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शोभायात्रा से हुआ कजली मेले का आगाज
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Fri, 19 Aug 2016 11:00 PM IST
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कजली मेले का शुभारंभ करते डीएम।
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर भारत का मशहूर ऐतिहासिक कजली मेला शुक्रवार को शोभायात्रा के साथ शुरू हो गया। इस ग्रामीण मेले में हजारों की भीड़ जुटी। शोभायात्रा में डेढ़ दर्जन से ज्यादा स्कूली बच्चों की झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। मेले में हर व्यक्ति सीसीटीवी कैमरे की नजर है। मेले का शुभारंभ शोभायात्रा से हुआ जिसमें वीरेश्वर सिंह, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और नगर पालिका
अध्यक्ष पुष्पा अनुरागी ने शहीद स्थल हवेली दरवाजा पर फीता काटकर शोभायात्रा को रवाना किया। शोभायात्रा में बैंडबाजाें और रब्बी बाजों के साथ सबसे आगे महिलाएं सिर पर कलश रखकर चल रही थी। इसके बाद घोड़े पर सवार ऊदल का प्रतिरूप और ट्रैक्टरों में सजी जनता जूनियर हाई स्कूल, शेर माता कांवेंट, शिशु भारती, दानिश पब्लिक स्कूल सहित डेढ़
दर्जन से ज्यादा स्कूलों के बच्चों की रानी मल्हना, राजकुमारी चंद्रावल का डोला, शंकर पार्वती, सरदार भगत सिंह की झांकियां शोभायात्रा की रौनक बढ़ा रही थी। पहली बार शोभायात्रा में नवयुवक दुलदुल घोड़ी के रूप में चल रहे थे। इसके अलावा पहली बार भगवान भोले नाथ व प्रभु श्रीराम दरबार संग भगवान हनुमान के रूप में सजे कलाकार आकर्षण का केंद्र रहे।
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शोभायात्रा परंपरागत मार्गों से होते हुए शाम को कीरत सागर तट पर पहुंची। जहां पर सिर पर लेकर पहुंची महिलाओं ने कजलियों का विसर्जन किया। शोभायात्रा देखने के लिए तहसील चौराहा, मुख्य बाजार, ऊदल चौक, पुलिस चौकी सहित तमाम स्थानों पर लोग छतों व सड़क किनारे बैठे रहे। भीड़ को देखते हुए मार्गों को डायवर्ट भी किया गया।
सुरक्षा के लिए सात जिलों का फोर्स
मेले में सुरक्षा के लिए सात जिलों की पुलिस लगाई है। मेला ड्यूटी में तीन डीवाई एसपी, 45 सब इंसपेक्टर, 25 हेड कांस्टेबिल, 146 सिपाही, 20 महिला कांस्टेबिल, 35 यातायात पुलिस कर्मी लगाए गए हैं। इलाहाबाद, प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा और चित्रकूट से पुलिस फोर्स को लगाया गया है। इसके अलावा एक कंपनी पीएसी और एक प्लाटून जल पुलिस भी लगाई गई है। मेला प्रभारी मधुसूदन शुक्ला की देखरेख में मेला स्थल पर तीन अस्थाई चौकियां बनाई गई है।
मेले में दिखेगी बुंदेली संस्कृति की झलक
कजली मेले में बुंदेली संस्कृति की झलक अति सुंदर होगी। मेला 22 तक चलेगा। महोबा संरक्षण एवं विकास समिति द्वारा प्रशासनिक मंच पर 19 अगस्त की शाम आल्हा गायन की शुरूआत हो गई। 20 अगस्त को आल्हा गायन के साथ जवाबी कीर्तन होगा। 21 अगस्त को सुगम नाइट, गजल गायन एवं कथक व बैले का आयोजन होगा। 22 अगस्त को हास्य कवि सम्मेलन होगा।
भरे गए सड़क के गड्ढ़े
कजली मेले को लेकर पालिका प्रशासन द्वारा डस्ट डालकर दुरुस्त कराई गई सड़कें एक ही बारिश में गड्ढ़ों में तब्दील हो गईं। उधर, गड्ढ़ायुक्त सड़कों को दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया। शहर के परमानंद चौराहा, ऊदल चौक, पुलिस चौकी, खोयामंडी आदि स्थानों पर डस्ट डालकर सड़क के गड्ढ़ों को भरा गया।
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अध्यक्ष पुष्पा अनुरागी ने शहीद स्थल हवेली दरवाजा पर फीता काटकर शोभायात्रा को रवाना किया। शोभायात्रा में बैंडबाजाें और रब्बी बाजों के साथ सबसे आगे महिलाएं सिर पर कलश रखकर चल रही थी। इसके बाद घोड़े पर सवार ऊदल का प्रतिरूप और ट्रैक्टरों में सजी जनता जूनियर हाई स्कूल, शेर माता कांवेंट, शिशु भारती, दानिश पब्लिक स्कूल सहित डेढ़
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दर्जन से ज्यादा स्कूलों के बच्चों की रानी मल्हना, राजकुमारी चंद्रावल का डोला, शंकर पार्वती, सरदार भगत सिंह की झांकियां शोभायात्रा की रौनक बढ़ा रही थी। पहली बार शोभायात्रा में नवयुवक दुलदुल घोड़ी के रूप में चल रहे थे। इसके अलावा पहली बार भगवान भोले नाथ व प्रभु श्रीराम दरबार संग भगवान हनुमान के रूप में सजे कलाकार आकर्षण का केंद्र रहे।
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शोभायात्रा परंपरागत मार्गों से होते हुए शाम को कीरत सागर तट पर पहुंची। जहां पर सिर पर लेकर पहुंची महिलाओं ने कजलियों का विसर्जन किया। शोभायात्रा देखने के लिए तहसील चौराहा, मुख्य बाजार, ऊदल चौक, पुलिस चौकी सहित तमाम स्थानों पर लोग छतों व सड़क किनारे बैठे रहे। भीड़ को देखते हुए मार्गों को डायवर्ट भी किया गया।
सुरक्षा के लिए सात जिलों का फोर्स
मेले में सुरक्षा के लिए सात जिलों की पुलिस लगाई है। मेला ड्यूटी में तीन डीवाई एसपी, 45 सब इंसपेक्टर, 25 हेड कांस्टेबिल, 146 सिपाही, 20 महिला कांस्टेबिल, 35 यातायात पुलिस कर्मी लगाए गए हैं। इलाहाबाद, प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा और चित्रकूट से पुलिस फोर्स को लगाया गया है। इसके अलावा एक कंपनी पीएसी और एक प्लाटून जल पुलिस भी लगाई गई है। मेला प्रभारी मधुसूदन शुक्ला की देखरेख में मेला स्थल पर तीन अस्थाई चौकियां बनाई गई है।
मेले में दिखेगी बुंदेली संस्कृति की झलक
कजली मेले में बुंदेली संस्कृति की झलक अति सुंदर होगी। मेला 22 तक चलेगा। महोबा संरक्षण एवं विकास समिति द्वारा प्रशासनिक मंच पर 19 अगस्त की शाम आल्हा गायन की शुरूआत हो गई। 20 अगस्त को आल्हा गायन के साथ जवाबी कीर्तन होगा। 21 अगस्त को सुगम नाइट, गजल गायन एवं कथक व बैले का आयोजन होगा। 22 अगस्त को हास्य कवि सम्मेलन होगा।
भरे गए सड़क के गड्ढ़े
कजली मेले को लेकर पालिका प्रशासन द्वारा डस्ट डालकर दुरुस्त कराई गई सड़कें एक ही बारिश में गड्ढ़ों में तब्दील हो गईं। उधर, गड्ढ़ायुक्त सड़कों को दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया। शहर के परमानंद चौराहा, ऊदल चौक, पुलिस चौकी, खोयामंडी आदि स्थानों पर डस्ट डालकर सड़क के गड्ढ़ों को भरा गया।