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कबरई के पीसीएफ केंद्र पर चल रही खरीद।
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Mon, 10 Apr 2017 10:04 PM IST
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कर्मचारी कल्याण निगम क्रय केंद्र बेलाताल में लटका ताला।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शासन के निर्देश के बाद भी जिले में गेहूं खरीद का काम जोर नहीं पकड़ पा रहा है। कुछ केंद्रों में ताले लटक रहे है तो कुछ में कांटा व बारदाने का अभाव है। इससे केंद्रों में खरीद का काम ठप है। इससे गेहूं बेचने आने वाले किसानों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
शासन ने गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाते हुए किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश दिए है। इस दफा जिले में 2800 मीट्रिक टन (एमटी) गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में गेहूं खरीद के लिए 36 क्रय केंद्र बनाए गए है। जहां बारदाना के साथ तराजू और छाया, पानी की व्यवस्था के निर्देश दिए गए है,
लेकिन कुछ केंद्रों में अभी तक तराजू व बारदाने का अभाव है। इससे खरीद का काम ठप पड़ा है। किसानों की क्रय केंद्रों में आमद शुरू हो गई है, लेकिन कहीं पल्लेदाराें द्वारा पैसा अधिक मांगे जाने तो कहीं एक कुंतल में डेढ़ से दो किलो गेहूं अतिरिक्त लिए जाने की शिकायतें हो रही है।
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बेलाताल कस्बे में गेहूं खरीद के लिए तीन केंद्र बनाए गए है। कर्मचारी कल्याण निगम के क्रय केंद्र में चार दिन से ताला लटक रहा है। यहां गेहूं बेचने आने वाले किसान बैरंग वापस लौट रहे है। यही हाल सहकारी समिति जैतपुर का है। यहां केंद्र तो खुला है, लेकिन तराजू और बारदाने की व्यवस्था न होने से काम ठप है।
कस्बे के पीसीएफ क्रय केंद्र में खरीद का काम चल रहा है। केंद्र प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि अभी तक 900 कुंतल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। विपणन अधिकारी गोविंद कुमार उपाध्याय का कहना है कि केंद्र बंद होने की उन्हें जानकारी नही है। जांच कराकर केंद्र प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शासन ने बिचौलियों से मुक्त गेहूं खरीद के लिए किसानों को साइबर कैफे में जाकर फूड एंड सिविल सप्लाई सिस्टम की वेबसाइट में अपनी जमीन का इंतखाब, आधार कार्ड, बैंक पासबुक के साथ रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद ही किसान का गेहूं केंद्र में खरीदा जा सकेगा। ग्रामीण क्षेत्र का किसान यह सब नहीं जानता है। इससे वह खुले बाजार में गेहूं बेचने के लिए मजबूर हो रहा है।
कस्बा कबरई में तीन गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए है। इनमें गल्लामंडी के अंदर विपणन शाखा का केंद्र है। एक अप्रैल से केंद्र खुलने के बाद सोमवार को पहली बार 20 कुंतल गेहूं की खरीद की गई। किसान का पैसा आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया गया।
वहीं पीसीएफ के दो खरीद केंद्र बनाए गए है। कुनेहटा रोड स्थित खरीद केंद्र में पिछले 10 दिन में 1500 कुंतल गेहूं की खरीद की गई। जिसका भुगतान चेक के माध्यम से किया गया। वही क्रय विक्रय सहकारी समिति में बनाए गए गेहूं खरीद केंद्र में 1250 कुंतल की खरीद की गई। तीनों केंद्र प्रभारियों ने बताया कि पैसे की कोई कमी नही है। किसानों को नियमानुसार भुगतान किया जा रहा है।
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शासन ने गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाते हुए किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश दिए है। इस दफा जिले में 2800 मीट्रिक टन (एमटी) गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में गेहूं खरीद के लिए 36 क्रय केंद्र बनाए गए है। जहां बारदाना के साथ तराजू और छाया, पानी की व्यवस्था के निर्देश दिए गए है,
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लेकिन कुछ केंद्रों में अभी तक तराजू व बारदाने का अभाव है। इससे खरीद का काम ठप पड़ा है। किसानों की क्रय केंद्रों में आमद शुरू हो गई है, लेकिन कहीं पल्लेदाराें द्वारा पैसा अधिक मांगे जाने तो कहीं एक कुंतल में डेढ़ से दो किलो गेहूं अतिरिक्त लिए जाने की शिकायतें हो रही है।
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बेलाताल कस्बे में गेहूं खरीद के लिए तीन केंद्र बनाए गए है। कर्मचारी कल्याण निगम के क्रय केंद्र में चार दिन से ताला लटक रहा है। यहां गेहूं बेचने आने वाले किसान बैरंग वापस लौट रहे है। यही हाल सहकारी समिति जैतपुर का है। यहां केंद्र तो खुला है, लेकिन तराजू और बारदाने की व्यवस्था न होने से काम ठप है।
कस्बे के पीसीएफ क्रय केंद्र में खरीद का काम चल रहा है। केंद्र प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि अभी तक 900 कुंतल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। विपणन अधिकारी गोविंद कुमार उपाध्याय का कहना है कि केंद्र बंद होने की उन्हें जानकारी नही है। जांच कराकर केंद्र प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शासन ने बिचौलियों से मुक्त गेहूं खरीद के लिए किसानों को साइबर कैफे में जाकर फूड एंड सिविल सप्लाई सिस्टम की वेबसाइट में अपनी जमीन का इंतखाब, आधार कार्ड, बैंक पासबुक के साथ रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद ही किसान का गेहूं केंद्र में खरीदा जा सकेगा। ग्रामीण क्षेत्र का किसान यह सब नहीं जानता है। इससे वह खुले बाजार में गेहूं बेचने के लिए मजबूर हो रहा है।
कस्बा कबरई में तीन गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए है। इनमें गल्लामंडी के अंदर विपणन शाखा का केंद्र है। एक अप्रैल से केंद्र खुलने के बाद सोमवार को पहली बार 20 कुंतल गेहूं की खरीद की गई। किसान का पैसा आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया गया।
वहीं पीसीएफ के दो खरीद केंद्र बनाए गए है। कुनेहटा रोड स्थित खरीद केंद्र में पिछले 10 दिन में 1500 कुंतल गेहूं की खरीद की गई। जिसका भुगतान चेक के माध्यम से किया गया। वही क्रय विक्रय सहकारी समिति में बनाए गए गेहूं खरीद केंद्र में 1250 कुंतल की खरीद की गई। तीनों केंद्र प्रभारियों ने बताया कि पैसे की कोई कमी नही है। किसानों को नियमानुसार भुगतान किया जा रहा है।