{"_id":"cc8d0c140d96545309a9673b5f53f51b","slug":"overnight-half-dozen-wounded-groan-of-pain-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रातभर दर्द से कराहते रहे आधा दर्जन घायल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रातभर दर्द से कराहते रहे आधा दर्जन घायल
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
Updated Fri, 04 Dec 2015 12:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी में चिकित्सकों की भरमार के बावजूद मरीजों का इलाज न होने पर परिजनों ने हंगामा किया। मेला देखकर टेंपो से घर लौट रहे आधा दर्जन बच्चे और महिलाएं सड़क दुर्घटना में घायल होने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। जहां रातभर भर्ती करने के बाद कोई भी इलाज नहीं दिया गया। जिससे पूरी रात मरीज कराहते रहे। घायलों के परिजनों का बढ़ता आक्रोश देख मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
बुधवार को चरखारी गोवर्द्धन नाथ मेला देखकर सोजना गांव लौट रही महिला बच्चे सड़क दुर्घटना में घायल हो गए। राहगीरों ने जयदेवी (20) पुत्री बाघराज, संध्या (20) पुत्री नरेंद्र, रामश्री (17), ममता (20) पुत्री दीनदयाल, सविता (18) लाली (13), रविता (16) पुत्री नरेंद्र, अभिषेक (16) पुत्र दीनदयाल निवासीगण सोजना और जीतू (13) पुत्र श्रीपत ग्राम बसरिया को अस्पताल में शाम पांच बजे भर्ती कराया गया। ड्यूटी में तैनात डाक्टर ने महिलाओं और बच्चों को इलाज के नाम पर दर्द की दवा दे दी। वहीं शाम होते ही डाक्टर भी गायब हो गए। जिससे मरीज रात भर दर्द से कराहते रहे। घटना की जानकारी पर पहुंचे परिजनों ने रात्रि में हंगामा मचाया तो एक डाक्टर ने पहुंचकर बाहर की दवा लिखी। सुबह परिजनों की भीड़ बढ़ते देख डाक्टरों ने संध्या, ममता, जयदेवी, रामश्री, सविता को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मामले पर चिकित्सा प्रभारी चरखारी डाक्टर बालचंद्र का कहना था कि इमरजेंसी में चिकित्सक तैनात रहता है। मरीजों के इलाज में कोताही कैसे हुई। मामले की मौके पर जांच कराएंगे।
विज्ञापन
बुधवार को चरखारी गोवर्द्धन नाथ मेला देखकर सोजना गांव लौट रही महिला बच्चे सड़क दुर्घटना में घायल हो गए। राहगीरों ने जयदेवी (20) पुत्री बाघराज, संध्या (20) पुत्री नरेंद्र, रामश्री (17), ममता (20) पुत्री दीनदयाल, सविता (18) लाली (13), रविता (16) पुत्री नरेंद्र, अभिषेक (16) पुत्र दीनदयाल निवासीगण सोजना और जीतू (13) पुत्र श्रीपत ग्राम बसरिया को अस्पताल में शाम पांच बजे भर्ती कराया गया। ड्यूटी में तैनात डाक्टर ने महिलाओं और बच्चों को इलाज के नाम पर दर्द की दवा दे दी। वहीं शाम होते ही डाक्टर भी गायब हो गए। जिससे मरीज रात भर दर्द से कराहते रहे। घटना की जानकारी पर पहुंचे परिजनों ने रात्रि में हंगामा मचाया तो एक डाक्टर ने पहुंचकर बाहर की दवा लिखी। सुबह परिजनों की भीड़ बढ़ते देख डाक्टरों ने संध्या, ममता, जयदेवी, रामश्री, सविता को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मामले पर चिकित्सा प्रभारी चरखारी डाक्टर बालचंद्र का कहना था कि इमरजेंसी में चिकित्सक तैनात रहता है। मरीजों के इलाज में कोताही कैसे हुई। मामले की मौके पर जांच कराएंगे।
विज्ञापन