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Mahoba News: प्रदूषण के चलते सांस फूलने के मरीज बढ़े
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महोबा। आगामी पर्व दिवाली की वजह से घरों में रंगाई-पुताई और सफाई होने से अस्थमा व सांस रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। इससे सीने में जकड़न और सांस फूलने की समस्या हो रही है। हालत खराब होने पर ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। हवा में बढ़ते प्रदूषण से भी लोगों को एलर्जी हो रही है।
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 673 मरीज इलाज कराने पहुंचे। 50 से अधिक मरीज गले में संक्रमण व सांस फूलने से पीड़ित रहे। डॉ. गुलशेर अहमद ने बताया कि घरों में साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, बाहर निर्माण कार्य, वाहनों का संचालन अधिक होने से धूल-धुआं बढ़ गया है। इससे सांस नली में संक्रमण हो रहा है। ऐसे में सीने में जकड़न, दर्द और खांसी हो रही है। साथ ही लोगों की सांस फूल रही है।
जिला अस्पताल के डॉ. राकेश भट्ट ने बताया कि मौसम में बदलाव से ऐसे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। कई मरीज वह हैं जो दवाएं बंद कर दे हैं। उन्हें इन्हेलर देना पड़ रहा है। हवा में धूल-कार्बन तत्वों से नाक, कान की एलर्जी, बार-बार छींक आने, गले में खराश व बुखार की भी परेशानी मिल रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शाजी रहील ने बताया कि बच्चों में बुखार-खांसी और गले में खराश जैसी समस्या आ रही है। धूल-धुआं के संपर्क में आने से अस्थमा पीड़ित बच्चों की परेशानी भी बढ़ी मिल रही है।
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इन बातों का रखें ध्यान
-घर में रंगाई-पुताई वाले कमरे में सोने से बचें।
-घर की सफाई करते वक्त मास्क जरूर लगाएं।
-अस्थमा-सांस रोगी डॉक्टर से दवाएं एडजस्ट कराएं।
-सुबह-शाम भाप लें व गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें।
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बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 673 मरीज इलाज कराने पहुंचे। 50 से अधिक मरीज गले में संक्रमण व सांस फूलने से पीड़ित रहे। डॉ. गुलशेर अहमद ने बताया कि घरों में साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, बाहर निर्माण कार्य, वाहनों का संचालन अधिक होने से धूल-धुआं बढ़ गया है। इससे सांस नली में संक्रमण हो रहा है। ऐसे में सीने में जकड़न, दर्द और खांसी हो रही है। साथ ही लोगों की सांस फूल रही है।
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जिला अस्पताल के डॉ. राकेश भट्ट ने बताया कि मौसम में बदलाव से ऐसे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। कई मरीज वह हैं जो दवाएं बंद कर दे हैं। उन्हें इन्हेलर देना पड़ रहा है। हवा में धूल-कार्बन तत्वों से नाक, कान की एलर्जी, बार-बार छींक आने, गले में खराश व बुखार की भी परेशानी मिल रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शाजी रहील ने बताया कि बच्चों में बुखार-खांसी और गले में खराश जैसी समस्या आ रही है। धूल-धुआं के संपर्क में आने से अस्थमा पीड़ित बच्चों की परेशानी भी बढ़ी मिल रही है।
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इन बातों का रखें ध्यान
-घर में रंगाई-पुताई वाले कमरे में सोने से बचें।
-घर की सफाई करते वक्त मास्क जरूर लगाएं।
-अस्थमा-सांस रोगी डॉक्टर से दवाएं एडजस्ट कराएं।
-सुबह-शाम भाप लें व गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें।