{"_id":"1-85458","slug":"Mainpuri-85458-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन घंटे में हालात काबू में कर पाई पुलिस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन घंटे में हालात काबू में कर पाई पुलिस
Mainpuri
Updated Tue, 26 Aug 2014 05:30 AM IST
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मैनपुरी। अलग-अलग समुदाय के युवक-युवतियों के प्रेम संबंध आलीपुर खेड़ा के अमन-चैन और सौहार्द पर भारी पड़ रहे हैं। दो माह के भीतर यह दूसरी घटना है, जब दोनों समुदाय टकराए। जुलाई में हुए बवाल की आग अभी ठंडी भी न पड़ी थी कि रविवार को दबी हुई आग फिर भड़क उठी। पुलिस को स्थिति काबू में करने में तीन घंटे लग गए, वह भी तब जब पहले से ही कस्बे को लेकर सतर्क थी।
दोनों पक्षों के बीच तनाव दो माह से चला आ रहा है। इसको लेकर पुलिस सतर्क तो नहीं रही लेकिन तनाव समाप्त कराने के प्रयास नहीं हुए। दो माह जिस लड़की को लेकर बवाल हुआ था, उसे फिर से दूसरे समुदाय का युवक कासगंज स्थित उसकी रिश्तेदारी से उठाकर ले गया। उस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होने से भी लोगों में आक्रोश था। रविवार को स्थिति हुई घटना के बाद स्थिति और बिगड़ गई। पहले से अधिक बवाल हुआ। पहले एक खोखे में आग जनी हुई थी इस बार सात खोखे जले। पुलिस और एसडीएम पर हमला किया गया। पुलिस लोगों के आक्रोश को नहीं भांप पाई। भीड़ ने दूसरे समुदाय के युवक को बंदी बनाकर उसकी जमकर धुनाई लगाई। यही नहीं उसे पेड़ से बांधकर जिंदा जलाने की भी कोशिश की। हालांकि कुछ लोगों के समझाने पर उग्र भीड़ रूक गई। मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स ने युवक को भीड़ के चंगुल से मुक्त कराया और दोनों को थाना भोगांव भेज दिया। घटना स्थल से आलीपुरखेड़ा की चौकी कुछ कदम की दूरी पर ही है। यदि मामला शुरू होते ही पुलिस ने कार्रवाई की होती मामला इतना नहीं बढ़ता। वहीं देर रात चौकी इंचार्ज की तहरीर पर थाना भोगांव में पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पुलिस को जिम्मेदार मान रहे हिंदूवादी, भाजपा
मैनपुरी। हिंदूवादी और भाजपा कार्यकर्ता रविवार को हुए सांप्रदायिक बवाल के लिए पुलिस की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार मान रहे हैं। उनका कहना है कि यदि पुलिस दो माह पहले वाले केस में समुदाय विशेष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करती तो कस्बे में इस प्रकार के कांड की पुनरावृत्ति नहीं होती। उस मामले में पुलिस शुरू से ही आरोपी पक्ष का बचाव करती रही।
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पूर्व विधायक अशोक चौहान पहुंचे
मैनपुरी। पूर्व सदर विधायक अशोक चौहान घटना की जानकारी मिलते ही रविवार की शाम को थाना भोगांव पहुंचे। उन्होंने बताया कि रविवार की घटना में भी पुलिस समुदाय विशेष के युवक को बचाने में लगी रही। उनके पहुंचने के बाद ही पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने यदि अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो वह आने वाले दिनों में इसका परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
सपा नेताओं ने बनाई दूरी
मैनपुरी। वहीं इतना बड़ा बवाल होने के बाद भी समाजवादी पार्टी का कोई भी पदाधिकारी या जनप्रतिनिधि घटनास्थल तो दूर कस्बे में झांकने तक नहीं पहुंचा। पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने वहां जाना तक मुनासिब नहीं समझा। लोगों का कहना है कि चुनाव के चलते पार्टी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। शायद इसके चलते ही यह निर्णय लिया गया है।
