{"_id":"6994b3d2a002e5f8ee0a9d01","slug":"the-audience-danced-a-lot-on-jeene-ke-hain-chaar-din-mahoba-news-c-225-1-mah1002-122580-2026-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: जीने के हैं चार दिन पर खूब थिरके दर्शक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: जीने के हैं चार दिन पर खूब थिरके दर्शक
Wed, 18 Feb 2026 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Wed, 18 Feb 2026 12:00 AM IST
विज्ञापन
फोटो 17 एमएएचपी 18 परिचय-सूर्य महोत्सव में आल्हा गायन की प्रस्तुति देते चरन सिंह। संवाद
महोबा। जीने के हैं चार दिन, बाकी सब बेकार दिन जैसे गीतों की धुन पर सूर्य महोत्सव की आखिरी शाम युवा जमकर थिरके। यह शाम बॉलीवुड नाइट में आए कलाकार हर्षित सक्सेना और माधुरी डे के नाम रही। देर रात तक कार्यक्रम देखने के लिए दर्शकों की भीड़ जुटी रही।
शहर के मोदी ग्राउंड में चल रहे सूर्य महोत्सव की आखिरी शाम की शुरुआत आनंद कुमार और चरन सिंह के आल्हा गायन के साथ हुई। उन्होंने पृथ्वीराज चौहान के महोबा में आक्रमण के बाद छिड़े युद्ध का वर्णन आल्हा गायन के माध्यम से किया। खट्-खट् तेगा बाजे, छपक-छपक चले तलवार के जरिए उन्होंने युद्ध का सचित्र वर्णन करने का प्रयास किया।
इसके बाद अमर सिंह ने तबला वादन की शानदार प्रस्तुति दी। रविंद्र कुशवाहा के लोकनृत्य की प्रस्तुति को भी लोगों ने खूब सराहा। संगीता तिवारी ने लोक गायन करके लोगों का खूब मनोरंजन किया। महुबे में चंद्रिका मां, ऊंचे हनुमान, आल्हा और ऊदल से वीर हैं जहां, गुण गा लो धरा बुंदेली के गीत के जरिए उन्होंने महोबा और पूरे बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासत का वर्णन किया।
विज्ञापन
इसके बाद मंच संचालन कर रहीं शिक्षिका अपर्णा नायक ने बॉलीवुड नाइट प्रोग्राम के लिए माइक एंकर आकृति को सौंपा। आकृति ने इसमें पहले कलाकार के रूप में गायिका माधुरी डे को मंच पर बुलाया।
माधुरी ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत महिषासुर मर्दनी स्तोत्रम की प्रस्तुति के साथ की। सैंयारा तू तो बदला नहीं है, मौसम जरा सा रूठा हुआ है गीत गाकर उन्होंने माहौल को रोमांटिक कर दिया। सुन रहा है न तू, रो रही हूं मैं गीत की प्रस्तुति भी शानदार रही। ये हंसीं वादियां ये खुला आसमां, आ गए हम कहां, ऐ मेरे साजना...गीत ने फिर से माहौल को खुशनुमा कर दिया।
इसके बाद मंच पर आए हर्षित सक्सेना ने इक हसीना थी, एक दीवाना था, क्या उमर थी, क्या समां था, क्या जमाना था गीत गाकर युवाओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
इंडियाज गॉट टेलेंट के प्रतिभागी हर्षित ने दूसरी प्रस्तुति के रूप में गीत जरा सी दिल में दे जगह तू, जरा सा अपना ले बना गाया। उनके गाए जीने के हैं चार दिन, बाकी सब बेकार दिन और लगावे लु जब लिपिस्टिक, हिलेला पूरा डिस्टिक जैसे गीतों की धुन पर देर रात तक युवा नाचते नजर आए।
इस मौके पर पूर्व सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी, भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा, सुलभ सक्सेना, जिलाधिकारी गजल भारद्वाज, एडीएम कुंवर पंकज, पर्यटन सूचना अधिकारी चित्रगुप्त श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
शहर के मोदी ग्राउंड में चल रहे सूर्य महोत्सव की आखिरी शाम की शुरुआत आनंद कुमार और चरन सिंह के आल्हा गायन के साथ हुई। उन्होंने पृथ्वीराज चौहान के महोबा में आक्रमण के बाद छिड़े युद्ध का वर्णन आल्हा गायन के माध्यम से किया। खट्-खट् तेगा बाजे, छपक-छपक चले तलवार के जरिए उन्होंने युद्ध का सचित्र वर्णन करने का प्रयास किया।
विज्ञापन
इसके बाद अमर सिंह ने तबला वादन की शानदार प्रस्तुति दी। रविंद्र कुशवाहा के लोकनृत्य की प्रस्तुति को भी लोगों ने खूब सराहा। संगीता तिवारी ने लोक गायन करके लोगों का खूब मनोरंजन किया। महुबे में चंद्रिका मां, ऊंचे हनुमान, आल्हा और ऊदल से वीर हैं जहां, गुण गा लो धरा बुंदेली के गीत के जरिए उन्होंने महोबा और पूरे बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासत का वर्णन किया।
विज्ञापन
इसके बाद मंच संचालन कर रहीं शिक्षिका अपर्णा नायक ने बॉलीवुड नाइट प्रोग्राम के लिए माइक एंकर आकृति को सौंपा। आकृति ने इसमें पहले कलाकार के रूप में गायिका माधुरी डे को मंच पर बुलाया।
माधुरी ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत महिषासुर मर्दनी स्तोत्रम की प्रस्तुति के साथ की। सैंयारा तू तो बदला नहीं है, मौसम जरा सा रूठा हुआ है गीत गाकर उन्होंने माहौल को रोमांटिक कर दिया। सुन रहा है न तू, रो रही हूं मैं गीत की प्रस्तुति भी शानदार रही। ये हंसीं वादियां ये खुला आसमां, आ गए हम कहां, ऐ मेरे साजना...गीत ने फिर से माहौल को खुशनुमा कर दिया।
इसके बाद मंच पर आए हर्षित सक्सेना ने इक हसीना थी, एक दीवाना था, क्या उमर थी, क्या समां था, क्या जमाना था गीत गाकर युवाओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
इंडियाज गॉट टेलेंट के प्रतिभागी हर्षित ने दूसरी प्रस्तुति के रूप में गीत जरा सी दिल में दे जगह तू, जरा सा अपना ले बना गाया। उनके गाए जीने के हैं चार दिन, बाकी सब बेकार दिन और लगावे लु जब लिपिस्टिक, हिलेला पूरा डिस्टिक जैसे गीतों की धुन पर देर रात तक युवा नाचते नजर आए।
इस मौके पर पूर्व सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी, भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा, सुलभ सक्सेना, जिलाधिकारी गजल भारद्वाज, एडीएम कुंवर पंकज, पर्यटन सूचना अधिकारी चित्रगुप्त श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

फोटो 17 एमएएचपी 18 परिचय-सूर्य महोत्सव में आल्हा गायन की प्रस्तुति देते चरन सिंह। संवाद

फोटो 17 एमएएचपी 18 परिचय-सूर्य महोत्सव में आल्हा गायन की प्रस्तुति देते चरन सिंह। संवाद

फोटो 17 एमएएचपी 18 परिचय-सूर्य महोत्सव में आल्हा गायन की प्रस्तुति देते चरन सिंह। संवाद

फोटो 17 एमएएचपी 18 परिचय-सूर्य महोत्सव में आल्हा गायन की प्रस्तुति देते चरन सिंह। संवाद