फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   The British government has made in building roadways shabby

ब्रिटिश हुकूमत में बनी रोडवेज की इमारत हुई जर्जर

Tue, 02 Jun 2015 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो महोबा
अमर उजाला ब्यूरो महोबा Updated Tue, 02 Jun 2015 11:02 PM IST
विज्ञापन
The British government has made in building roadways shabby
ब्रिटिश हुकूमत में बनी रोडवेज की इमारत जर्जर हो गई है। जिससे बारिश के मौसम में जगह-जगह पानी टपकने से कर्मचारियों और यात्रियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। बावजूद इसके महकमा कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
विज्ञापन

वर्ष 1947 में रोडवेज महोबा की इमारत का निर्माण कराया गया था। उस समय रोडवेज के आसपास कोई भी मकान दुकान नहीं थी, चाराें तरफ जंगल ही जंगल था। लोग देरशाम को रोडवेज आने में डरते थे। उस समय महोबा शहर की आबादी करीब पंद्रह हजार थी। चरखारी, कुलपहाड़ में भी रोडवेज नहीं था, जिससे इन दोनों तहसीलों के लोगों को बाहर जाने के लिए महोबा आकर बसों का सहारा लेना पड़ता था। परिवहन विभाग ने उस समय रोडवेज की इमारत का निर्माण कराया था, जो अब छह दशक बाद जर्जर हो गई है। बारिश के मौसम में रोडवेज की इमारत के कुछ हिस्से में पानी टपकता है, वहीं रोडवेज बसों को छाया में खड़ा करने के लिए लगाए गए टीनशेडों से भी पानी टपकता है, जिससे टीनशेड के नीचे खड़े होने वाले यात्री भीग जाते हैं। रोडवेज के निर्माण के समय सड़क से चार फिर ऊंचा बनाया गया परिसर अब सड़क से दो फिट नीचा हो गया है, जिससे सड़क का पानी परिसर में भर जाता है। और यात्रियों को बसों तक पहुंचने के लिए पानी में से होकर जाना पड़ता है।
विज्ञापन


रोडवेज की बाउंड्री के किनारे अतिक्रमण से होती है दिक्कत
रोडवेज इमारत के निर्माण के समय जहां आसपास कोई नजर नहीं आता था, आज रोडवेज के चारो तरफ सड़क छोड़कर पैर रखने की जगह नहीं बची है। रोडवेज शहर का सबसे भीड़भाड़ वाला इलाका बन गया है, इतना ही नहीं रोडवेज की बाउंड्री के किनारे कई दुकानदारों ने अवैध कब्जे कर लिए हैं, जिससे रोडवेज की बसें अंदर- बाहर आने जाने में चालकों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले बाजार में भी नहीं लगता था जाम
शहर की रोडवेज से पहले बाजार के पास शिशु शिक्षा निकेतन के करीब बना था रोडवेज। उस समय पुराने रोडवेज के पास बाजार में होने के बाद भी बड़ी बड़ी बसें धड़ल्ले से निकलती थीं। ट्रैफिक की कोई समस्या नहीं थी, लेकिन बदलते वक्त के साथ बहुत कुछ बदल गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed