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Mahoba News: जिस पेड़ के नीचे शुरू हुई प्रेम कहानी, उसी की डाल पर अंत

Thu, 02 Jul 2026 11:34 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 11:34 PM IST
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The love story began under a tree and ended on the same branch.
फोटो 02 एमएएचपी 09 परिचय-घटना के बाद रोते-बिलखते मृतक के परिजन। संवाद
महोबा। सबुआ गांव के उपेंद्र और चरखारी की युवती के बीच प्रेम का बीज कब पनपा इसकी जानकारी तो परिजन नहीं दे सके। जिस पेड़ के नीचे बैठकर युवक ने अपनी प्रेम कहानी की शुरुआत की उसी पेड़ की डाल से दोनों के शव लटके देख परिजन का कलेजा दहल गया। परिजन को एक बार तो यकीन नहीं हुआ कि उनके कलेजे के टुकड़े अब इस दुनिया से जा चुके हैं। घटना से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
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सबुआ गांव निवासी उपेंद्र के पिता सुंदरलाल किसान है। उपेंद्र तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बड़े भाई पुष्पेंद्र विवाहित है और वह बाहर रहते हैं जबकि मंझला बेटा अशोक घर पर रहता है। परिवार के करीबियों ने बताया कि उपेंद्र गांव में ही रहता था और आरा मशीन में काम करके रोजी-रोटी कमा रहा था। युवती चरखारी की रहने वाली थी। चरखारी सबुआ से करीब आठ किमी दूर है। उसके दो भाई हैं और एक बहन की शादी हो चुकी है। युवती कक्षा पांच तक पढ़ी थी।
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युवती के चाचा अनिल ने बताया कि वह शाम करीब सात बजे से बिना बताए घर से गायब थी। वहीं उपेंद्र भी रात करीब आठ बजे अपनी बाइक घर में खड़ी करने के बाद बिना बताए चला गया था। रात में दोनों के परिजन ने उनकी खोजबीन की लेकिन सुराग नहीं लगा। घटना के दोस्तों ने बताया कि उसने अपनी प्रेम कहानी के बारे में किसी को कुछ नहीं बताया था। इतना जरूर है कि वह आए दिन उसी पेड़ के नीचे बैठकर काफी देर तक बातचीत करता रहता था। अधिकांश समय वह पेड़ के नीचे गुजारता था। पूछने पर वह जवाब नहीं देता था। उसी आम के पेड़ के नीचे दोनों आखिरी बार मिले और उनकी प्रेम की कहानी का यहीं अंत हो गया।
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दोस्त बोले, समस्या बताता उपेंद्र तो निकल आता हल

परिजन ने बताया कि बेटी के प्रेम-प्रसंग के बारे में जरा भी पता नहीं चला। अगर बेटी ने घर से कदम निकाल ही लिए थे तो खुदकुशी करने की क्या जरूरत थी। वह युवक के साथ जाकर कहीं घर ही बसा लेती। उपेंद्र के दोस्तों को भी इस बात की कसक थी कि उसने अपनी समस्या के बारे में किसी को कुछ नहीं बताया। वरना कोई न कोई हल जरूर निकल आता। जान देने की जरूरत नहीं थी।
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