{"_id":"57a7694e4f1c1b27112b91c6","slug":"sitting-on-fasting-for-ams","type":"story","status":"publish","title_hn":"एम्स के लिए उपवास पर बैठे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एम्स के लिए उपवास पर बैठे
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Sun, 07 Aug 2016 10:31 PM IST
विज्ञापन
आल्हा चौक में उपवास पर बैठे बुंदेली समाज के लोग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुंदेली समाज ने एम्स समेत 13 सूत्रीय मांगों के लिए रविवार से आल्हा चौक में उपवास शुरू कर दिया है। इनमें एम्स के अलावा जिला अस्पताल की हालत सुधारने, बिजली संकट रोकने, मीट की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरण कराने की मांग प्रमुख हैं। आल्हा चौक में उपवास पर बैठे बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकार ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा पिछड़ा
बुंदेलखंड है। महोबा की अब तक हर मामले में भारी उपेक्षा हुई है। न तो केंद्र सरकार ने न्याय किया और नहीं राज्य सरकार ने। अब यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संरक्षक सुखनंदन सिंह यादव व अरुण चतुर्वेदी ने कहा सरकार से 200 यूनिट बिजली माफ करने, 90 फीसदी सब्सिडी पर सोलर पैनल उपलब्ध कराने, शुद्ध पेयजल मुहैया कराने, सभी प्रमुख चौराहों
पर सुलभ शौचालय बनवाने, कजली मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाने, घासीराम द्वारा हस्त लिखित आल्हा खंड को लंदन म्यूजियम से वापस मंगाने, गोखारगिरि सहित सभी पहाड़ों पर मौजूद दुर्लभ जड़ी बूटियों की पहचान के लिए एनबीआरआई लखनऊ की टीम बुलाने आदि की मांग शामिल हैं। उपवास में केजी द्विवेदी, लाखन तोमर, प्रभात सुल्लेरे, अजय बरसैया, कल्लू चौरसिया आदि लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुंदेलखंड है। महोबा की अब तक हर मामले में भारी उपेक्षा हुई है। न तो केंद्र सरकार ने न्याय किया और नहीं राज्य सरकार ने। अब यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संरक्षक सुखनंदन सिंह यादव व अरुण चतुर्वेदी ने कहा सरकार से 200 यूनिट बिजली माफ करने, 90 फीसदी सब्सिडी पर सोलर पैनल उपलब्ध कराने, शुद्ध पेयजल मुहैया कराने, सभी प्रमुख चौराहों
विज्ञापन
पर सुलभ शौचालय बनवाने, कजली मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाने, घासीराम द्वारा हस्त लिखित आल्हा खंड को लंदन म्यूजियम से वापस मंगाने, गोखारगिरि सहित सभी पहाड़ों पर मौजूद दुर्लभ जड़ी बूटियों की पहचान के लिए एनबीआरआई लखनऊ की टीम बुलाने आदि की मांग शामिल हैं। उपवास में केजी द्विवेदी, लाखन तोमर, प्रभात सुल्लेरे, अजय बरसैया, कल्लू चौरसिया आदि लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन