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चलती पैसेंजर ट्रेन से कूदकर किसान ने खुदकुशी की
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महोबा। झांसी-मानिकपुर रेल मार्ग पर कबरई थाना क्षेत्र के सुकौरा पुलिस चौकी के पास सोमवार को एक किसान ने चलती पैसेंजर ट्रेन से कूदकर खुदकुशी कर ली। किसान नींद न आने की बीमारी से परेशान था। वह साले के साथ खुद को एक डॉक्टर को दिखाने के बाद ग्वालियर से वास घर लौट रहा था। किसान की मौत की सूचना उसके घर पहुंची तो कोहराम मच गया। रिश्तेदारों ने दुखी परिजनों को सांत्वना देकर शांत कराया।
बांदा जिले के मटौंध निवासी बलराम मिश्रा (48) खेतीबाड़ी करते थे। वह नींद न आने की बीमारी से परेशान थे। रविवार को वह साले रामश्याम त्रिपाठी के साथ खुद को ग्वालियर में एक डॉक्टर को दिखाने के लिए गए थे। वहां से पैसेंजर ट्रेन से वापस बांदा लौट रहे थे। उसी दौरान सुकौरा चौकी के पास ट्रेन की बोगी के गेट पर खड़े बलराम ने अचानक छलांग लगा दी। यह देख रामश्याम शोर मचाया। उसने और अन्य यात्रियों ने चेन पुलिंग कर दी। मटौंध स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही परिजन पटरी के रास्ते मौके पर पहुंचे। वहां बलराम मृत अवस्था में पड़ा था। घटना की सूचना पर राजकीय रेलवे पुलिस वहां पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।
भतीजे आलोक मिश्रा व साले ने बताया कि बलराम अपना इलाज कराने के लिए मध्य प्रदेश के ग्वालियर गए थे। वापस लौटते समय वह ट्रेन की बोगी के गेट के पास खड़े थे। अचानक रेलवे ट्रैक पर गिर गए। सिर में पत्थर लगने से आई चोट से उनकी मौत हुई है। बलराम की मौत से पत्नी दीपा, तीन बच्चों अंशुल, अंकुर व अंकिता का रो-रोकर बुरा हाल रहा। रिश्तेदारों दुखी परिजनों को संभालते रहे। जीआरपी प्रभारी हरिओम मिश्रा का कहना है कि चलती ट्रेन से कूदकर किसान ने जान दी है। मामला सिविल पुलिस का होने के नाते कबरई थाना पुलिस को सूचना दी गई है।
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बांदा जिले के मटौंध निवासी बलराम मिश्रा (48) खेतीबाड़ी करते थे। वह नींद न आने की बीमारी से परेशान थे। रविवार को वह साले रामश्याम त्रिपाठी के साथ खुद को ग्वालियर में एक डॉक्टर को दिखाने के लिए गए थे। वहां से पैसेंजर ट्रेन से वापस बांदा लौट रहे थे। उसी दौरान सुकौरा चौकी के पास ट्रेन की बोगी के गेट पर खड़े बलराम ने अचानक छलांग लगा दी। यह देख रामश्याम शोर मचाया। उसने और अन्य यात्रियों ने चेन पुलिंग कर दी। मटौंध स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही परिजन पटरी के रास्ते मौके पर पहुंचे। वहां बलराम मृत अवस्था में पड़ा था। घटना की सूचना पर राजकीय रेलवे पुलिस वहां पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।
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भतीजे आलोक मिश्रा व साले ने बताया कि बलराम अपना इलाज कराने के लिए मध्य प्रदेश के ग्वालियर गए थे। वापस लौटते समय वह ट्रेन की बोगी के गेट के पास खड़े थे। अचानक रेलवे ट्रैक पर गिर गए। सिर में पत्थर लगने से आई चोट से उनकी मौत हुई है। बलराम की मौत से पत्नी दीपा, तीन बच्चों अंशुल, अंकुर व अंकिता का रो-रोकर बुरा हाल रहा। रिश्तेदारों दुखी परिजनों को संभालते रहे। जीआरपी प्रभारी हरिओम मिश्रा का कहना है कि चलती ट्रेन से कूदकर किसान ने जान दी है। मामला सिविल पुलिस का होने के नाते कबरई थाना पुलिस को सूचना दी गई है।
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