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Mahoba News: आज से 30 साल कौ हो गऔ हमाओ जिला महोबा
Mon, 10 Feb 2025 11:50 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Mon, 10 Feb 2025 11:50 PM IST
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वीर आल्हा। संवाद
- फोटो : वीर आल्हा। संवाद
महोबा। आज से 30 साल कौ हो गऔ हमाओ जिला महोबा। इन 30 सालन में विकास तो बहोत भऔ पै अबैं बहोत काऊ की जरूरत रहई गई। यह बात स्थानीय भाषा में शहर के नागरिक आपस में कर रहे हैं। महोबा जिले का सृजन आज से तीन दशक पहले नाटकीय अंदाज में हुआ था। मंगलवार को अपना महोबा जनपद सृजन के हिसाब से 30 वर्ष का हो जाएगा। अल्पमत में आई सरकार को बचाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने महोबा आकर जिले की घोषणा की थी। वह अपने साथ हेलीकाॅप्टर में पहले जिलाधिकारी को भी लाए थे।
बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि वर्ष 1995 में मुलायम सरकार अल्पमत में आ गई थी। सरकार बचाने के लिए एक विधायक की जरूरत थी। समर्थन हासिल करने के लिए मुलायम सिंह ने महोबा के विधायक अरिमर्दन सिंह को मंत्री पद की पेशकश दी। अरिमर्दन ने मंत्री पद ठुकरा कर महोबा को जिला बनाने की शर्त तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के समक्ष रख दी। 11 फरवरी 1995 को मुलायम सिंह हेलीकॉप्टर से महोबा पहुंचे। उनके साथ आईएएस उमेश सिन्हा भी थे। महोबा को जिला घोषित कर मुख्यमंत्री ने उमेश सिन्हा को पहला जिलाधिकारी नियुक्त कर दिया। उस समय महोबा जनपद हमीरपुर की तहसील हुआ करता था। हमीरपुर से पृथक कर आल्हा-ऊदल की नगरी महोबा को अलग जिला घोषित किया गया था। जिले के सृजन के लिए लंबे समय आंदोलन भी चला।
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विकास तो हुआ लेकिन कई सपने अभी भी अधूरे
महोबा। जनपद महोबा का 30 साल का सफर मंगलवार को पूरा हो रहा है। जिला युवा अवस्था में पहुंच गया है। इन तीन दशकों में महोबा को बहुत कुछ मिला लेकिन कई सपने अभी भी अधूरे हैं। इसमें मुख्य समस्या है शहर में पेयजल की। विभिन्न वार्डों में अभी भी पानी नहीं पहुंच रहा है। विभिन्न इलाकों में दो दिन में एक बार ही पानी की आपूर्ति मिल रही है। इसके अलावा जिला पुरुष व महिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी बरकरार है। इससे यह अस्पताल रेफर सेंटर बन कर रह गए हैं। राजकीय महिला महाविद्यालय की स्थापना भी इन 30 सालों में नहीं हो सकी। ऐसे में बालिकाओं को उच्च शिक्षा हासिल करने में दिक्कत हो रही है। जिले के अक्ठौंहा गांव में स्पोर्ट्स कॉलेज दो साल से प्रस्तावित है लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ। औद्योगिक क्षेत्र न होने से यहां के लोगों को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ता है। शहर की यातायात व्यवस्था भी धड़ाम है। रोडवेज से लेकर परमानंद तिराहा व नगर पालिका कार्यालय से लेकर हवेली दरवाजा तक दिन में कई बार जाम लग रहा है।
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आज मिलेगा सम्मान
महोबा। मंगलवार को जनपद महोबा के सृजन की वर्षगांठ पर शहर के आल्हा चौक स्थित अंबेडकर पार्क में बुंदेली समाज के तत्वावधान में महोबा जिला स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इस मौके पर महोबा जिला बनाओ आंदोलन के मुख्य स्तंभ स्व. पुष्कल सिंह की स्मृति में महोबा में अच्छे कार्य करने वाले नागरिकों को भी सम्मानित किया जाएगा।
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बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि वर्ष 1995 में मुलायम सरकार अल्पमत में आ गई थी। सरकार बचाने के लिए एक विधायक की जरूरत थी। समर्थन हासिल करने के लिए मुलायम सिंह ने महोबा के विधायक अरिमर्दन सिंह को मंत्री पद की पेशकश दी। अरिमर्दन ने मंत्री पद ठुकरा कर महोबा को जिला बनाने की शर्त तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के समक्ष रख दी। 11 फरवरी 1995 को मुलायम सिंह हेलीकॉप्टर से महोबा पहुंचे। उनके साथ आईएएस उमेश सिन्हा भी थे। महोबा को जिला घोषित कर मुख्यमंत्री ने उमेश सिन्हा को पहला जिलाधिकारी नियुक्त कर दिया। उस समय महोबा जनपद हमीरपुर की तहसील हुआ करता था। हमीरपुर से पृथक कर आल्हा-ऊदल की नगरी महोबा को अलग जिला घोषित किया गया था। जिले के सृजन के लिए लंबे समय आंदोलन भी चला।
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विकास तो हुआ लेकिन कई सपने अभी भी अधूरे
महोबा। जनपद महोबा का 30 साल का सफर मंगलवार को पूरा हो रहा है। जिला युवा अवस्था में पहुंच गया है। इन तीन दशकों में महोबा को बहुत कुछ मिला लेकिन कई सपने अभी भी अधूरे हैं। इसमें मुख्य समस्या है शहर में पेयजल की। विभिन्न वार्डों में अभी भी पानी नहीं पहुंच रहा है। विभिन्न इलाकों में दो दिन में एक बार ही पानी की आपूर्ति मिल रही है। इसके अलावा जिला पुरुष व महिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी बरकरार है। इससे यह अस्पताल रेफर सेंटर बन कर रह गए हैं। राजकीय महिला महाविद्यालय की स्थापना भी इन 30 सालों में नहीं हो सकी। ऐसे में बालिकाओं को उच्च शिक्षा हासिल करने में दिक्कत हो रही है। जिले के अक्ठौंहा गांव में स्पोर्ट्स कॉलेज दो साल से प्रस्तावित है लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ। औद्योगिक क्षेत्र न होने से यहां के लोगों को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ता है। शहर की यातायात व्यवस्था भी धड़ाम है। रोडवेज से लेकर परमानंद तिराहा व नगर पालिका कार्यालय से लेकर हवेली दरवाजा तक दिन में कई बार जाम लग रहा है।
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आज मिलेगा सम्मान
महोबा। मंगलवार को जनपद महोबा के सृजन की वर्षगांठ पर शहर के आल्हा चौक स्थित अंबेडकर पार्क में बुंदेली समाज के तत्वावधान में महोबा जिला स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इस मौके पर महोबा जिला बनाओ आंदोलन के मुख्य स्तंभ स्व. पुष्कल सिंह की स्मृति में महोबा में अच्छे कार्य करने वाले नागरिकों को भी सम्मानित किया जाएगा।