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रामचरित मानस हो राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित-जगप्रसाद तिवारी
mahoba
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:19 PM IST
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श्री रामचरित मानस
- फोटो : डेमो फोटो
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शहर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में रामचरित मानस के रचयिता संत तुलसीदास जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ तुलसीदास के चित्र पर शिक्षकों और छात्रों ने फूल चढ़ाकर और सरस्वती वंदना के साथ किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला।
जयंती के मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य विपिन बिहारी द्विवेदी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास से रामचरित मानस लिखकर समाज को दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि रामचरित मानस पढ़कर मनुष्य अपनी सभी समस्याओं का निदान कर सकता है। कहा कि तुलसीदास एक महान कवि के साथ साथ संत भी थे। पंडित जगप्रसाद तिवारी ने कहा कि संत तुलसीदास का जन्म बुंदेलखंड के राजापुर में हुआ था जो चित्रकूट जनपद में है।
उन्होंने कहा कि तुलसीदास ने बचपन से ही बड़ी कठिनाइयाें का सामना किया था। कहा कि रामचरित मानस हम सबको जीवन जीने की कला सिखाता है। उन्होंने तुलसीदास के बताए हुए रास्ते पर चलने की अपील की। कहा कि रामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित होना चाहिए। इस मौके पर शिक्षक और तमाम छात्र मौजूद रहे।
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जयंती के मौके पर विद्यालय में हुई काव्यगोष्ठी
मोंटाना विद्यालय में तुलसीदास जयंती के मौके पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमोद सक्सेना ने वाणी वंदना के साथ किया। इसके बाद कविता पढ़ी आज मां मेरे वतन में शांतिमय अनुराग भर दो। ओमप्रकाश नीरस ने मन बुद्धि चित निर्मल करने, मानस भागीरथी हमें दे दी कविता पेश की। रामप्रकाश, संतोष द्विवेदी, बृजगोपाल शर्मा, योगेंद्र कुमार, संतोष कुमार पटैरिया, सुनील शर्मा सहित तमाम कवियों ने रचनाएं पेश की। इस मौके पर प्रबंधक प्रेमचंद्र स्वर्णकार, विद्यालय की शिक्षिका रचना तिवारी, आरती पचौरी, आकांक्षा द्विवेदी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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जयंती के मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य विपिन बिहारी द्विवेदी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास से रामचरित मानस लिखकर समाज को दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि रामचरित मानस पढ़कर मनुष्य अपनी सभी समस्याओं का निदान कर सकता है। कहा कि तुलसीदास एक महान कवि के साथ साथ संत भी थे। पंडित जगप्रसाद तिवारी ने कहा कि संत तुलसीदास का जन्म बुंदेलखंड के राजापुर में हुआ था जो चित्रकूट जनपद में है।
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उन्होंने कहा कि तुलसीदास ने बचपन से ही बड़ी कठिनाइयाें का सामना किया था। कहा कि रामचरित मानस हम सबको जीवन जीने की कला सिखाता है। उन्होंने तुलसीदास के बताए हुए रास्ते पर चलने की अपील की। कहा कि रामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित होना चाहिए। इस मौके पर शिक्षक और तमाम छात्र मौजूद रहे।
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जयंती के मौके पर विद्यालय में हुई काव्यगोष्ठी
मोंटाना विद्यालय में तुलसीदास जयंती के मौके पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमोद सक्सेना ने वाणी वंदना के साथ किया। इसके बाद कविता पढ़ी आज मां मेरे वतन में शांतिमय अनुराग भर दो। ओमप्रकाश नीरस ने मन बुद्धि चित निर्मल करने, मानस भागीरथी हमें दे दी कविता पेश की। रामप्रकाश, संतोष द्विवेदी, बृजगोपाल शर्मा, योगेंद्र कुमार, संतोष कुमार पटैरिया, सुनील शर्मा सहित तमाम कवियों ने रचनाएं पेश की। इस मौके पर प्रबंधक प्रेमचंद्र स्वर्णकार, विद्यालय की शिक्षिका रचना तिवारी, आरती पचौरी, आकांक्षा द्विवेदी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।