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Mahoba News: बुखार से मासूम समेत दो की मौत, आठ को वार्ड में कराया भर्ती
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फोटो 23 एमएएचपी 09 परिचय-वार्ड में भर्ती मौसमी बीमारियों के मरीज। संवाद
-ओपीडी में 754 मरीजों ने कराया उपचार, टायफाइड के दो और मरीज मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जनपद में संक्रामक बीमारियों का कहर जारी है। शुक्रवार को बुखार से मासूम समेत दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, पिछले 24 घंटे में आठ लोगों की बुखार से हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती कराया गया। चिकित्सक सुबह-शाम बेहद सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों व तीमारदारों की भीड़ जुटी। इस दौरान ऑनलाइन पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। इतना ही नहीं पहले पर्चा बनवाने को लेकर कई मरीजों में नोकझोंक हुई। ओपीडी में 754 मरीजों का चिकित्सकों ने उपचार किया। इस दौरान चिकित्सकों की सलाह पर लैब में 100 से अधिक मरीजों के ब्लड सैंपलों की जांच की गई। जिसमें से मरीजों में टायफाइड की पुष्टि हुई। 24 घंटे में कंधी, चिराग, शिवानी, पीहू, मनबोधन, आयशा, आदर्श और सुनील के बुखार से ग्रसित होने पर जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है।
थाना कबरई के सुरहा गांव निवासी बबलू यादव (60) चार बीघा भूमि में खेती-किसानी करता था। वह दो दिन से तेज बुखार से पीड़ित था। सुबह अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। जहां इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉ. अमित राजपूत ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे संजय ने बताया कि बुखार से पिता की मौत हुई है। इसी तरह जनपद बांदा के बच्चीपुरवा निवासी उदयभान महोबा में रहकर काम करता है। दो दिन से उसका डेढ़ वर्षीय बेटा सनी उल्टी-दस्त व बुखार से पीड़ित था। दोपहर को हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लाए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पिता ने बताया कि लगातार उल्टी और बुखार से बेटे की मौत हुई है। उधर, सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि सुबह-शाम पड़ रही हल्की ठंड से बचाव की जरूरत है। ऐसे में बच्चों-बुजुर्गाें पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। लापरवाही बिल्कुल न करें।
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ऐसे करें बचाव
-पानी के साथ नारियल पानी, ओआरएस घोल, नींबू पानी व फलों का रस लें।
-चाय, कॉफी और अन्य कैफीन युक्त पेय पदार्थों को पीने से बचें।
-सामान्य पानी में सूती कपड़ा भिगोकर माथे, गर्दन और तलवों पर पट्टियां रखें, इससे शरीर की गर्मी कम होती है।
-शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए ज्यादा आराम करें।
-जरा सी दिक्कत होने पर चिकित्सक से उपचार कराएं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जनपद में संक्रामक बीमारियों का कहर जारी है। शुक्रवार को बुखार से मासूम समेत दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, पिछले 24 घंटे में आठ लोगों की बुखार से हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती कराया गया। चिकित्सक सुबह-शाम बेहद सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों व तीमारदारों की भीड़ जुटी। इस दौरान ऑनलाइन पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। इतना ही नहीं पहले पर्चा बनवाने को लेकर कई मरीजों में नोकझोंक हुई। ओपीडी में 754 मरीजों का चिकित्सकों ने उपचार किया। इस दौरान चिकित्सकों की सलाह पर लैब में 100 से अधिक मरीजों के ब्लड सैंपलों की जांच की गई। जिसमें से मरीजों में टायफाइड की पुष्टि हुई। 24 घंटे में कंधी, चिराग, शिवानी, पीहू, मनबोधन, आयशा, आदर्श और सुनील के बुखार से ग्रसित होने पर जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है।
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थाना कबरई के सुरहा गांव निवासी बबलू यादव (60) चार बीघा भूमि में खेती-किसानी करता था। वह दो दिन से तेज बुखार से पीड़ित था। सुबह अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। जहां इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉ. अमित राजपूत ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे संजय ने बताया कि बुखार से पिता की मौत हुई है। इसी तरह जनपद बांदा के बच्चीपुरवा निवासी उदयभान महोबा में रहकर काम करता है। दो दिन से उसका डेढ़ वर्षीय बेटा सनी उल्टी-दस्त व बुखार से पीड़ित था। दोपहर को हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लाए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पिता ने बताया कि लगातार उल्टी और बुखार से बेटे की मौत हुई है। उधर, सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि सुबह-शाम पड़ रही हल्की ठंड से बचाव की जरूरत है। ऐसे में बच्चों-बुजुर्गाें पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। लापरवाही बिल्कुल न करें।
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ऐसे करें बचाव
-पानी के साथ नारियल पानी, ओआरएस घोल, नींबू पानी व फलों का रस लें।
-चाय, कॉफी और अन्य कैफीन युक्त पेय पदार्थों को पीने से बचें।
-सामान्य पानी में सूती कपड़ा भिगोकर माथे, गर्दन और तलवों पर पट्टियां रखें, इससे शरीर की गर्मी कम होती है।
-शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए ज्यादा आराम करें।
-जरा सी दिक्कत होने पर चिकित्सक से उपचार कराएं।