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पत्नी के मायके से न आने से आहत पति ने फांसी लगाकर दी जान
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कनकुआ (महोबा)। महोबकंठ थानाक्षेत्र के धवार गांव में पत्नी के मायके से न आने से आहत पति ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना से घर में कोहराम मच गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
धवार गांव निवासी लक्ष्मण का बेटा छत्रपाल अहिरवार (33) मजदूरी करता था। छत्रपाल शराब का लती था। इसके चलते पत्नी से उसका अक्सर विवाद होता था। शराब न छोड़ने पर छत्रपाल की पत्नी सुमन होली के पहले मायके चली गई थी। तब से वह ग्राम गुढ़ा हरपालपुर, मध्यप्रदेश स्थित मायके में रह रही है।
परिजनों ने बताया कि छत्रपाल ने कई बार से सुमन वापस लाने का प्रयास किया, लेकिन वह ससुराल आने को तैयार नहीं हुई। इससे वह परेशान रहने लगा। गुरुवार की रात छत्रपाल ने घर के एक कमरे में रस्सी से फांसी लगा ली। शुक्रवार की सुबह काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं निकला, तो परिजनों को अनहोनी का शक हुआ। इस पर परिजनों ने दरवाजे से झांक कर देखा, तो छत्रपाल फांसी पर लटक रहा था।
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परिजनों ने आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा तोड़कर छत्रपाल को फंदे से नीचे उतारा, लेकिन उसकी सांसे थम चुकी थीं। सूचना पर पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। छत्रपाल की मौत से उसकी पत्नी सुमन, पुत्र राजकुमार (5) व पुत्री संतोषी (3) का रो-रोकर बुरा हाल रहा। थानाध्यक्ष विनोद कुमार के मामले की जांच की जा रही है।
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धवार गांव निवासी लक्ष्मण का बेटा छत्रपाल अहिरवार (33) मजदूरी करता था। छत्रपाल शराब का लती था। इसके चलते पत्नी से उसका अक्सर विवाद होता था। शराब न छोड़ने पर छत्रपाल की पत्नी सुमन होली के पहले मायके चली गई थी। तब से वह ग्राम गुढ़ा हरपालपुर, मध्यप्रदेश स्थित मायके में रह रही है।
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परिजनों ने बताया कि छत्रपाल ने कई बार से सुमन वापस लाने का प्रयास किया, लेकिन वह ससुराल आने को तैयार नहीं हुई। इससे वह परेशान रहने लगा। गुरुवार की रात छत्रपाल ने घर के एक कमरे में रस्सी से फांसी लगा ली। शुक्रवार की सुबह काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं निकला, तो परिजनों को अनहोनी का शक हुआ। इस पर परिजनों ने दरवाजे से झांक कर देखा, तो छत्रपाल फांसी पर लटक रहा था।
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परिजनों ने आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा तोड़कर छत्रपाल को फंदे से नीचे उतारा, लेकिन उसकी सांसे थम चुकी थीं। सूचना पर पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। छत्रपाल की मौत से उसकी पत्नी सुमन, पुत्र राजकुमार (5) व पुत्री संतोषी (3) का रो-रोकर बुरा हाल रहा। थानाध्यक्ष विनोद कुमार के मामले की जांच की जा रही है।