फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Was built at a cost of millions deserted shops

लाखों लागत से बनी दुकानें हुई वीरान

Wed, 14 Jan 2015 10:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा Updated Wed, 14 Jan 2015 10:56 PM IST
विज्ञापन
Was built at a cost of millions deserted shops
तीन दशक पहले पालिका प्रशासन ने सब्जी मंडी परिसर में  लाखों रुपये लगाकर तीन दर्जन दुकानें बनाई थीं। जिससे कि दुकानदार दुकानों में बैठकर सब्जी बेंचे।  इसके लिए प्रति दुकान 700-1,000 रुपये किराया निर्धारित किया गया था। किराया कम होने के बाद भी लोगों ने इन्हें किराए पर नहीं लिया। नगर पालिका के अधिकारियाें की उदासीनता के चलते दुकानें धूल खा रही हैं। एक माह पहले चले अतिक्रमण हटाओ अभियान दौरान सब्जी विक्रेताओं की दुकानों को सड़क से हटाकर पक्की दुकानाें में शिफ्ट नहीं कराया गया। जिससे राजस्व की खासी क्षति हो रही है। वहीं इन दुकानों का उपयोग लोग जानवराें को बांधने में कर रहे हैं। लाखाें रुपये की लागत से बनाई गई दुकानाें की अभी तक लागत तक नहीं निकल सकी है।
विज्ञापन

 
सड़क पर दुकानें लगाने से लगता जाम  
नगर पालिका द्वारा सब्जी मंडी में पक्की दुकानें बनवाए जाने के बाद भी सब्जी विक्रेता फुटपाथ पर सब्जी लगाकर अपना काम चला रहे हैं। जिससे सब्जी मंडी मार्ग से निकलने में लोगाें को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। सड़क के दोनाें तरफ सब्जी विक्रेताआें द्वारा फुटपाथ पर सब्जी लगाने से मार्ग संकरा हो गया है। इससे राहगीराें व अन्य लोगाें को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
विज्ञापन



नगर पालिका द्वारा सब्जी मंडी में बनाई गई दुकानाें में कब्जे की जानकारी नहीं है। अगर लोगों ने कब्जा कर रखा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।   
विज्ञापन
विज्ञापन

- पुष्पा अनुरागी, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद महोबा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed