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दुकानों पर बुलडोजर चलाए जाने पर मचाया बवाल

Mon, 29 Dec 2014 11:26 PM IST
अमर उजालाब्यूरो महोबा।
अमर उजालाब्यूरो महोबा। Updated Mon, 29 Dec 2014 11:26 PM IST
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Organically raised at stores run
मालूम हो कि सरदार मनमोहन सिंह, हरमीत कौर, सरदार दलीप सिंह व रामकिशुन गुप्ता सहित आठ दुकानदार चालीस वर्षों से गांधी नगर में प्रेमनाथ शर्मा की दुकानें किराए पर लिए थे। जिसमें मोहम्मद जफर, शमीम अहमद, नसीर अंसारी और राजेश पासी सहित चार लोगों ने दुकानें खाली कर दीं। जबकि सरदार दुकानें खाली नहीं कर रहे थे। जिससे दुकान मालिक प्रेमनाथ शर्मा ने एसडीएम कोर्ट में मुकदमा दायर कर जर्जर दुकानें गिराए जाने की अपील की थी। जिस पर एसडीएम ने दुकानाें को जर्जर मानकर पांच अप्रैल 2014 को स्वयं ही दुकानें गिराने के आदेश दिए थे। लेकिन सरदारों ने दुकानें नहीं गिराईं। 26 दिसंबर 2014 को एसडीएम ने 24 घंटे के अंदर दुकानें गिराने की चेतावनी दी थी, इसके बाद भी सिख समुदाय के लोगाें ने दुकानें नहीं गिराईं। जिस पर सोमवार को एसडीएम ने पुलिस बल के साथ सिख समुदाय की दुकानाें पर बुल्डोजर चला दिया।
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दुकानाें पर बुल्डोजर चलने से गुस्साए सिख समुदाय ने सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया और पुलिस प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। दुकानें गिराने को लेकर सिख समुदाय और एसडीएम से जमकर नोकझोंक हुई। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक भी जाम नहीं खुलवा सके। गुस्साए लोगाें ने जेसीबी मशीन के शीशे तोड़ दिए। बाद में ईंटाें से भरे दो ट्रैक्टर भी पटला दिए। उग्र भीड़ ने दुकान मालिक प्रेमनाथ शर्मा के घर का फाटक तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास किया लेकिन पुलिस की मौजूदगी से अंदर नहीं घुस सके। भीड़ ने खिड़की से घुसने का प्रयास किया तो प्रेमनाथ शर्मा के घर मौजूद लोगों ने हवाई फायरिंग कर लोगों को भगाया। जिससे लोगों ने सड़क पर जाम लगाने का प्रयास किया तो पुलिस ने भीड़ को खदेड़ दिया। जिससे लोग इधर- उधर दुकानों में दुबक गए। सरदार जसपाल सिंह ने बताया कि वह 40-50 साल से दुकान किराए पर लिए हैं, उनसे अब जबरन दुकान खाली कराई जा रही है। उन्हाेंने बताया कि सोमवार को दोपहर तक दुकानें खाली करने का समय दिया गया था। लेकिन दस बजे ही पुलिस बल के साथ दुकानें गिराना शुरू कर दिया गया। उधर प्रेमनाथ शर्मा का कहना है कि एसडीएम ने पांच अप्रैल 2014 को दुकानदाराें को दुकान ध्वस्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद 26 दिसंबर को चौबीस घंटे अंदर स्वयं दुकानें गिराने का नोटिस दिया गया था।
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