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नोट बंदी से बढ़ रही लोगों की मुश्किलें

Sun, 20 Nov 2016 09:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा Updated Sun, 20 Nov 2016 09:58 PM IST
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The growing concentration of people suffering
एटीएम के बाहर लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
जिले में नोट बंदी के चलते लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नही ले रही हैं। रविवार को बैंक न खुलने के कारण सुबह से ही लोगों की एटीएम सेंटरों पर भीड़ जुटना शुरू हो गई लेकिन इक्का दुक्का छोड़कर सभी एटीएम बंद होने से लोगों को अपना पैसा निकालने के  लिए घंटों लाइन पर जूझना पड़ा।
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नोटबंदी के चलते जिले में लोगों को फुटकर नोटों की किल्लत बढ़ती जा रही है। हर रोज ग्राहक लाइन पर लगाकर बैंकों से कुछ पैसा निकालकर अपना काम चला रहे हैं वहीं, कुछ किसान भी बैंक से दो-दो हजार रुपये बदलकर खाद बीज का इंतजाम करने में जुटे हैं।
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डाक्टर भी नहीं ले रहे पुराने नोट
शहर के मोहल्ला मकनियापुरा निवासी खरू कुशवाहा के साले नवल किशोर का बरा तिराहे के पास एक्सीडेंट हो जाने से उसे जिला अस्पताल से मेडिकल कालेज झांसी के लिए रेफर कर दिया गया। 500 और 1000 के  नोट न चलने के कारण उसने रिश्तेदारों से पैसा उधार लेकर उपचार कराया। उसका कहना है कि प्राइवेट अस्पताल में डाक्टर भी बड़े नोट नहीं ले रहे है। वहीं, रिवई निवासी रामप्रसाद का कहना है कि उसका बच्चा पिछले कई दिन से बीमार चल रहा है लेकिन बड़े नोट न चलने के कारण उनके सामने समस्या पैदा हो गई है। डाक्टर भी पांच सौ और एक हजार का नोट नहीं ले रहे हैं।
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