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Mahoba Panchayat Chunav Result: जिला पंचायत में निर्दलीय प्रत्याशियों का दबदबा, बसपा व कांग्रेस का खाता ही नहीं खुला
Tue, 04 May 2021 01:45 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 04 May 2021 01:45 PM IST
सार
सबसे ज्यादा छह निर्दलीय प्रत्याशियों को जीत मिली। सपा को पांच सीटें और भाजपा को तीन सीटों से ही संतोष करना पड़ा। वहीं, बसपा व कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों का खाता भी नहीं खुला।
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पंचायत चुनाव
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
महोबा में जिला पंचायत सदस्य की 14 सीटों पर हुए चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों का दबदबा रहा। भाजपा, सपा, बसपा व कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे थे। सोमवार को चुनाव नतीजे आने पर दलीय प्रत्याशियों पर निर्दलीय भारी पड़े।
सबसे ज्यादा छह निर्दलीय प्रत्याशियों को जीत मिली। सपा को पांच सीटें और भाजपा को तीन सीटों से ही संतोष करना पड़ा। वहीं, बसपा व कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों का खाता भी नहीं खुला। भाजपा आधे से ज्यादा सीटों पर काबिज होने की उम्मीद लगाए थी, लेकिन महज तीन सीटें मिली।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद भाजपा से टिकट पाने वालों की सबसे लंबी फेहरिस्त थी। एक-एक सीट पर आठ से दस कार्यकर्ताओं ने टिकट के लिए दावेदारी पेश की थी। प्रदेश नेतृत्व द्वारा अंतिम सूची जारी की गई, जिसमें अधिकांश भाजपा नेताओं के नाम शामिल न होने पर वह बगावत पर उतर आए थे और भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के सामने ही निर्दलीय के रूप में ताल ठोंक दी थी।
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इस पर छह पदाधिकारियों को भाजपा ने छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित भी कर दिया था। इसके अलावा सपा, बसपा व कांग्रेस ने भी जिला पंचायत सदस्य के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा की थी। सोमवार को मतगणना के बाद जारी हुए परिणाम में भाजपा को करारा झटका लगा।
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सबसे ज्यादा छह निर्दलीय प्रत्याशियों को जीत मिली। सपा को पांच सीटें और भाजपा को तीन सीटों से ही संतोष करना पड़ा। वहीं, बसपा व कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों का खाता भी नहीं खुला। भाजपा आधे से ज्यादा सीटों पर काबिज होने की उम्मीद लगाए थी, लेकिन महज तीन सीटें मिली।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद भाजपा से टिकट पाने वालों की सबसे लंबी फेहरिस्त थी। एक-एक सीट पर आठ से दस कार्यकर्ताओं ने टिकट के लिए दावेदारी पेश की थी। प्रदेश नेतृत्व द्वारा अंतिम सूची जारी की गई, जिसमें अधिकांश भाजपा नेताओं के नाम शामिल न होने पर वह बगावत पर उतर आए थे और भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के सामने ही निर्दलीय के रूप में ताल ठोंक दी थी।
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इस पर छह पदाधिकारियों को भाजपा ने छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित भी कर दिया था। इसके अलावा सपा, बसपा व कांग्रेस ने भी जिला पंचायत सदस्य के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा की थी। सोमवार को मतगणना के बाद जारी हुए परिणाम में भाजपा को करारा झटका लगा।
भाजपा के खाते में खन्ना, ग्योड़ी व रिवई सीट गई। जबकि सपा ने सिजहरी, मुढ़ारी, सूपा, अजनर व बैंदो सीट पर अपना कब्जा जमाया। वहीं पसवारा, श्रीनगर, गौरहारी, जैतपुर, पनवाड़ी व रूरीकला से निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुए।
कांग्रेस व बसपा समर्थित प्रत्याशी एक भी सीट नहीं निकाल सके। प्रदेेश में भाजपा की सरकार होने और बुंदेलखंड में पार्टी के विधायक व सांसद होने के चलते भाजपा की सबसे ज्यादा सीटें आने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन जनता ने अधिकांश प्रत्याशियों को नकार दिया।
विजयी प्रत्याशियों के घरों में मना जश्न
कोरोना संक्रमण के चलते निर्वाचन आयोग ने विजयी प्रत्याशियों के जुलूस व जश्न पर रोक लगा दी थी। इसके चलते प्रत्याशी प्रमाणपत्र लेने के बाद घरों को लौट आए। पूरे दिन विजेता प्रत्याशियों के घरों में जश्न का माहौल रहा। बधाई देने वालों के आने-जाने का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। इस दौरान समर्थकों ने माला पहनाकर और एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर खुशी का इजहार किया।
कांग्रेस व बसपा समर्थित प्रत्याशी एक भी सीट नहीं निकाल सके। प्रदेेश में भाजपा की सरकार होने और बुंदेलखंड में पार्टी के विधायक व सांसद होने के चलते भाजपा की सबसे ज्यादा सीटें आने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन जनता ने अधिकांश प्रत्याशियों को नकार दिया।
विजयी प्रत्याशियों के घरों में मना जश्न
कोरोना संक्रमण के चलते निर्वाचन आयोग ने विजयी प्रत्याशियों के जुलूस व जश्न पर रोक लगा दी थी। इसके चलते प्रत्याशी प्रमाणपत्र लेने के बाद घरों को लौट आए। पूरे दिन विजेता प्रत्याशियों के घरों में जश्न का माहौल रहा। बधाई देने वालों के आने-जाने का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। इस दौरान समर्थकों ने माला पहनाकर और एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर खुशी का इजहार किया।