आठवीं कक्षा से चल रहे हैं प्रेम संबंध
मैनपुरी। सूत्रों के अनुसार युवती और युवक दोनों ही कस्बे के प्राइवेट स्कूल में कक्षा आठ में पढ़ते थे। तभी से ही उनके प्रेम संबंध है। जो अभी तक चले आ रहे हैं। वह कक्षा आठ और नौ में एक साथ पढ़े थे।
युवक और युवती दोनों शादीशुदा
मैनपुरी। मोबाइल की दुकान के अंदर पकड़े गए युवक और युवती दोनों ही शादीशुदा हैं। युवक की शादी पांच वर्ष पूर्व हुई है। उसके दो बच्चे हैं। वहीं युवती की शादी गाजियाबाद में रहने वाले एक प्रापर्टी डीलर से इसी वर्ष 25 जनवरी को हुई है। वह यहां रक्षाबंधन पर आई थी और तभी से मायके में रह रही है।
पुलिस ने चार उठाए
मैनपुरी। बवाल के दौरान पुलिस अधिकारियों ने वीडियो रिकार्डिंग और फोटोग्राफी करवाई। इसके बाद देर रात तक दबिश देने का क्रम जारी रहा। खबर लिखे जाने तक पुलिस एक ही समुदाय के चार लोगों को हिरासत में ले चुकी थी। सूत्रों के अनुसार देर रात चारों लोगों को पुलिस ने थाना भोगांव से हटाकर मैनपुरी भेज दिया। वहीं आरोपी युवक थाना भोगांव में ही था। जबकि युवती को महिला थाना भेज दिया गया था।
दोनों समुदाय के खोखों में लगाई आग
मैनपुरी। उपद्रवियों ने बवाल के दौरान दोनों समुदाय के लोगों के प्रतिष्ठानों में आग लगाई। उन्होंने किसी को भी बख्शा। उपद्रवियों ने कमरुद्दीन के दो खोखों में, शानू खां के एक खोखा में, मिजाजी के एक खोखा में, वाहिद खां के एक खोखा में, रायबहादुर के दो खोखों में और थानेदार के एक खोखा में आग लगा दी। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग को बुझाया लेकिन तब तक सभी खोखे पूरी तरह जल चुके थे।
मीडिया कर्मी भी हुए घायल
मैनपुरी। बवाल में दो मीडियाकर्मी भी उपद्रवियों के शिकार बने। पथराव में जहां एक मडियाकर्मी का सिर फट गया। वहीं एक अन्य का कैमरा युवकों ने छीन लिया। हालांकि बाद में कैमरा युवकों ने वापस कर दिया।
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दोनों पक्षों के बीच तनाव दो माह से चला आ रहा है। इसको लेकर पुलिस सतर्क तो नहीं रही लेकिन तनाव समाप्त कराने के प्रयास नहीं हुए। दो माह जिस लड़की को लेकर बवाल हुआ था, उसे फिर से दूसरे समुदाय का युवक कासगंज स्थित उसकी रिश्तेदारी से उठाकर ले गया। उस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होने से भी लोगों में आक्रोश था। रविवार को स्थिति हुई घटना के बाद स्थिति और बिगड़ गई। पहले से अधिक बवाल हुआ। पहले एक खोखे में आग जनी हुई थी इस बार सात खोखे जले। पुलिस और एसडीएम पर हमला किया गया। पुलिस लोगों के आक्रोश को नहीं भांप पाई। भीड़ ने दूसरे समुदाय के युवक को बंदी बनाकर उसकी जमकर धुनाई लगाई। यही नहीं उसे पेड़ से बांधकर जिंदा जलाने की भी कोशिश की। हालांकि कुछ लोगों के समझाने पर उग्र भीड़ रूक गई। मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स ने युवक को भीड़ के चंगुल से मुक्त कराया और दोनों को थाना भोगांव भेज दिया। घटना स्थल से आलीपुरखेड़ा की चौकी कुछ कदम की दूरी पर ही है। यदि मामला शुरू होते ही पुलिस ने कार्रवाई की होती मामला इतना नहीं बढ़ता। वहीं देर रात चौकी इंचार्ज की तहरीर पर थाना भोगांव में पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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पुलिस को जिम्मेदार मान रहे हिंदूवादी, भाजपा
