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बलात्कार के प्रयास में तीन साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
Updated Sat, 29 Aug 2015 12:10 AM IST
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अपर जिला सत्र न्यायाधीश(एफटीसी) गजेंद्र कुमार ने बलात्कार के
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प्रयास के मामले में आरोपी को तीन साल की सजा सुनाई, साथ ही एक हजार रुपये
का जुर्माना भी ठोंका है।
थाना श्रीनगर के एक गांव निवासी युवती 13 जून 2012 को घर पर अकेली थी, उसके माता-पिता पशुबाड़े में जानवरों को चारा डालने गए थे, तभी गांव का ही डाला उर्फ बालमकुंद पुत्र उमराव प्रजापति घर में घुस आया और युवती को पकड़कर जमीन में पटक दिया, और बलात्कार का प्रयास करने लगा, तभी युवती की चीखपुकार सुनकर उसका चचेरा भाई आ गया और उसने युवती को छुड़ाया। तभी युवक जान से मारने की धमकी देता हुआ भाग गया। पीड़िता ने थाना श्रीनगर में बालमकुंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुक्रवार को विद्वान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद बालमकुंद को बलात्कार का प्रयास करने का आरोपी ठहराते हुए उसे तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही एक हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने की।
थाना श्रीनगर के एक गांव निवासी युवती 13 जून 2012 को घर पर अकेली थी, उसके माता-पिता पशुबाड़े में जानवरों को चारा डालने गए थे, तभी गांव का ही डाला उर्फ बालमकुंद पुत्र उमराव प्रजापति घर में घुस आया और युवती को पकड़कर जमीन में पटक दिया, और बलात्कार का प्रयास करने लगा, तभी युवती की चीखपुकार सुनकर उसका चचेरा भाई आ गया और उसने युवती को छुड़ाया। तभी युवक जान से मारने की धमकी देता हुआ भाग गया। पीड़िता ने थाना श्रीनगर में बालमकुंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुक्रवार को विद्वान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद बालमकुंद को बलात्कार का प्रयास करने का आरोपी ठहराते हुए उसे तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही एक हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने की।