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दलदल में रहने को मजबूर गोवंश, नैपुरा गोशाला दो गोवंश ने तोड़ा दम
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पनवाड़ी (महोबा)। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी से ज्यादातर गोवंश भटक रहे हैं। वहीं बारिश के बाद गोशालाओं में अव्यवस्थाओं की भरमार है। गोवंश सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। ग्राम पंचायत नैपुरा में बनी गोशाला में भूसा चारा और पानी के अभाव में दो गोवंश ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद उन्हें बिना पोस्टमार्टम के ही दफना दिया गया।
ब्लॉक पनवाड़ी के ग्राम पंचायत नैपुरा में गोशाला में अव्यवस्थाओं से दो गोवंश ने दम तोड़ दिया। बारिश के बाद गोशाला में गोशाला में गोवंश बीमार पड़ रहे लेकिन उन्हे चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिससे अब अन्य गोवंश भी मौत का इंतजार कर रहे हैं।
ग्रामीणों द्वारा गोवंश संरक्षण के लिए कई बार शिकायत के बाद भी समस्याएं जस की तस बनीं हुईं हैं। गोशाला में एक छोटे से टिनशेड में सभी गोवंश नहीं आ पाते हैं। जिससे गोवंश दलदल में खड़े रहकर बीमार पड़ रहे हैं। पंचायत सचिव अभिषेक चौरसिया का कहना है कि एक सप्ताह पहले ही मैने चार्ज लिया है बजट कम है सरकार की गाइड लाइन है पहले स्कूलों का कायाकल्प फिर सचिवालय का इसके बाद किसी और में खर्च किया जाएगा। गोशाला में 100 मवेशी पंजीकृत है। भूसा के लिए जगह न होने पर दूसरी जगह रखा है।
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नैपुरा गांव का बीते दिन निरीक्षण किया था जहां पर कुछ जानवर बीमार हैं। गोवंश के मरने की जानकारी नहीं हैं, जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।
राजेश सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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ब्लॉक पनवाड़ी के ग्राम पंचायत नैपुरा में गोशाला में अव्यवस्थाओं से दो गोवंश ने दम तोड़ दिया। बारिश के बाद गोशाला में गोशाला में गोवंश बीमार पड़ रहे लेकिन उन्हे चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिससे अब अन्य गोवंश भी मौत का इंतजार कर रहे हैं।
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ग्रामीणों द्वारा गोवंश संरक्षण के लिए कई बार शिकायत के बाद भी समस्याएं जस की तस बनीं हुईं हैं। गोशाला में एक छोटे से टिनशेड में सभी गोवंश नहीं आ पाते हैं। जिससे गोवंश दलदल में खड़े रहकर बीमार पड़ रहे हैं। पंचायत सचिव अभिषेक चौरसिया का कहना है कि एक सप्ताह पहले ही मैने चार्ज लिया है बजट कम है सरकार की गाइड लाइन है पहले स्कूलों का कायाकल्प फिर सचिवालय का इसके बाद किसी और में खर्च किया जाएगा। गोशाला में 100 मवेशी पंजीकृत है। भूसा के लिए जगह न होने पर दूसरी जगह रखा है।
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नैपुरा गांव का बीते दिन निरीक्षण किया था जहां पर कुछ जानवर बीमार हैं। गोवंश के मरने की जानकारी नहीं हैं, जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।
राजेश सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी