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वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन रात तक काम
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Thu, 31 Mar 2016 11:36 PM IST
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कोषागार में रात में काम करते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन सरकारी कार्यालयों में देर रात तक काम चलता रहा। कुछ विभागाें ने धनराशि पीएलए खाते में जमा कराई। वहीं ज्यादातर विभागों ने बजट सरेंडर कर दिया।
गुुरुवार को वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन था। इसके चलते विभागों में रात में भी काम होता रहा। बैंकों में भी देर रात तक काम हुआ। ज्यादातर विभागों ने रात आठ बजे तक खाता दुरुस्त कर लिया। जिला बेसिक शिक्षा विभाग के लेखा कार्यालय में रात आठ बजे तक काम निपटाने के बाद बकाया रकम सरेंडर कर दी गई।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने धनराशि सरेंडर करने के बजाय 18 लाख रुपये पीएलए में जमा करा दिए । जिला कोषाधिकारी प्रदीप कुमार का कहना है कि पैसा ट्रांसफर करने का समय रात्रि आठ बजे तक फिक्स था। इसके बाद सरवर ने अपने आप लेनदेन बंद कर दिया ।
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गुुरुवार को वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन था। इसके चलते विभागों में रात में भी काम होता रहा। बैंकों में भी देर रात तक काम हुआ। ज्यादातर विभागों ने रात आठ बजे तक खाता दुरुस्त कर लिया। जिला बेसिक शिक्षा विभाग के लेखा कार्यालय में रात आठ बजे तक काम निपटाने के बाद बकाया रकम सरेंडर कर दी गई।
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अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने धनराशि सरेंडर करने के बजाय 18 लाख रुपये पीएलए में जमा करा दिए । जिला कोषाधिकारी प्रदीप कुमार का कहना है कि पैसा ट्रांसफर करने का समय रात्रि आठ बजे तक फिक्स था। इसके बाद सरवर ने अपने आप लेनदेन बंद कर दिया ।
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