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Mainpuri News: परिवार से 23 साल बाद मिलेगा आजाद खान
Wed, 24 Dec 2025 11:25 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Wed, 24 Dec 2025 11:25 PM IST
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फोटो 12 आजाद के भाई और भाभी के साथ मौजूद ग्रामीण। संवाद
मैनपुरी। गांव ब्योंती कटरा का रहने वाला आजाद खान 23 साल बाद अपने परिवार से मिलेगा। वर्ष 2002 में एक डकैती के मुकदमे में स्पेशल जज डकैती के न्यायालय से उसको उम्रकैद की सजा हुई थी। वह 20 साल से बरेली की सेंट्रल जेल में बंद है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद से बरी होने पर उसके परिवार वाले काफी खुश हैं।
थाना एलाऊ के गांव ब्योंती कटरा में ओमप्रकाश पांडेय के घर में वर्ष 2000 में डकैती पड़ी थी। डकैती डालने का आरोप लगाकर गांव के रहने वाले आजाद खान सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने भी विवेचना करने के बाद सभी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में भेज दिया था। आजाद खान के अपराध स्वीकार करने पर तत्कालीन स्पेशल जज डकैती ने आजाद खान को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर जेल भेज दिया था। सजा होने के बाद आजाद खान को मैनपुरी जेल से फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेजा गया था।
आजाद खान के भाई मस्तान खान ने बताया कि गांव की रंजिश के चलते आजाद को डकैती के मुकदमे में झूठा फंसाया गया था। मानसिक रूप से तनाव में आने पर उसने परिवार को बिना बताए अपराध स्वीकार कर लिया था। उस समय आजाद की शादी भी नहीं हुई थी। मैनपुरी से सजा होने पर हाईकोर्ट में अपील की थी।
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बुधवार को गांव में मस्तान को अमर उजाला से पता चला कि आजाद को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। अखबार पढ़ने के बाद परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के लोग भी मस्तान के घर पहुंच गए। आजाद के बरी होने को बड़े भाई मस्तान ने जहां न्याय की जीत बताया। वहीं आजाद की भाभी आशा बेगम ने कहा कि ऊपर वाले के यहां देर तो है, लेकिन अंधेर कतई नहीं है।
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थाना एलाऊ के गांव ब्योंती कटरा में ओमप्रकाश पांडेय के घर में वर्ष 2000 में डकैती पड़ी थी। डकैती डालने का आरोप लगाकर गांव के रहने वाले आजाद खान सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने भी विवेचना करने के बाद सभी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में भेज दिया था। आजाद खान के अपराध स्वीकार करने पर तत्कालीन स्पेशल जज डकैती ने आजाद खान को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर जेल भेज दिया था। सजा होने के बाद आजाद खान को मैनपुरी जेल से फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेजा गया था।
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आजाद खान के भाई मस्तान खान ने बताया कि गांव की रंजिश के चलते आजाद को डकैती के मुकदमे में झूठा फंसाया गया था। मानसिक रूप से तनाव में आने पर उसने परिवार को बिना बताए अपराध स्वीकार कर लिया था। उस समय आजाद की शादी भी नहीं हुई थी। मैनपुरी से सजा होने पर हाईकोर्ट में अपील की थी।
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बुधवार को गांव में मस्तान को अमर उजाला से पता चला कि आजाद को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। अखबार पढ़ने के बाद परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के लोग भी मस्तान के घर पहुंच गए। आजाद के बरी होने को बड़े भाई मस्तान ने जहां न्याय की जीत बताया। वहीं आजाद की भाभी आशा बेगम ने कहा कि ऊपर वाले के यहां देर तो है, लेकिन अंधेर कतई नहीं है।