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जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते बच्चे
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Sat, 04 Feb 2017 10:22 PM IST
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मतदान की शपथ लेती छात्राएं।
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कस्बे में चलने वाले आधा सैकड़ा से ज्यादा टेंपो मौत को दावत दे रहे है। बावजूद इसके पुलिस अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे है। हालात ये है कि टेंपो में यात्री लटक कर यात्रा कर रहे है। पुलिस इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे है।
कस्बे से श्रीनगर, कुलपहाड़ व अन्य गांवों में सारा दिन टेंपो दौड़ते है। चार सीटर टेंपो में 10-10 यात्रियों को बैठाने के आलावा कई यात्रियों को मडघाट और पीछे खड़ा कर दिया जाता है। इससे यात्री जोखिम भरा सफर करते है। इससे अकसर यात्री गिरकर घायल हो जाते है।
जैतपुर से श्रीनगर, महुआबांध, रेलवे स्टेशन और कुलपहाड़ के लिए सारा दिन टेंपो फार्राटा भरते है। ज्यादा कमाई के चक्कर में टेंपो चालक चार सीटर टेंपो में एक दर्जन से ज्यादा सवारियां भरकर चलती है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। अकौनी, लमौरा, महुआबांध समेत तमाम गांवों से प्रतिदिन छात्राएं जैतपुर में टेंपो में बैठकर शिक्षा ग्रहण करने आती है। पुलिस क्षेत्राधिकारी कुलपहाड़ विनोद सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
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कस्बे से श्रीनगर, कुलपहाड़ व अन्य गांवों में सारा दिन टेंपो दौड़ते है। चार सीटर टेंपो में 10-10 यात्रियों को बैठाने के आलावा कई यात्रियों को मडघाट और पीछे खड़ा कर दिया जाता है। इससे यात्री जोखिम भरा सफर करते है। इससे अकसर यात्री गिरकर घायल हो जाते है।
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जैतपुर से श्रीनगर, महुआबांध, रेलवे स्टेशन और कुलपहाड़ के लिए सारा दिन टेंपो फार्राटा भरते है। ज्यादा कमाई के चक्कर में टेंपो चालक चार सीटर टेंपो में एक दर्जन से ज्यादा सवारियां भरकर चलती है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। अकौनी, लमौरा, महुआबांध समेत तमाम गांवों से प्रतिदिन छात्राएं जैतपुर में टेंपो में बैठकर शिक्षा ग्रहण करने आती है। पुलिस क्षेत्राधिकारी कुलपहाड़ विनोद सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
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