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मजदूर सुरक्षा मानकों से अनजान, 19 माह में नौ की चली गई जान
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बिना सुरक्षा उपकरण रस्से के सहारे पहाड़ में चढ़कर काम करता श्रमिक।
- फोटो : MAHOBA
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कबरई (महोबा)। पत्थरमंडी कबरई में खनन नियमावली को ताक पर रखकर पहाड़ों में खनन कार्य कराया जा रहा है। पहाड़ों के पट्टाधारक 200 से 300 फीट गहरी हो चुकी खदानों को और गहरा कर रहे हैं। विभागीय अधिकारी सब कुछ जानकर अनजान बने हैं। मानकों का पालन न होने और खनन के दौरान सुरक्षा के संसाधन न होने से मजदूरों की मौत हो रही हैं। पत्थरमंडी कबरई के पहाड़ों व क्रशर प्लांटों में 19 माह के अंदर नौ श्रमिकों की जान चली गई। अधिकतर मामलों में पट्टाधारकों ने मृतक के परिजनों को मुंह मांगी रकम देकर मामला रफा-दफा करा दिया। पहाड़ों में अत्यधिक गहराई होने के बाद भी सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। पहाड़ पट्टाधारकों की ओर से अप्रशिक्षित श्रमिकों से खनन कार्य कराया जा रहा है। इससे तमाम मजदूर अपनी जान गवां चुके हैं। कुछ हाथ-पैर गवांकर अपाहिज की जिंदगी जी रहे हैं।
ये हैं खनन सुरक्षा नियम
पहाड़ में खनन कार्य सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षित श्रमिकों से ही काम कराया जाना चाहिए। श्रमिकों को सिर में हेलमेट लगाकर सुरक्षा बेल्ट व पैरों में पूरे जूते पहनना चाहिए, लेकिन पहाड़ों में काम के दौरान श्रमिक बिना सुरक्षा उपकरण काम करते हैं, जिससे घटनाएं हो रहीं हैं।
इनकी जा चुकी है जान
गहरा गांव के डिंगरा पहाड़ में 12 जून 2020 को आकाशीय बिजली चमकने से हुई ब्लास्टिंग में गांधीनगर कबरई निवासी बालचंद्र, बुद्घू व बालकिशन की मौत हो गई थी। 28 अक्तूबर 2020 को नई मंडी स्थित क्रशर प्लांट के पट्टे में फंसकर नंदराम साहू की पत्नी रामवती की मौत हुई थी। आठ जनवरी 2021 को पहरा के डिंगरा पहाड़ में छेद करते समय बच्चीलाल कुशवाहा की गिरकर मौत हो गई थी। उसका भाई मातादीन घायल हो गया था। जनवरी में ही मकरबई निवासी रामस्वरूप कुशवाहा के पुत्र संतू व उसी गांव के ईश्वरी की मकरबई पहाड़ में काम करते समय गिरने से जान चली गई थी। छह फरवरी को कानपुर रोड स्थित क्रशर प्लांट में हेल्पर राजकिशोर पाल की पट्टे में फंसकर मौत हो गई थी। एक दिन पहले रविवार को झलकारीबाई स्थित घुरघुरु पहाड़ में काम कर रहे गांधीनगर निवासी चंदू कुशवाहा की पहाड़ में ब्लास्टिंग के लिए छेद करते समय 150 फीट गहरी खदान में गिरने से मौत हो गई।
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बारिश के मौसम में फिसलने का खतरा बना रहता है इसलिए पहाड़ों पर मजदूरों को नहीं भेजा चढ़ाना चाहिए। नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का पालन न करने वाले पट्टाधारकों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। शैलेंद्र सिंह जिला खनिज अधिकारी
श्रमिक की मौत पर पट्टाधारक समेत पांच पर रिपोर्ट
पत्थरमंडी कबरई के घुरघुरु पहाड़ में विस्फोट के लिए छेद करते समय पैर फिसलने से गांधीनगर निवासी श्रमिक चंदू कुशवाहा की मौत के मामले में पट्टाधारक समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मृतक के पिता देशराज कुशवाहा की तहरीर पर थाना कबरई में पहाड़ के पट्टाधारक साबिर अली, कारोबारी नरेश यादव, जीतू यादव, अशोक कुशवाहा व ठेकेदार सुखलाल कुशवाहा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पट्टाधारक की ओर से सुरक्षा उपकरणों के बिना काम कराया जा रहा था। मौत के बाद पट्टाधारक शव अस्पताल में रखकर बिना सूचना के ही फरार हो गए। थाना प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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ये हैं खनन सुरक्षा नियम
पहाड़ में खनन कार्य सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षित श्रमिकों से ही काम कराया जाना चाहिए। श्रमिकों को सिर में हेलमेट लगाकर सुरक्षा बेल्ट व पैरों में पूरे जूते पहनना चाहिए, लेकिन पहाड़ों में काम के दौरान श्रमिक बिना सुरक्षा उपकरण काम करते हैं, जिससे घटनाएं हो रहीं हैं।
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इनकी जा चुकी है जान
गहरा गांव के डिंगरा पहाड़ में 12 जून 2020 को आकाशीय बिजली चमकने से हुई ब्लास्टिंग में गांधीनगर कबरई निवासी बालचंद्र, बुद्घू व बालकिशन की मौत हो गई थी। 28 अक्तूबर 2020 को नई मंडी स्थित क्रशर प्लांट के पट्टे में फंसकर नंदराम साहू की पत्नी रामवती की मौत हुई थी। आठ जनवरी 2021 को पहरा के डिंगरा पहाड़ में छेद करते समय बच्चीलाल कुशवाहा की गिरकर मौत हो गई थी। उसका भाई मातादीन घायल हो गया था। जनवरी में ही मकरबई निवासी रामस्वरूप कुशवाहा के पुत्र संतू व उसी गांव के ईश्वरी की मकरबई पहाड़ में काम करते समय गिरने से जान चली गई थी। छह फरवरी को कानपुर रोड स्थित क्रशर प्लांट में हेल्पर राजकिशोर पाल की पट्टे में फंसकर मौत हो गई थी। एक दिन पहले रविवार को झलकारीबाई स्थित घुरघुरु पहाड़ में काम कर रहे गांधीनगर निवासी चंदू कुशवाहा की पहाड़ में ब्लास्टिंग के लिए छेद करते समय 150 फीट गहरी खदान में गिरने से मौत हो गई।
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बारिश के मौसम में फिसलने का खतरा बना रहता है इसलिए पहाड़ों पर मजदूरों को नहीं भेजा चढ़ाना चाहिए। नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का पालन न करने वाले पट्टाधारकों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। शैलेंद्र सिंह जिला खनिज अधिकारी
श्रमिक की मौत पर पट्टाधारक समेत पांच पर रिपोर्ट
पत्थरमंडी कबरई के घुरघुरु पहाड़ में विस्फोट के लिए छेद करते समय पैर फिसलने से गांधीनगर निवासी श्रमिक चंदू कुशवाहा की मौत के मामले में पट्टाधारक समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मृतक के पिता देशराज कुशवाहा की तहरीर पर थाना कबरई में पहाड़ के पट्टाधारक साबिर अली, कारोबारी नरेश यादव, जीतू यादव, अशोक कुशवाहा व ठेकेदार सुखलाल कुशवाहा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पट्टाधारक की ओर से सुरक्षा उपकरणों के बिना काम कराया जा रहा था। मौत के बाद पट्टाधारक शव अस्पताल में रखकर बिना सूचना के ही फरार हो गए। थाना प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।