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Mahoba News: खेत गईं तीन सगी बहनों के कुएं में उतराते मिले शव
Wed, 12 Nov 2025 12:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Wed, 12 Nov 2025 12:08 AM IST
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फोटो 11 एमएएचपी 14 परिचय-मृतका पुष्पा। फाइल फोटो
महोबा/अजनर। थाना अजनर के आरी गांव में बड़ी बहन के साथ खेत गईं तीन सगी बहनों के शव सोमवार की देर रात कुएं में उतराते मिले। सूचना मिलते ही चित्रकूटधाम परिक्षेत्र बांदा के डीआईजी राजेश एस ने पुलिस अधिकारियोंं के साथ घटनास्थल पहुंच जांच की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों बहनों की मौत पानी में डूबने से होने की पुष्टि हुई है। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मृतकोंं के परिजनों को हर संभव सरकारी सहायता दिलाए जाने का भरोसा दिया है।
आरी गांव निवासी रामलाल उर्फ रम्मू अहिरवार की चार बेटियां रेखा (11), रूचि (08), दीक्षा (07) व पुष्पा (04) सोमवार की दोपहर गाय लेकर खेत गईं थीं। दोपहर करीब दो बजे रुचि, दीक्षा और पुष्पा घर जाने की बात कहकर निकल आईं। शाम को जब रेखा गाय लेकर घर पहुंची तो तीनों बहनों के घर में न मिलने पर परिजनों को सूचना दी। तब परिजनों ने खोजबीन शुरू की। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों और परिजनों के सहयोग से बालिकाओं को खोजने का काम शुरू किया। देर रात करीब 11 बजे तीनों बहनों के शव खेत के पास बने कुएं में उतराते मिले। घटना के समय मां अनुसुइया सास भवानीबाई के साथ सीएचसी जैतपुर में नसबंदी ऑपरेशन कराने गई थी जबकि पिता रामलाल किसी कार्य से बाहर गया था।
देर रात पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह व अपर एसपी वंदना सिंह मौके पर पहुंची और घटना की जांच की। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि कुएं के पास खेलते समय एक बच्ची पहले गिरी। उसे बचाने में दोनोंं बहनें भी डूब गईं। इससे तीनोंं की मौत हुई। बालिकाओं के चाचा मूलचंद्र ने बताया कि चारों भतीजी दोपहर के खेत गईं थीं। तीन छोटी बहनों को रेखा ने सड़क पार कराकर घर भेज दिया था लेकिन वह नहीं पहुंची और देर रात उनके शव कुएं में उतराते मिले। मंगलवार को डीआईजी ने गांव पहुंच प्रधान व ग्रामीणों से जानकारी ली और परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। डीआईजी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों बालिकाओं के डूबने से मौत होने की पुष्टि हुई है। एक साथ तीन बहनों की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल रहा।
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आरी गांव निवासी रामलाल उर्फ रम्मू अहिरवार की चार बेटियां रेखा (11), रूचि (08), दीक्षा (07) व पुष्पा (04) सोमवार की दोपहर गाय लेकर खेत गईं थीं। दोपहर करीब दो बजे रुचि, दीक्षा और पुष्पा घर जाने की बात कहकर निकल आईं। शाम को जब रेखा गाय लेकर घर पहुंची तो तीनों बहनों के घर में न मिलने पर परिजनों को सूचना दी। तब परिजनों ने खोजबीन शुरू की। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों और परिजनों के सहयोग से बालिकाओं को खोजने का काम शुरू किया। देर रात करीब 11 बजे तीनों बहनों के शव खेत के पास बने कुएं में उतराते मिले। घटना के समय मां अनुसुइया सास भवानीबाई के साथ सीएचसी जैतपुर में नसबंदी ऑपरेशन कराने गई थी जबकि पिता रामलाल किसी कार्य से बाहर गया था।
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देर रात पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह व अपर एसपी वंदना सिंह मौके पर पहुंची और घटना की जांच की। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि कुएं के पास खेलते समय एक बच्ची पहले गिरी। उसे बचाने में दोनोंं बहनें भी डूब गईं। इससे तीनोंं की मौत हुई। बालिकाओं के चाचा मूलचंद्र ने बताया कि चारों भतीजी दोपहर के खेत गईं थीं। तीन छोटी बहनों को रेखा ने सड़क पार कराकर घर भेज दिया था लेकिन वह नहीं पहुंची और देर रात उनके शव कुएं में उतराते मिले। मंगलवार को डीआईजी ने गांव पहुंच प्रधान व ग्रामीणों से जानकारी ली और परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। डीआईजी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों बालिकाओं के डूबने से मौत होने की पुष्टि हुई है। एक साथ तीन बहनों की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल रहा।

फोटो 11 एमएएचपी 14 परिचय-मृतका पुष्पा। फाइल फोटो

फोटो 11 एमएएचपी 14 परिचय-मृतका पुष्पा। फाइल फोटो
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