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बजट न मिलने पर गोशाला बंद करने की दी चेतावनी
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श्रीनगर (महोबा)। कबरई विकासखंड के ग्राम पंचायत भंडरा में संचालित गोशाला प्रशासन द्वारा धन उपलब्ध न कराए जाने के चलते बंद होने के कगार पर है। ग्राम प्रधान ने जिला प्रशासन को 4 अक्तूबर तक का अल्टीमेटम दे दिया है कि अगर जल्द ही चारे-भूसे के लिए धन मुहैया नहीं कराया गया तो पांच अक्तूबर से गोशाला में बंद पशुओं को सड़कों पर छोड़ दिया जाएगा।
प्रत्येक ग्राम पंचायतों में अन्ना जानवरों को सुरक्षित रखने के लिए गोशालाओं का निर्माण कराया गया लेकिन प्रशासन द्वारा गोवंशों की रखरखाव के लिए बजट की व्यवस्था नहीं की गई। जिसका नतीजा यह है कि अधिकांश गोशालाएं बंद होने की कगार पर है। ताजा मामला ग्राम पंचायत भंडरा का है। जहां पर 5 अगस्त 2019 को गोशाला चालू की गई। इसमें लगभग 640 गोवंश हैं। इनके लिए चारा-भूसा व पानी की व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरा जैसी है।
दो माह बीत जाने पर ग्राम प्रधान द्वारा कई बार जिले के जिम्मेदार अधिकारियों से बजट उपलब्ध कराए जाने की मांग की लेकिन महज एक लाख की चेक उपलब्ध कराई गई। ग्राम प्रधान राजाराम का कहना है कि एक माह में लगभग पांच लाख का खर्च आ रहा है। ऐसी स्थिति में गोशाला चालू रखना नामुमकिन है। अगर जिला प्रशासन धन उपलब्ध नहीं कराता है तो 5 अक्टूबर से गोशाला बंद कर दी जाएगी और गोवंशों को छोड़ दिया जाएगा।
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प्रत्येक ग्राम पंचायतों में अन्ना जानवरों को सुरक्षित रखने के लिए गोशालाओं का निर्माण कराया गया लेकिन प्रशासन द्वारा गोवंशों की रखरखाव के लिए बजट की व्यवस्था नहीं की गई। जिसका नतीजा यह है कि अधिकांश गोशालाएं बंद होने की कगार पर है। ताजा मामला ग्राम पंचायत भंडरा का है। जहां पर 5 अगस्त 2019 को गोशाला चालू की गई। इसमें लगभग 640 गोवंश हैं। इनके लिए चारा-भूसा व पानी की व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरा जैसी है।
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दो माह बीत जाने पर ग्राम प्रधान द्वारा कई बार जिले के जिम्मेदार अधिकारियों से बजट उपलब्ध कराए जाने की मांग की लेकिन महज एक लाख की चेक उपलब्ध कराई गई। ग्राम प्रधान राजाराम का कहना है कि एक माह में लगभग पांच लाख का खर्च आ रहा है। ऐसी स्थिति में गोशाला चालू रखना नामुमकिन है। अगर जिला प्रशासन धन उपलब्ध नहीं कराता है तो 5 अक्टूबर से गोशाला बंद कर दी जाएगी और गोवंशों को छोड़ दिया जाएगा।
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