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पीएचसी जैतपुर में मंगाई जा रही बाहर की दवाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Wed, 01 Feb 2017 10:38 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मरीजोें को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के दावे खोखले साबित हो रहे है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैतपुर में मरीजों व गर्भवती महिलाओं को अस्पताल से दवाएं न देकर बाहर महंगी दवाएं लाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
विरोध करने पर डॉक्टरों द्वारा मरीजों के साथ अभद्रता की जा रही है। मामले की शिकायत मरीजों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से की है। कस्बा जैतपुर समेत एक दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैतपुर में उपचार कराने पहुंचते है।
अस्पताल में तैनात डाक्टर व कर्मचारी अपनी मनमानी पर आमादा है। डाक्टरों के बैठने का कोई समय निर्धारित नहीं है। इससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद अस्पताल में सभी प्रकार की दवाएं मौजूद होने के बाद भी मरीजों को बाहर से दवा लाने का पर्चा थमाया जा रहा है।
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बुधवार को अस्पताल पहुंची ग्राम स्यावन निवासी राजकुमारी, पचारा निवासी मीराबाई, मालती आदि ने बताया कि डॉक्टर उन्हें 800 से 1000 रुपये तक की बाहर से दवाएं लाने का पर्चा दिया जाता है। विरोध करने पर अभद्रता की गई। यही हाल प्रसव के लिए पहुंचने वाली महिलाओं का है।
प्रसव के बाद अनीता पत्नी भानसिंह, सोमवजी, शांति की चार घंटे बाद ही छुट्टी कर दी गई। जबकि प्रसूताओं की 24 घंटे बाद छुट्टी के निर्देश है। इतना ही नहीं प्रसव के बाद महिलाओं को भी बाहर से महंगी दवाएं लाने के लिए मजबूर किया गया। मरीजों ने मामले की शिकायत सीएमओ डॉ. एसके वार्ष्णेय से की
मरीजों को बाहर से दवाएं लिखे जाने की जानकारी नहीं है। अस्पताल में सभी दवाएं मौजूद है। यदि बाहर से दवाएं मंगाई जा रही है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डा. पीके राजपूत
प्रभारी पीएचसी जैतपुर
विरोध करने पर डॉक्टरों द्वारा मरीजों के साथ अभद्रता की जा रही है। मामले की शिकायत मरीजों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से की है। कस्बा जैतपुर समेत एक दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैतपुर में उपचार कराने पहुंचते है।
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अस्पताल में तैनात डाक्टर व कर्मचारी अपनी मनमानी पर आमादा है। डाक्टरों के बैठने का कोई समय निर्धारित नहीं है। इससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद अस्पताल में सभी प्रकार की दवाएं मौजूद होने के बाद भी मरीजों को बाहर से दवा लाने का पर्चा थमाया जा रहा है।
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बुधवार को अस्पताल पहुंची ग्राम स्यावन निवासी राजकुमारी, पचारा निवासी मीराबाई, मालती आदि ने बताया कि डॉक्टर उन्हें 800 से 1000 रुपये तक की बाहर से दवाएं लाने का पर्चा दिया जाता है। विरोध करने पर अभद्रता की गई। यही हाल प्रसव के लिए पहुंचने वाली महिलाओं का है।
प्रसव के बाद अनीता पत्नी भानसिंह, सोमवजी, शांति की चार घंटे बाद ही छुट्टी कर दी गई। जबकि प्रसूताओं की 24 घंटे बाद छुट्टी के निर्देश है। इतना ही नहीं प्रसव के बाद महिलाओं को भी बाहर से महंगी दवाएं लाने के लिए मजबूर किया गया। मरीजों ने मामले की शिकायत सीएमओ डॉ. एसके वार्ष्णेय से की
मरीजों को बाहर से दवाएं लिखे जाने की जानकारी नहीं है। अस्पताल में सभी दवाएं मौजूद है। यदि बाहर से दवाएं मंगाई जा रही है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डा. पीके राजपूत
प्रभारी पीएचसी जैतपुर