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बेलाताल स्टेशन में हो ट्रेनों का ठहराव, यात्री सुविधाएं बढ़ाई जाएं
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चाय की चुस्की के साथ चुनावी चर्चा करते नागरिक।
- फोटो : MAHOBA
बेलाताल (महोबा )। बेलाताल स्टेशन में ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाएं बढ़ाने के लिए लंबे समय से मांग चल रही है। सोमवार को हनुमान जी की पुलिया के निकट नारायण चाय वाले की दुकान पर लोगों ने चाय की चुस्की के साथ जैतपुर के विकास को लेकर मन की बात कही।
जैतपुर निवासी रघुवीर सिंह राठौर कहते हैं कि 10 वर्षों से बेलाताल रेलवे स्टेशन पर संपर्क क्रांति और इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर ग्रामीण संघर्ष कर रहे हैं। दो बार ग्रामीण बेलाताल रेलवे स्टेशन में एक-एक हफ्ते का अनशन भी कर चुके हैं। अनशन के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर बड़े-बड़े वादे किए गए लेकिन परिणाम शून्य रहा। उन्होंने कहा बेलाताल रेलवे स्टेशन से लगभग एक सैकड़ा से अधिक गांव जुड़े हैं जहां से भारी संख्या में यात्रियों का प्रतिदिन आना जाना रहता है। इस बार विकास के मुद्दे को लेकर मतदान किया जाएगा।
अभिजीत मंडल उर्फ बंटी कहते हैं कि विगत कई वर्षों से जैतपुर को नगर पंचायत का दर्जा दिलाए जाने को लेकर समय-समय पर ग्रामीण आवाज उठाते रहे हैं। जैतपुर की आबादी को देखा जाए नगर पंचायत के मानकों को लगभग पूर्ण कर चुकी है। लेकिन जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते जैतपुर आज भी नगर पंचायत की बाट जोह रहा है। हृदेश माली ने कहा कि आजादी के बाद अब तक बेलाताल चौकी को रिपोर्टिंग चौकी का दर्जा तक नहीं मिल सका है। जबकि चौकी क्षेत्र से जैतपुर समेत 17 गांव लगे हुए हैं। दूरदराज से आने वाले लोगों को छोटी छोटी सी बातों की रिपोर्ट लिखाने के लिए कुलपहाड़ थाना जाना पड़ता है। सभी को मौका मिला है लेकिन किसी ने यहां के मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया है।
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जैतपुर निवासी रघुवीर सिंह राठौर कहते हैं कि 10 वर्षों से बेलाताल रेलवे स्टेशन पर संपर्क क्रांति और इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर ग्रामीण संघर्ष कर रहे हैं। दो बार ग्रामीण बेलाताल रेलवे स्टेशन में एक-एक हफ्ते का अनशन भी कर चुके हैं। अनशन के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर बड़े-बड़े वादे किए गए लेकिन परिणाम शून्य रहा। उन्होंने कहा बेलाताल रेलवे स्टेशन से लगभग एक सैकड़ा से अधिक गांव जुड़े हैं जहां से भारी संख्या में यात्रियों का प्रतिदिन आना जाना रहता है। इस बार विकास के मुद्दे को लेकर मतदान किया जाएगा।
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अभिजीत मंडल उर्फ बंटी कहते हैं कि विगत कई वर्षों से जैतपुर को नगर पंचायत का दर्जा दिलाए जाने को लेकर समय-समय पर ग्रामीण आवाज उठाते रहे हैं। जैतपुर की आबादी को देखा जाए नगर पंचायत के मानकों को लगभग पूर्ण कर चुकी है। लेकिन जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते जैतपुर आज भी नगर पंचायत की बाट जोह रहा है। हृदेश माली ने कहा कि आजादी के बाद अब तक बेलाताल चौकी को रिपोर्टिंग चौकी का दर्जा तक नहीं मिल सका है। जबकि चौकी क्षेत्र से जैतपुर समेत 17 गांव लगे हुए हैं। दूरदराज से आने वाले लोगों को छोटी छोटी सी बातों की रिपोर्ट लिखाने के लिए कुलपहाड़ थाना जाना पड़ता है। सभी को मौका मिला है लेकिन किसी ने यहां के मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया है।
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