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पंचायत चुनाव: शिक्षक की नौकरी छोड़ चुनावी समर में उतरे संदीप, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए कराया नामांकन
Tue, 06 Apr 2021 10:48 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 06 Apr 2021 10:48 PM IST
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पंचायत चुनाव
- फोटो : amar ujala
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महोबा के जैतपुर ब्लॉक के मूढारी गांव निवासी संदीप राजपूत पूर्व माध्यमिक विद्यालय कैथोरा के अध्यापक पद से त्यागपत्र देकर पंचायत चुनाव में किस्मत आजमाने के लिए कूद पड़े हैं। उन्होंने जैतपुर ब्लॉक में क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए नामांकन किया है।
वह मूढारी ग्राम की क्षेत्र पंचायत क्रमांक 73 से प्रत्याशी हैं। बीएसए सूर्यप्रताप का कहना है कि संदीप राजपूत का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया गया है। इतिहास विषय से मास्टर डिग्री धारक व नेट की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके संदीप राजपूत के पिता राम गोपाल राजपूत भी अध्यापक रहे हैं।
अनुदेशक शिक्षक पद से संदीप ने त्यागपत्र देकर बच्चों को ककहरा पढ़ाना छोड़ सियासी गुणा-भाग लगाने में जुट गए हैं। साथ ही प्रचार भी शुरू कर दिया है। युवा दावेदार का नौकरी छोड़ चुनावी समर में कूदने की लोग जगह-जगह चर्चा कर रहे हैं।
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संदीप राजपूत का कहना है कि शुरुआत से समाज सेवा के कार्यों में रुचि रही है। स्कूल में भी कमजोर बच्चों को अतिरिक्त क्लास देते रहे हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए पर्चा भरा है जनता का प्यार मिला तो क्षेत्र में विकास के लिए काम करेंगे। अब हार हो या जीत समाज सेवा लिए ही आगे कदम बढ़ाना है।
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वह मूढारी ग्राम की क्षेत्र पंचायत क्रमांक 73 से प्रत्याशी हैं। बीएसए सूर्यप्रताप का कहना है कि संदीप राजपूत का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया गया है। इतिहास विषय से मास्टर डिग्री धारक व नेट की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके संदीप राजपूत के पिता राम गोपाल राजपूत भी अध्यापक रहे हैं।
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अनुदेशक शिक्षक पद से संदीप ने त्यागपत्र देकर बच्चों को ककहरा पढ़ाना छोड़ सियासी गुणा-भाग लगाने में जुट गए हैं। साथ ही प्रचार भी शुरू कर दिया है। युवा दावेदार का नौकरी छोड़ चुनावी समर में कूदने की लोग जगह-जगह चर्चा कर रहे हैं।
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संदीप राजपूत का कहना है कि शुरुआत से समाज सेवा के कार्यों में रुचि रही है। स्कूल में भी कमजोर बच्चों को अतिरिक्त क्लास देते रहे हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए पर्चा भरा है जनता का प्यार मिला तो क्षेत्र में विकास के लिए काम करेंगे। अब हार हो या जीत समाज सेवा लिए ही आगे कदम बढ़ाना है।