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अस्पताल से महिला को भगाया तो स्वयं पट्टी करने के लिए मजबूर दिखा वृद्घ

Mon, 04 Oct 2021 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 04 Oct 2021 11:51 PM IST
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The hospital is bad, the patient is helpless
महोबा। जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर गईं हैं। इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों से अभद्रता व उन्हें अस्पताल से भगाने के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। इमरजेंसी वार्ड में तैनात कर्मचारी बिना सुविधा शुल्क के कोई काम नहीं कर रहे हैं। प्लास्टर बंधवाने से लेकर टांके लगाने व मरहम पट्टी के नाम पर मरीजों से पैसा वसूला जा रहा है। इसके एवज में मरीजों को किसी प्रकार की कोई रसीद भी नहीं दी जाती। जिला अस्पताल में 24 घंटे के अंदर दो ऐसे मामले आए। जिनसे मानवता शर्मसार हो गई।
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कोतवाली क्षेत्र के पुरा दिदवारा गांव निवासी शिवशंकर (65) पैर में घाव होने पर मरहम पट्टी कराने जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड गया था। जहां तैनात कर्मचारी ने वृद्घ को टहला दिया। आरजू-मिन्नत के बाद भी जब कर्मचारियों ने पट्टी नहीं की तो वृद्घ जमीन में बैठकर स्वयं पट्टी करने लगा। इमरजेंसी वार्ड के ओटी कक्ष की फर्श पर बैठकर मरहम पट्टी कर रहे वृद्घ को देखने के बाद भी कर्मचारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिससे वृद्घ स्वयं पट्टी करने के बाद अस्पताल से चला गया। वृद्घ ने बताया कि उसके पैर में गहरा घाव है। पट्टी कराने आने पर कर्मचारियों ने उसे टरका दिया। मजबूरी में उसने स्वयं मरहम पट्टी की।
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कस्बा कबरई निवासी मानसिक रूप से बीमार महिला फूला सोमवार को इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंची। महिला का आरोप था कि स्वास्थ्य कर्मियों ने इलाज करने की बजाय उसे अस्पताल से धक्के मारकर निकाल दिया। परेशान महिला अस्पताल गेट के सामने ही बीच सड़क पर लेट गई। करीब आधा घंटे तक वाहन महिला को बचाकर निकलते रहे लेकिन किसी ने भी उसे सड़क से उठाने की जहमत नहीं दिखाई। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को अपनी अभिरक्षा में लेकर जांच शुरु कर दी है। अस्पताल से महिला को भगाने की घटना से हर कोई हैरान दिखा।
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इमरजेंसी वार्ड में डायबिटीज बीमारी से ग्रसित वृद्घ अक्सर पट्टी कराने के लिए पहुंचते हैं और स्वयं ही पट्टी कर लेते हैं। हालांकि कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए है कि अस्पताल आने वाले मरीजों का प्राथमिकता से इलाज किया जाए। वहीं महिला को अस्पताल से भगाए जाने की उन्हें जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आरपी मिश्रा
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल, महोबा
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