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10 करोड़ बकाया होने पर उर्मिल बांध पेयजल परियोजना की काटी बिजली
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बिजली कटने से ठप पड़ा उर्मिल बांध का फिल्टर प्लांट
- फोटो : MAHOBA
श्रीनगर (महोबा)। यूपी-एमपी की सीमा पर बने उर्मिल बांध से महोबा पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत शहर समेत जिले के कई गांव में पेयजल आपूर्ति की जाती है। 19 करोड़ रुपये बिल बकाया होने पर बुधवार की रात को बिजली विभाग के अधिकारियों ने उर्मिल बांध पेयजल परियोजना की बिजली काट दी। इससे पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। पानी की सप्लाई न आने से पानी को लेकर हाहाकार मच गया।
उर्मिल बांध से होने वाली पेयजल आपूर्ति के लिए जल निगम व जल संस्थान ने कनेक्शन कराया था। 33 केवीए पावर स्टेशन श्रीनगर से उर्मिल फीडर को बिजली आपूर्ति की जाती है। उर्मिल फीडर से ही बांध व फिल्टर प्लांट की मोटर चलती हैं। विभागीय अधिकारियों ने कई वर्षों से बिजली का बकाया बिल जमा नहीं किया। बिल बढ़कर 19 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसको लेकर कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन जिम्मेदारों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। फरवरी में एक बार फिर जल निगम व जल संस्थान को विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता ग्रामीण ने बिल जमा करने संबंधी नोटिस जारी किया।
बुधवार की रात को अधिशासी अभियंता विद्युत दयाशंकर विमलेश के आदेश पर विभाग के अवर अभियंता विनय कौशल पांडेय ने जल निगम व जल संस्थान पर 19 करोड़ रुपये बिल बकाया होने पर श्रीनगर फीडर से उमिव्ऱल बांध पेयजल परियोजना की बिजली कटवा दी। उधर डीएम अवधेश कुमार तिवारी बिजली विभाग के एक्सईएन को बिजली कनेक्शन जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
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वर्ष 2008 के बाद शुरू हुई महोबा पुनर्गठन पेयजल योजना का आजतक बिजली का बिल नहीं किया गया। जल निगम ने एक बार तीन करोड़ रुपया बिल जमा किया था, जबकि बिल की वसूली जल संस्थान करता है। तब भी बिजली का बिल जमा नहीं किया जाता है। इतनी बढ़ी बकाया धनराशि के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। शासन से पैसा आने के बाद बिल जमा कराया जाएगा।
संदेश सिंह तोमर, अधिशासी अभियंता, जल निगम
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उर्मिल बांध से होने वाली पेयजल आपूर्ति के लिए जल निगम व जल संस्थान ने कनेक्शन कराया था। 33 केवीए पावर स्टेशन श्रीनगर से उर्मिल फीडर को बिजली आपूर्ति की जाती है। उर्मिल फीडर से ही बांध व फिल्टर प्लांट की मोटर चलती हैं। विभागीय अधिकारियों ने कई वर्षों से बिजली का बकाया बिल जमा नहीं किया। बिल बढ़कर 19 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसको लेकर कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन जिम्मेदारों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। फरवरी में एक बार फिर जल निगम व जल संस्थान को विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता ग्रामीण ने बिल जमा करने संबंधी नोटिस जारी किया।
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बुधवार की रात को अधिशासी अभियंता विद्युत दयाशंकर विमलेश के आदेश पर विभाग के अवर अभियंता विनय कौशल पांडेय ने जल निगम व जल संस्थान पर 19 करोड़ रुपये बिल बकाया होने पर श्रीनगर फीडर से उमिव्ऱल बांध पेयजल परियोजना की बिजली कटवा दी। उधर डीएम अवधेश कुमार तिवारी बिजली विभाग के एक्सईएन को बिजली कनेक्शन जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
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वर्ष 2008 के बाद शुरू हुई महोबा पुनर्गठन पेयजल योजना का आजतक बिजली का बिल नहीं किया गया। जल निगम ने एक बार तीन करोड़ रुपया बिल जमा किया था, जबकि बिल की वसूली जल संस्थान करता है। तब भी बिजली का बिल जमा नहीं किया जाता है। इतनी बढ़ी बकाया धनराशि के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। शासन से पैसा आने के बाद बिल जमा कराया जाएगा।
संदेश सिंह तोमर, अधिशासी अभियंता, जल निगम