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Mahoba News: भारतीय लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
Wed, 25 Mar 2026 11:53 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Wed, 25 Mar 2026 11:53 PM IST
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महोबा। शहर के मां चंद्रिका महिला महाविद्यालय में बुधवार को भारतीय लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका विषय पर संगोष्ठी हुई। जिसमें लोकतंत्र में मतदान के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कहा कि लोकतंत्र की मजबूरी के लिए मतदान बहुत जरूरी है।
संगोष्ठी में मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हमीरपुर जितेंद्र मिश्रा ने संविधान में निहित मूल कर्तव्यों पर प्रकाश डाला। कहा कि सरकार एक मुखिया के रूप में होती है। जितना कर्तव्य मुखिया का होता है उतना ही कर्तव्य घर के अन्य लोगों का होता है। उन्होंने गैस व बिजली के उपयोग और दुरुपयोग की भी जानकारी दी। कहा कि जीवन में आई हुई परिस्थितियों से घबराना नहीं है, उसका डटकर सामना करना है। विशिष्ट अतिथि रामदत्त तिवारी ने लोकतंत्र पर प्रकाश डाला। कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति रुचि नहीं लेता, यही लोकतंत्र की विडंबना है। कहा कि जब तक हमारा मतदाता मत देने के लिए जागरुक नहीं होगा, तब तक सच्चे लोकतंत्र की कल्पना व्यर्थ है। उन्होंने हाईवे जैसी सड़कों के लिए पेड़ कटाव पर चिंता व्यक्त की। प्राचार्य डॉ. ज्योति सिंह ने जीवन में पेड़ों के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान डॉ. नितिन द्विवेदी, धर्मेंद्र अरजरिया आदि मौजूद रहे।
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संगोष्ठी में मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हमीरपुर जितेंद्र मिश्रा ने संविधान में निहित मूल कर्तव्यों पर प्रकाश डाला। कहा कि सरकार एक मुखिया के रूप में होती है। जितना कर्तव्य मुखिया का होता है उतना ही कर्तव्य घर के अन्य लोगों का होता है। उन्होंने गैस व बिजली के उपयोग और दुरुपयोग की भी जानकारी दी। कहा कि जीवन में आई हुई परिस्थितियों से घबराना नहीं है, उसका डटकर सामना करना है। विशिष्ट अतिथि रामदत्त तिवारी ने लोकतंत्र पर प्रकाश डाला। कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति रुचि नहीं लेता, यही लोकतंत्र की विडंबना है। कहा कि जब तक हमारा मतदाता मत देने के लिए जागरुक नहीं होगा, तब तक सच्चे लोकतंत्र की कल्पना व्यर्थ है। उन्होंने हाईवे जैसी सड़कों के लिए पेड़ कटाव पर चिंता व्यक्त की। प्राचार्य डॉ. ज्योति सिंह ने जीवन में पेड़ों के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान डॉ. नितिन द्विवेदी, धर्मेंद्र अरजरिया आदि मौजूद रहे।
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