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Mahoba News: क्यूआर कोड से पता चलेगी बीज की गुणवत्ता
Mon, 23 Feb 2026 12:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Mon, 23 Feb 2026 12:41 AM IST
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महोबा। नकली बीज पर अंकुश लगाने के लिए अब नई व्यवस्था शुरू होने जा रही है। सरकारी व निजी बीज थैलियों पर माह अप्रैल से क्यूआर कोड प्रिंट रहेगा। इसे स्कैन कर किसान जान सकेंगे कि जिस बीज को वह खरीद रहे हैं, वह जांच की कितनी प्रक्रिया से गुजर चुका है। इसके साथ ही साथी एप भी लांच किया जाएगा।
नई व्यवस्था में अप्रैल माह से किसान मोबाइल से कोड स्कैन करते ही बीज की गुणवत्ता, जांच प्रक्रिया, उत्पादन एजेंसी, प्रमाणीकरण समेत पूरी जानकारी बीज लेते समय ही देख सकेंगे। विभाग का दावा है कि इससे किसानों को सही बीज चुनने में सहूलियत मिलेगी और अप्रमाणिक बीज की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
कृषि निदेशालय के निर्देश पर जनपद स्तर से डाटा जुटाया जा रहा। इसमें बीज उत्पादक संस्थाओं, एफपीओ, कृषि विज्ञान केंद्र, बीज कंपनियों, लाइसेंस धारक थोक कारोबारियों व फुटकर विक्रेताओं से विवरण एकत्र किया जाएगा। यह डाटा राज्य कृषि निदेशालय को भेजा जाएगा और साथी (सीड आथेंटिकेशन, ट्रेसबिलिटी एंड होलिस्टिक इन्वेंट्री) पोर्टल पर फीड होगा। जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश सिंह का कहना है कि नई व्यवस्था शुरू होने से किसानों को सही बीज लेने में आसानी होगी।
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नई व्यवस्था में अप्रैल माह से किसान मोबाइल से कोड स्कैन करते ही बीज की गुणवत्ता, जांच प्रक्रिया, उत्पादन एजेंसी, प्रमाणीकरण समेत पूरी जानकारी बीज लेते समय ही देख सकेंगे। विभाग का दावा है कि इससे किसानों को सही बीज चुनने में सहूलियत मिलेगी और अप्रमाणिक बीज की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
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कृषि निदेशालय के निर्देश पर जनपद स्तर से डाटा जुटाया जा रहा। इसमें बीज उत्पादक संस्थाओं, एफपीओ, कृषि विज्ञान केंद्र, बीज कंपनियों, लाइसेंस धारक थोक कारोबारियों व फुटकर विक्रेताओं से विवरण एकत्र किया जाएगा। यह डाटा राज्य कृषि निदेशालय को भेजा जाएगा और साथी (सीड आथेंटिकेशन, ट्रेसबिलिटी एंड होलिस्टिक इन्वेंट्री) पोर्टल पर फीड होगा। जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश सिंह का कहना है कि नई व्यवस्था शुरू होने से किसानों को सही बीज लेने में आसानी होगी।
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