांव जिरौली में शनिवार की रात भेड़ों के बाड़े में फिर घुसे भेड़ियों ने एक भेड़ मार दी। वहीं, दो भेड़ और एक बछिया पर हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया। सूचना के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
विज्ञापन

गांव जिरौली में शनिवार की रात एक बार फिर भेड़िये जगन्नाथ के भेड़ों के बाड़े में घुस गए। बाड़े में घुसकर भेड़ों पर हमला करके एक भेड़ को मार दिया। दो पर हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया। एक भेड़ को बाड़े से बाहर खेतों की ओर खींच ले गए। गांव के बाहरी किनारे पर बंधी रामदीन की गाय की एक बछिया पर भी हमला कर घायल कर दिया। एक बछिया को गांव के बाहर खींच ले गए। चार दिन पहले भी जगन्नाथ के भेड़ों के बाड़े में दो भेड़ियों ने घुसकर 16 भेड़ों को मार दिया था। आधा दर्जन भेड़ों को घायल कर दिया था। वन विभाग की टीम गांव में जानकारी करने के बाद लौट गई थी। शनिवार की रात दोबारा गांव में आए भेड़ियों की सूचना के बाद भी रविवार को वन विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची। जिरौली के नजदीकी गांव जैली, नगला भगत, दलीपपुर कैलई, सिमरई, नगला शिम्भू, नगला जैनखां, सुन्नामई आदि में भी ग्रामीणों के बीच भेड़ियों की दहशत है।  
विज्ञापन


शाम होते ही घरों के दरवाजे बंद
 भेड़ियों के आतंक की वजह से किसानों ने अब दिन में भी फसलों की रखवाली करना तक छोड़ दिया है। शाम होते ही ग्रामीण घरों के दरवाजे बंद करके बच्चों को घरों से नही निकलने दे रहे हैं। शाम के समय महिलाओं ने शौच के लिए खेतों की तरफ जाना बंद कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


500 बीघा क्षेत्र में है घना जंगल
 सुन्नामई मार्ग से दलीपपुर कैलई को जाने वाले मार्ग पर सड़क के दोनों ओर लगभग 500 बीघा में जंगल है। देखभाल वन विभाग करता है। न तो वन विभाग का कोई कर्मचारी रहता है और न ही बबूलों की कटाई छंटाई होती है। जंगली जानवर, नीलगाय, आवारा गाय, भेड़िये इसी जंगल में शरण लेते हैं। ग्रामवासी कोतवाल शाक्य, जगन्नाथ सिंह, हंसराज, बंटू, गांधी, सुनील, राजवीर, सुरजीत, महेंद्र, सुरेश, दलवीर, राजेंद्र, रघुवीर सिंंह आदि ने डीएम से जंगल का सफाया कराने तथा भेड़ियों को पकड़वाने की मांग की है ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed