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ठंड से कांपे लोग, धूप के लिए तरसे
Mainpuri
Updated Sun, 06 Jan 2013 05:30 AM IST
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मैनपुरी। कड़ाके की शीतलहर ने लोगों को कंपकपाने पर विवश कर दिया है। दोपहर तक छाई रही घने कोहरे की परत ने सड़कों पर आवागमन बाधित कर दिया। ठंड से कांपते लोग पूरे दिन धूप के लिए तरसते रहे। मौसम में बढ़ी नमी से हर कोई परेशान है। सर्द हवाओं की मार से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चला है। न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
शनिवार को सुबह इस कदर घना कोहरा था कि पांच मीटर दूरी का भी कुछ नजर नहीं आ रहा था। पूर्वाह्न 11 बजे तक कोहरे के कारण आवागमन प्रभावित रहा। कोहरे के बाद बदलीयुक्त मौसम के चलते सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके।
इन दिनों वातावरण में अधिक नमी होने के चलते हर वस्तु बेहद ठंडी और भीगे होने का एहसास करा रही है। शीतलहर और बढ़ी आद्रता के चलते लोग सुबह एवं रात के समय गलन भरी सर्दी से खासे परेशान हैं। बाजारों में ठंड की वजह से पूरे दिन सन्नाटा रहा। दुकानदार कई स्थानों पर सामूहिक रुप से अलाव जलाकर सर्दी से निजात पाते नजर आए। ठंड के कारण लोग घरों में दुबके रहे। अत्यावश्यक कामकाज से ही लोग घरों से बाहर कपड़ों के लबादे के साथ निकले और जल्द ही घरों में वापस हो गए।
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चरमराई परिवहन व्यवस्था
लगातार बढ़ रही सर्दी और कोहरे के चलते परिवहन व्यवस्था चरमरा कर रह गई है। रोडवेज बसों के आने का कोई समय निश्चित नहीं रह गया है। घने कोहरे के चलते बसें बेहद धीमी गति से चल रहीं हैं। रात और सुबह आने वाली बसें दो से चार घंटे तक विलंब से पहुंच रहीं हैं। दिल्ली की ओर से रात में और अल सुबह आने वाली बसें तो चार से पांच घंटे देर से पहुंच रहीं हैं। कुछ यही हाल लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद और आगरा की ओर से आने वाली बसों का है। बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों का और भी बुरा हाल है। कई बसों के शीशे टूटे होने से यात्रियों को सर्द हवाएं सहते हुए यात्रा करने को विवश होना पड़ रहा है।
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कालेजों में उपस्थित हुई कम
भले ही कक्षा आठ तक के स्कूलों में छह जनवरी तक के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया हो, लेकिन इंटर और डिग्री कालेजों में अवकाश नहीं होने की दशा में छात्र-छात्राओं को कड़ाके की सर्दी के बीच ठिठुरते हुए कालेज जाना पड़ रहा है। निरंतर जारी शीतलहर के चलते कालेजों में छात्र-छात्राओं की संख्या में भी खासी कमी देखी जा रही है। शीतलहर के चलते कालेजों में 35 से 40 फीसदी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम हुई है।
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शनिवार को सुबह इस कदर घना कोहरा था कि पांच मीटर दूरी का भी कुछ नजर नहीं आ रहा था। पूर्वाह्न 11 बजे तक कोहरे के कारण आवागमन प्रभावित रहा। कोहरे के बाद बदलीयुक्त मौसम के चलते सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके।
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इन दिनों वातावरण में अधिक नमी होने के चलते हर वस्तु बेहद ठंडी और भीगे होने का एहसास करा रही है। शीतलहर और बढ़ी आद्रता के चलते लोग सुबह एवं रात के समय गलन भरी सर्दी से खासे परेशान हैं। बाजारों में ठंड की वजह से पूरे दिन सन्नाटा रहा। दुकानदार कई स्थानों पर सामूहिक रुप से अलाव जलाकर सर्दी से निजात पाते नजर आए। ठंड के कारण लोग घरों में दुबके रहे। अत्यावश्यक कामकाज से ही लोग घरों से बाहर कपड़ों के लबादे के साथ निकले और जल्द ही घरों में वापस हो गए।
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चरमराई परिवहन व्यवस्था
लगातार बढ़ रही सर्दी और कोहरे के चलते परिवहन व्यवस्था चरमरा कर रह गई है। रोडवेज बसों के आने का कोई समय निश्चित नहीं रह गया है। घने कोहरे के चलते बसें बेहद धीमी गति से चल रहीं हैं। रात और सुबह आने वाली बसें दो से चार घंटे तक विलंब से पहुंच रहीं हैं। दिल्ली की ओर से रात में और अल सुबह आने वाली बसें तो चार से पांच घंटे देर से पहुंच रहीं हैं। कुछ यही हाल लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद और आगरा की ओर से आने वाली बसों का है। बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों का और भी बुरा हाल है। कई बसों के शीशे टूटे होने से यात्रियों को सर्द हवाएं सहते हुए यात्रा करने को विवश होना पड़ रहा है।
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कालेजों में उपस्थित हुई कम
भले ही कक्षा आठ तक के स्कूलों में छह जनवरी तक के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया हो, लेकिन इंटर और डिग्री कालेजों में अवकाश नहीं होने की दशा में छात्र-छात्राओं को कड़ाके की सर्दी के बीच ठिठुरते हुए कालेज जाना पड़ रहा है। निरंतर जारी शीतलहर के चलते कालेजों में छात्र-छात्राओं की संख्या में भी खासी कमी देखी जा रही है। शीतलहर के चलते कालेजों में 35 से 40 फीसदी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम हुई है।