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Mahoba News: कत्थक नृत्य व भोजपुरी भजन संध्या में देर रात तक झूमे दर्शक
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= कजली मेले में आल्हा गायन और ढिमरयाई नृत्य की प्रस्तुतियों ने बांधा समा
= सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने के लिए देर रात तक जुटी रही दर्शकों की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। वीर आल्हा-ऊदल के शौर्य व वीरता के प्रतीक ऐतिहासिक कजली मेले की छठवीं शाम कत्थक नृत्य और भोजपुरी भजन संध्या के नाम रही। कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। आल्हा गायन व ढिमरयाई नृत्य की प्रस्तुतियों ने समां बांधा। देर रात तक चले कृष्ण-राधा के गीतों पर प्रस्तुति देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शकों की भीड़ जुटी रही।
शहर के कीरत सागर तट पर चल रहे कजली मेले में बृहस्पतिवार की रात सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ एडीएम वित्त इंद्रनंदन सिंह ने दीप जला कर किया। पहली प्रस्तुति आल्हा गायन की हुई। गायक रामसजीवन यादव और बलवंत सिंह ने आल्हा-ऊदल की 52 गढ़ की लड़ाइयों का वीर रस में वर्णन सुनाकर दर्शकों में जोश भरा। समीक्षा व दीक्षा पटैरिया ने भजनों की शानदार प्रस्तुति दी। दिनेश सोनी एंड पार्टी ने ढिमरयाई नृत्य से सभी का दिल जीता। कृष्ण मोहन नायक और अंचल सोनी ने भजनों की प्रस्तुति दी।
जनपद के कस्बा कुलपहाड़ के आयुष भार्गव ने गजल गायन की शानदार प्रस्तुति दी। इसके बाद मोहित शुक्ला व प्रेमचंद्र दृष्टि दिव्यांग ग्रुप के गीतकारों ने वो मिट्टी के बेटे जो वापस न लौटे, भगवान शिव पर आरंभ है प्रचंड गीत और अलख निरंजन गीतों की प्रस्तुति दी। राजधानी लखनऊ के रागिनी श्रीवास्तव नृत्यांजलि फाउंडेशन की रागिनी, पर्णिका श्रीवास्तव और अन्य कलाकारों ने कत्थक नृत्य पेश किया। इस दौरान उन्होंने कान्हा खेलत ब्रज में होली सखा संग, कालिया मर्दन, कृष्ण-गोपी लीला का मंचन, कान्हा-कान्हा तेरे संग बांधी है डोरी और कृष्णा-कृष्णा भक्ति गीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
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शहर के संदीप चंदेल एंड पार्टी के कलाकारों ने अमर क्रांतिकारी पं. परमानंद खरे के संघर्ष पर काला पानी नाट्य का मंचन किया। मंचन में अंग्रेज अफसर का सिपाहियों से बातचीत, दादा-पं. परमानंद का वार्तालाप, संगठन से लोगों को जोड़ने के दौरान युवा कृपाल सिंह को शामिल करना, माता-पिता से पं. परमानंद से मिलना, संगठन में बंगाल जाने की बात बताना, कृपाल, परमानंद व जोरावर का बंगाल जाकर शस्त्र लाना, अंग्रेजों से वार्तालाप और कृपाल की चुगली पर अंग्रेज अफसर का उसे सिपाहियों से कैद करने का मंचन दिखाया गया। कार्यक्रम का आकर्षण अंतिम प्रस्तुति भोजपुरी भजन संध्या की रही। इस कार्यक्रम की एंकरिंग राणा सिंह ने की।
जनपद जौनपुर के गायक रवींद्र सिंह ज्योति ने भजन व ए राजा जी एकरे त रहल की प्रस्तुति दी। बिहार की महिला गीतकार अर्चना तिवारी ने एकल भोजपुरी गीत और हरछठ पर्व पर गीत की प्रस्तुति दी। इसके अलावा दोनों ने कृष्ण जन्म पर सोहर गीत की नंद घर जनम ले लही कन्हैया ने, सांची कहे तौरे आवन से हमरे आंगन में आई बहार भौजी, हां हम तो भइया हैं जी यूपी के भइया हैं जी, रलिया बैरन पिया को लिए जाए रे आदि युगल गीतों की प्रस्तुति के साथ सांस्कृतिक मंच के कार्यक्रमों का समापन हुआ। कार्यक्रमों का संचालन अपर्णा नायक ने किया। इस मौके पर सीडीओ बलराम कुमार, बचत अधिकारी देवेश कुमार, पर्यटन अधिकारी डाॅ. चित्रगुप्त श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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महिलाओं ने की खरीदारी, बच्चों ने लिया झूलों का आनंद
महोबा। शहर के ऐतिहासिक कीरत सागर तट पर चले रहे कजली मेले में लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। महिलाएं जहां मेले में सजी दुकानों से जमकर खरीदारी कर रही हैं। वहीं बच्चे और युवा झूलों व खेल-तमाशों का आनंद उठा रहे हैं। मेले में झूले और दुकानें 12 सितंबर तक लगी रहेंगी। (संवाद)
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सम्मेलन में व्यापारियों को दी गई जानकारी
महोबा। कजली मेले के सांस्कृतिक मंच पर शुक्रवार की दोपहर व्यापारी एवं उद्यमी सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें व्यापारियों को विभिन्न योजनाओं व जीएसटी एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। जीएसटी कमिश्नर नीरज सेंगर ने उद्यमियों को जीएसटी में पंजीयन और उसके लाखों की जानकारी दी। वहीं, उद्योग विभाग के महेशचंद्र सरोज ने व्यापारियों को विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। इस मौके पर व्यापारी सेवक नंदवानी, रामजी गुप्ता, मनु गुप्ता मौजूद रहे। (संवाद)
