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Mahoba News: 2,300 हेक्टेयर में की जाएगी प्राकृतिक खेती
Sat, 31 May 2025 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 31 May 2025 11:56 PM IST
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महोबा। भारत सरकार के राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के तहत कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षित किया गया। कृषि सखियां क्लस्टर बनाकर किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ेंगी। जिले में इस बार 2,300 हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया। जिसके लिए 46 क्लस्टरों का गठन किया जा रहा है।
कबरई ब्लॉक सभागार में आयोजित कृषि सखियों के पांच दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्राकृतिक खेती की नवीन तकनीक से अवगत कराया गया। उप कृषि निदेशक डाॅ. अभय कुमार सिंह यादव ने बताया कि कम लागत में अधिक उत्पादन दिलाकर किसानों को समृद्ध बनाने के लिए सरकार हर कदम उठा रही है।
राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के तहत जिले के किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्राकृतिक खेती में उर्वरक या कीटनाशक का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसमें गाय के गोमूत्र से किसानों को बीजामृत, जीवामृत, धनजीवामृत आदि बनाने की विधि बताई जाएगी। प्राकृतिक खेती से खेत की मिट्टी बीमार नहीं होती और उपज भी बेहतर होती है। बताया कि प्राकृतिक खेती के लिए गठित किए जा रहे 46 क्लस्टरों के किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक सिखाकर दक्ष बनाया जाएगा।
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इस मौके पर कृषि विभाग के डॉ. अतुलेंद्र विक्रम सिंह, देवेंद्र सिंह राजपूत, शुभम मिश्रा, रूद्र प्रताप मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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कबरई ब्लॉक सभागार में आयोजित कृषि सखियों के पांच दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्राकृतिक खेती की नवीन तकनीक से अवगत कराया गया। उप कृषि निदेशक डाॅ. अभय कुमार सिंह यादव ने बताया कि कम लागत में अधिक उत्पादन दिलाकर किसानों को समृद्ध बनाने के लिए सरकार हर कदम उठा रही है।
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राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के तहत जिले के किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्राकृतिक खेती में उर्वरक या कीटनाशक का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसमें गाय के गोमूत्र से किसानों को बीजामृत, जीवामृत, धनजीवामृत आदि बनाने की विधि बताई जाएगी। प्राकृतिक खेती से खेत की मिट्टी बीमार नहीं होती और उपज भी बेहतर होती है। बताया कि प्राकृतिक खेती के लिए गठित किए जा रहे 46 क्लस्टरों के किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक सिखाकर दक्ष बनाया जाएगा।
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इस मौके पर कृषि विभाग के डॉ. अतुलेंद्र विक्रम सिंह, देवेंद्र सिंह राजपूत, शुभम मिश्रा, रूद्र प्रताप मिश्रा आदि मौजूद रहे।