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Mahoba News: दिवाली तक शुल्क टलने से राहत लेकिन वापस हो एमडीआर

Thu, 29 Oct 2026 01:14 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2026 01:14 AM IST
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Deferral of charges until Diwali brings relief, but MDR should be reinstated.
महोबा। दिवाली पर्व तक डिजिटल भुगतान पर शुल्क लगाने का फैसला टलने से जिले के व्यापारियों में राहत है। व्यापारियों का कहना है कि इससे छोटे दुकानदारों व कारोबारियों को फिलहाल राहत मिलेगी लेकिन एमडीआर व्यवस्था को पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के शुल्क से बचना जरूरी है।
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त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजार में ग्राहकों की खरीदारी बढ़ गई है। इस बीच यूपीआई से दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क को दिवाली तक टाल दिया गया है। हालांकि व्यापारी पहले की तरह बिना शुल्क के डिजिटल भुगतान की मांग कर रहे हैं। यूपीआई से दो हजार रुपये से अधिक के लेनदेन पर 15 अक्तूबर से 40 पैसा एमडीआर लगने की चर्चा थी। इससे दुकानदारों को आशंका थी कि त्योहारी सीजन में शुल्क लागू होने से व्यापार पर असर पड़ सकता है। ग्राहक खरीदारी के बाद मोबाइल से भुगतान करते हैं। इससे नकदी रखने की जरूरत कम होती है।
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व्यापारियों ने बताई समस्या
फोटो 28 एमएएचपी 11 परिचय-रईस अंसारी। संवाद
यूपीआई से भुगतान करना ग्राहकों के लिए आसान है। ज्यादातर ग्राहक खरीदारी के बाद मोबाइल से भुगतान करते हैं। इस पर शुल्क लगने से दुकानदारों को अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसलिए टालने की बजाय सरकार को इसको पूरी तरह वापस लेना चाहिए। -रईस अंसारी, फर्नीचर विक्रेता।
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फोटो 28 एमएएचपी 12 परिचय-राम सिंह। संवाद
इस स्थगन से ज्यादा राहत नहीं मिली है। शुल्क लगाने की बजाय डिजिटल भुगतान की सुविधा पहले की तरह जारी रखना चाहिए। दो हजार रुपये से अधिक भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने से कारोबारी के साथ ही आम लोगों पर भी इसका असर पड़ेगा। -राम सिंह, ग्राहक।


फोटो 28 एमएएचपी 13 परिचय-मोहम्मद रिजवान। संवाद
एमडीआर को दिवाली तक टालना समस्या का समाधान नहीं है क्योंकि ग्राहक अब नकदी की बजाय यूपीआई से ही भुगतान करना पसंद कर रहे हैं। सरकार को पहले की तरह बिना बिना शुल्क के डिजिटल भुगतान जारी रखना चाहिए। -मोहम्मद रिजवान, किराना व्यापारी।
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