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= सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने के लिए देर रात तक जुटी रही दर्शकों की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। वीर आल्हा-ऊदल के शौर्य व वीरता के प्रतीक ऐतिहासिक कजली मेले की छठवीं शाम कत्थक नृत्य और भोजपुरी भजन संध्या के नाम रही। कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। आल्हा गायन व ढिमरयाई नृत्य की प्रस्तुतियों ने समां बांधा। देर रात तक चले कृष्ण-राधा के गीतों पर प्रस्तुति देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शकों की भीड़ जुटी रही।
शहर के कीरत सागर तट पर चल रहे कजली मेले में बृहस्पतिवार की रात सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ एडीएम वित्त इंद्रनंदन सिंह ने दीप जला कर किया। पहली प्रस्तुति आल्हा गायन की हुई। गायक रामसजीवन यादव और बलवंत सिंह ने आल्हा-ऊदल की 52 गढ़ की लड़ाइयों का वीर रस में वर्णन सुनाकर दर्शकों में जोश भरा। समीक्षा व दीक्षा पटैरिया ने भजनों की शानदार प्रस्तुति दी। दिनेश सोनी एंड पार्टी ने ढिमरयाई नृत्य से सभी का दिल जीता। कृष्ण मोहन नायक और अंचल सोनी ने भजनों की प्रस्तुति दी।
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जनपद के कस्बा कुलपहाड़ के आयुष भार्गव ने गजल गायन की शानदार प्रस्तुति दी। इसके बाद मोहित शुक्ला व प्रेमचंद्र दृष्टि दिव्यांग ग्रुप के गीतकारों ने वो मिट्टी के बेटे जो वापस न लौटे, भगवान शिव पर आरंभ है प्रचंड गीत और अलख निरंजन गीतों की प्रस्तुति दी। राजधानी लखनऊ के रागिनी श्रीवास्तव नृत्यांजलि फाउंडेशन की रागिनी, पर्णिका श्रीवास्तव और अन्य कलाकारों ने कत्थक नृत्य पेश किया। इस दौरान उन्होंने कान्हा खेलत ब्रज में होली सखा संग, कालिया मर्दन, कृष्ण-गोपी लीला का मंचन, कान्हा-कान्हा तेरे संग बांधी है डोरी और कृष्णा-कृष्णा भक्ति गीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
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शहर के संदीप चंदेल एंड पार्टी के कलाकारों ने अमर क्रांतिकारी पं. परमानंद खरे के संघर्ष पर काला पानी नाट्य का मंचन किया। मंचन में अंग्रेज अफसर का सिपाहियों से बातचीत, दादा-पं. परमानंद का वार्तालाप, संगठन से लोगों को जोड़ने के दौरान युवा कृपाल सिंह को शामिल करना, माता-पिता से पं. परमानंद से मिलना, संगठन में बंगाल जाने की बात बताना, कृपाल, परमानंद व जोरावर का बंगाल जाकर शस्त्र लाना, अंग्रेजों से वार्तालाप और कृपाल की चुगली पर अंग्रेज अफसर का उसे सिपाहियों से कैद करने का मंचन दिखाया गया। कार्यक्रम का आकर्षण अंतिम प्रस्तुति भोजपुरी भजन संध्या की रही। इस कार्यक्रम की एंकरिंग राणा सिंह ने की।
जनपद जौनपुर के गायक रवींद्र सिंह ज्योति ने भजन व ए राजा जी एकरे त रहल की प्रस्तुति दी। बिहार की महिला गीतकार अर्चना तिवारी ने एकल भोजपुरी गीत और हरछठ पर्व पर गीत की प्रस्तुति दी। इसके अलावा दोनों ने कृष्ण जन्म पर सोहर गीत की नंद घर जनम ले लही कन्हैया ने, सांची कहे तौरे आवन से हमरे आंगन में आई बहार भौजी, हां हम तो भइया हैं जी यूपी के भइया हैं जी, रलिया बैरन पिया को लिए जाए रे आदि युगल गीतों की प्रस्तुति के साथ सांस्कृतिक मंच के कार्यक्रमों का समापन हुआ। कार्यक्रमों का संचालन अपर्णा नायक ने किया। इस मौके पर सीडीओ बलराम कुमार, बचत अधिकारी देवेश कुमार, पर्यटन अधिकारी डाॅ. चित्रगुप्त श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
महिलाओं ने की खरीदारी, बच्चों ने लिया झूलों का आनंद
महोबा। शहर के ऐतिहासिक कीरत सागर तट पर चले रहे कजली मेले में लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। महिलाएं जहां मेले में सजी दुकानों से जमकर खरीदारी कर रही हैं। वहीं बच्चे और युवा झूलों व खेल-तमाशों का आनंद उठा रहे हैं। मेले में झूले और दुकानें 12 सितंबर तक लगी रहेंगी। (संवाद)
सम्मेलन में व्यापारियों को दी गई जानकारी
महोबा। कजली मेले के सांस्कृतिक मंच पर शुक्रवार की दोपहर व्यापारी एवं उद्यमी सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें व्यापारियों को विभिन्न योजनाओं व जीएसटी एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। जीएसटी कमिश्नर नीरज सेंगर ने उद्यमियों को जीएसटी में पंजीयन और उसके लाखों की जानकारी दी। वहीं, उद्योग विभाग के महेशचंद्र सरोज ने व्यापारियों को विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। इस मौके पर व्यापारी सेवक नंदवानी, रामजी गुप्ता, मनु गुप्ता मौजूद रहे। (संवाद)