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Mahoba News: 15 स्थानों पर अवरुद्ध नहरों को अफसरों व पुलिस ने खुलवाया
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संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा/खरेला। रबी फसल के लिए खेतों की सिंचाई में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सिंचाई विभाग ने अभियान छेड़ दिया है। नहर का पानी रोकने के मामले में विभागीय अधिकारी गंभीर हो गए हैं। सोमवार को पुलिस बल के साथ सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहरों की चेकिंग की। इस दौरान करीब 15 अलग-अलग नहरों में मिट्टी व बोरिया डालकर पानी रुका मिला। जिन्हें हटवाया गया। तब कहीं जाकर पानी आगे पहुंचा।
नहरों से पानी न मिल पाने के कारण किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे थे। जिससे रबी फसल का कृषि कार्य प्रभावित हो रहा था। किसानों की इस समस्या का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ उठाया। अराजकतत्वों ने जगह-जगह रोकी नहर, नहीं पहुंच रहा टेल तक पानी शीर्षक के साथ सोमवार के अंक में खबर प्रकाशित की। जिससे सिंचाई विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पुलिस प्रशासन से पुलिस बल मांगा। पुलिस बल की उपलब्धता होते ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहरों की चेकिंग शुरू की।
इस दौरान अर्जुन बांध की मुख्य नहर शाखा में माइनर जरौली, खरेला-बसौठ, खरेला-बरदा और खरेला-पहरेथा में कई स्थानों पर बालू भरी बोरी व पत्थर रखकर नहरों में पानी अवरुद्ध मिला। कुछ लोग पानी अवरुद्ध कर नहर काटकर खेतों की सिंचाई करते मिले। तब अफसरों के निर्देश पर सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने नहरों से बोरियों व पत्थरों को हटवाया। इसके बाद नहरों का पानी आगे गांवों में पहुंच सका।
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वहीं जरौली गांव में अफसरों ने चेतावनी दी कि यदि दोबारा पानी रोका गया तो अराजकतत्वों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें जेल भेजा गएा। नहरों की चेकिंग अभियान के दौरान सिंचाई विभाग के जेई भूपत विश्वकर्मा, जिलेदार रजनीश शुक्ला, मेट धर्मेंद्र व चरखारी कोतवाली का पुलिस बल मौजूद रहा।
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महोबा/खरेला। रबी फसल के लिए खेतों की सिंचाई में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सिंचाई विभाग ने अभियान छेड़ दिया है। नहर का पानी रोकने के मामले में विभागीय अधिकारी गंभीर हो गए हैं। सोमवार को पुलिस बल के साथ सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहरों की चेकिंग की। इस दौरान करीब 15 अलग-अलग नहरों में मिट्टी व बोरिया डालकर पानी रुका मिला। जिन्हें हटवाया गया। तब कहीं जाकर पानी आगे पहुंचा।
नहरों से पानी न मिल पाने के कारण किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे थे। जिससे रबी फसल का कृषि कार्य प्रभावित हो रहा था। किसानों की इस समस्या का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ उठाया। अराजकतत्वों ने जगह-जगह रोकी नहर, नहीं पहुंच रहा टेल तक पानी शीर्षक के साथ सोमवार के अंक में खबर प्रकाशित की। जिससे सिंचाई विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पुलिस प्रशासन से पुलिस बल मांगा। पुलिस बल की उपलब्धता होते ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहरों की चेकिंग शुरू की।
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इस दौरान अर्जुन बांध की मुख्य नहर शाखा में माइनर जरौली, खरेला-बसौठ, खरेला-बरदा और खरेला-पहरेथा में कई स्थानों पर बालू भरी बोरी व पत्थर रखकर नहरों में पानी अवरुद्ध मिला। कुछ लोग पानी अवरुद्ध कर नहर काटकर खेतों की सिंचाई करते मिले। तब अफसरों के निर्देश पर सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने नहरों से बोरियों व पत्थरों को हटवाया। इसके बाद नहरों का पानी आगे गांवों में पहुंच सका।
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वहीं जरौली गांव में अफसरों ने चेतावनी दी कि यदि दोबारा पानी रोका गया तो अराजकतत्वों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें जेल भेजा गएा। नहरों की चेकिंग अभियान के दौरान सिंचाई विभाग के जेई भूपत विश्वकर्मा, जिलेदार रजनीश शुक्ला, मेट धर्मेंद्र व चरखारी कोतवाली का पुलिस बल मौजूद रहा।