मैनपुरी। हिंदूवादी और भाजपा कार्यकर्ता रविवार को हुए सांप्रदायिक बवाल के लिए पुलिस की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार मान रहे हैं। उनका कहना है कि यदि पुलिस दो माह पहले वाले केस में समुदाय विशेष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करती तो कस्बे में इस प्रकार के कांड की पुनरावृत्ति नहीं होती। उस मामले में पुलिस शुरू से ही आरोपी पक्ष का बचाव करती रही।
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पूर्व विधायक अशोक चौहान पहुंचे
मैनपुरी। पूर्व सदर विधायक अशोक चौहान घटना की जानकारी मिलते ही रविवार की शाम को थाना भोगांव पहुंचे। उन्होंने बताया कि रविवार की घटना में भी पुलिस समुदाय विशेष के युवक को बचाने में लगी रही। उनके पहुंचने के बाद ही पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने यदि अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो वह आने वाले दिनों में इसका परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
सपा नेताओं ने बनाई दूरी
मैनपुरी। वहीं इतना बड़ा बवाल होने के बाद भी समाजवादी पार्टी का कोई भी पदाधिकारी या जनप्रतिनिधि घटनास्थल तो दूर कस्बे में झांकने तक नहीं पहुंचा। पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने वहां जाना तक मुनासिब नहीं समझा। लोगों का कहना है कि चुनाव के चलते पार्टी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। शायद इसके चलते ही यह निर्णय लिया गया है।
आठवीं कक्षा से चल रहे हैं प्रेम संबंध
मैनपुरी। सूत्रों के अनुसार युवती और युवक दोनों ही कस्बे के प्राइवेट स्कूल में कक्षा आठ में पढ़ते थे। तभी से ही उनके प्रेम संबंध है। जो अभी तक चले आ रहे हैं। वह कक्षा आठ और नौ में एक साथ पढ़े थे।
युवक और युवती दोनों शादीशुदा
मैनपुरी। मोबाइल की दुकान के अंदर पकड़े गए युवक और युवती दोनों ही शादीशुदा हैं। युवक की शादी पांच वर्ष पूर्व हुई है। उसके दो बच्चे हैं। वहीं युवती की शादी गाजियाबाद में रहने वाले एक प्रापर्टी डीलर से इसी वर्ष 25 जनवरी को हुई है। वह यहां रक्षाबंधन पर आई थी और तभी से मायके में रह रही है।
पुलिस ने चार उठाए
मैनपुरी। बवाल के दौरान पुलिस अधिकारियों ने वीडियो रिकार्डिंग और फोटोग्राफी करवाई। इसके बाद देर रात तक दबिश देने का क्रम जारी रहा। खबर लिखे जाने तक पुलिस एक ही समुदाय के चार लोगों को हिरासत में ले चुकी थी। सूत्रों के अनुसार देर रात चारों लोगों को पुलिस ने थाना भोगांव से हटाकर मैनपुरी भेज दिया। वहीं आरोपी युवक थाना भोगांव में ही था। जबकि युवती को महिला थाना भेज दिया गया था।
दोनों समुदाय के खोखों में लगाई आग
मैनपुरी। उपद्रवियों ने बवाल के दौरान दोनों समुदाय के लोगों के प्रतिष्ठानों में आग लगाई। उन्होंने किसी को भी बख्शा। उपद्रवियों ने कमरुद्दीन के दो खोखों में, शानू खां के एक खोखा में, मिजाजी के एक खोखा में, वाहिद खां के एक खोखा में, रायबहादुर के दो खोखों में और थानेदार के एक खोखा में आग लगा दी। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग को बुझाया लेकिन तब तक सभी खोखे पूरी तरह जल चुके थे।
मीडिया कर्मी भी हुए घायल
मैनपुरी। बवाल में दो मीडियाकर्मी भी उपद्रवियों के शिकार बने। पथराव में जहां एक मडियाकर्मी का सिर फट गया। वहीं एक अन्य का कैमरा युवकों ने छीन लिया। हालांकि बाद में कैमरा युवकों ने वापस कर दिया।