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Mainpuri News: चेहरे को बेरंग कर सकता है मिलावटी अबीर-गुलाल और रंग
Fri, 27 Feb 2026 12:04 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Fri, 27 Feb 2026 12:04 AM IST
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फोटो 16 बाजार में सड़क किनारे बिक्री के लिए रखा गुलाल। संवाद
मैनपुरी। होली पर मिलावटी अबीर-गुलाल और रंग चेहरे को बेरंग कर सकता है। बाजार में मिलावटी अबीर-गुलाल और केमिकल रंगों की भरमार है। जानकारी के अभाव में ग्राहक इनकी खरीदारी कर रहे हैं। मिलावटी रंगों से त्वचा संबंधी रोग और छाले हो सकते है। इसलिए रंग की खरीदारी करते समय सावधानी की आवश्यकता है। बाजार में 20 रुपये से लेकर 250 रुपये किलो की दर से गुलाल उपलब्ध है।
होली का रंग बाजारों में छाया हुआ है। लोग त्योहार को उत्साह के साथ मनाने के लिए घरेलू उपयोग की वस्तुओं, खाद्य सामग्री, पिचकारियां, मुखौटे और अबीर-गुलाल की खूब बिक्री हो रही है। त्योहार से बाजारों में मिलावटी अबीर-गुलाल और केमिकल रंगों की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। जानकारी के अभाव और सस्ते के चक्कर में ग्राहक इन घातक रंगों की खरीदारी कर रहे हैं।
जानकार बताते हैं कि अबीर-गुलाल को बनाने में बालू, मिट्टी, सेलखड़ी और टाइल्स पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। लोग इनकी खरीदारी कर रहे हैं। ये मिलावटी अबीर-गुलाल और रंगों के इस्तेमाल से त्वचा रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञ अबीर-गुलाल और रंग खरीदते समय सावधानी बरती जाए। हर्बल गुलाल और नेचुरल रंग का इस्तेमाल करने की सलाह दे रहे हैं।
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रंग खेलते समय बरतें सावधानी
- रंग खेलने से पहले शरीर और बालों में अच्छी तरह नारियल तेल या कोल्ड क्रीम लगाएं।
- केमिकल युक्त रंगों के इस्तेमाल से बचें, प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करें।
- आंखों को रंगों से बचाने के लिए चश्मा पहनें, आंख में रंग जाने पर पानी से धोएं, आंखों को रगड़ें नहीं।
- पूरी बांह के सूती और आरामदायक कपड़े पहनें।
वर्जन
मिलावटी अबीर-गुलाल और केमिकल रंगों के इस्तेमाल से त्वचा संबंधी रोग हो सकते हैं। इसमें चेहरे पर चकत्ते, जलन, छाले होना शामिल हैं अबीर-गुलाल और रंगों की खरीदारी में सावधानी बरतनी चाहिए। प्राकृतिक वस्तुओं से बने गुलाल और रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए। - डॉ़ चंद्रमोहन सक्सेना, चिकित्सक
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होली का रंग बाजारों में छाया हुआ है। लोग त्योहार को उत्साह के साथ मनाने के लिए घरेलू उपयोग की वस्तुओं, खाद्य सामग्री, पिचकारियां, मुखौटे और अबीर-गुलाल की खूब बिक्री हो रही है। त्योहार से बाजारों में मिलावटी अबीर-गुलाल और केमिकल रंगों की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। जानकारी के अभाव और सस्ते के चक्कर में ग्राहक इन घातक रंगों की खरीदारी कर रहे हैं।
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जानकार बताते हैं कि अबीर-गुलाल को बनाने में बालू, मिट्टी, सेलखड़ी और टाइल्स पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। लोग इनकी खरीदारी कर रहे हैं। ये मिलावटी अबीर-गुलाल और रंगों के इस्तेमाल से त्वचा रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञ अबीर-गुलाल और रंग खरीदते समय सावधानी बरती जाए। हर्बल गुलाल और नेचुरल रंग का इस्तेमाल करने की सलाह दे रहे हैं।
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रंग खेलते समय बरतें सावधानी
- रंग खेलने से पहले शरीर और बालों में अच्छी तरह नारियल तेल या कोल्ड क्रीम लगाएं।
- केमिकल युक्त रंगों के इस्तेमाल से बचें, प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करें।
- आंखों को रंगों से बचाने के लिए चश्मा पहनें, आंख में रंग जाने पर पानी से धोएं, आंखों को रगड़ें नहीं।
- पूरी बांह के सूती और आरामदायक कपड़े पहनें।
वर्जन
मिलावटी अबीर-गुलाल और केमिकल रंगों के इस्तेमाल से त्वचा संबंधी रोग हो सकते हैं। इसमें चेहरे पर चकत्ते, जलन, छाले होना शामिल हैं अबीर-गुलाल और रंगों की खरीदारी में सावधानी बरतनी चाहिए। प्राकृतिक वस्तुओं से बने गुलाल और रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए। - डॉ़ चंद्रमोहन सक्सेना, चिकित्सक

फोटो 16 बाजार में सड़क किनारे बिक्री के लिए रखा गुलाल। संवाद