{"_id":"6217bce3fc59a1256d1d65db","slug":"mahoba-news-mahoba-news-knp682381819","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरोपी दरोगा व सिपाही की जमानत याचिका पर सुनवाई टली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरोपी दरोगा व सिपाही की जमानत याचिका पर सुनवाई टली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कबरई (महोबा)। कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मौत के मामले में जेल में निरुद्घ आरोपी दरोगा देवेंद्र शुक्ला व सिपाही अरुण यादव की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई टल गई। उच्च न्यायालय इलाहाबाद में इससे पहले आरोपी दरोगा की जमानत याचिका पर 17 फरवरी को सुनवाई नहीं हो सकी थी।
गौरतलब है कि क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में वीडियो वायरल किया था। अगले दिन आठ सितंबर को वह अपनी गाड़ी में गोली लगने से घायल मिले थे और 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। एसआईटी की जांच में मामला आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने व भ्रष्टाचार का पाया था। जिसके आधार पर तत्कालीन एसपी, तत्कालीन थानाध्यक्ष कबरई देेवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव व दो व्यापारियों सुरेश सोनी और ब्रह्मदत्त के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने चार आरोपियों को जेल भेजा था जबकि मुख्य आरोपी एक लाख का इनामी आईपीएस अभी भी फरार है।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता चंद्रप्रकाश तिवारी ने बताया कि इस मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी दरोगा देवेंद्र शुक्ला व सिपाही अरुण यादव की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होनी थी। जो नहीं हो सकी। अधिवक्ता ने बताया कि सुनवाई के लिए अगली तारीख अभी निश्चित नहीं की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरतलब है कि क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में वीडियो वायरल किया था। अगले दिन आठ सितंबर को वह अपनी गाड़ी में गोली लगने से घायल मिले थे और 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। एसआईटी की जांच में मामला आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने व भ्रष्टाचार का पाया था। जिसके आधार पर तत्कालीन एसपी, तत्कालीन थानाध्यक्ष कबरई देेवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव व दो व्यापारियों सुरेश सोनी और ब्रह्मदत्त के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने चार आरोपियों को जेल भेजा था जबकि मुख्य आरोपी एक लाख का इनामी आईपीएस अभी भी फरार है।
विज्ञापन
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता चंद्रप्रकाश तिवारी ने बताया कि इस मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी दरोगा देवेंद्र शुक्ला व सिपाही अरुण यादव की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होनी थी। जो नहीं हो सकी। अधिवक्ता ने बताया कि सुनवाई के लिए अगली तारीख अभी निश्चित नहीं की गई है।
विज्ञापन