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फसलों की तबाही पर मुआवजा दिलाने की मांग

Mon, 10 Jan 2022 11:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jan 2022 11:42 PM IST
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कुलपहाड़ एसडीएम को ज्ञापन सौंपते किसान। - फोटो : MAHOBA
कुलपहाड़/चरखारी। लगातार हो रही बारिश व ओलों के चलते सैकड़ों किसानों की फसलें बर्बाद हहो गई हैं। महुआ, इटौरा, रिवई, धवार, घुटई, भटेवरा खुर्द, सुगिरा, कुलपहाड़ सतारी,रावतपुरा खुर्द,इंदौरा,बम्हौरी आदि गांवों के पीड़ित किसान अपना सिर पकड़े बैठे हैं। सोमवार को किसान संगठनों ने अधिकारियों को ज्ञापन देकर किसानों के लिए मुआवजे की मांग की है।
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कमलेश पस्तोर के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल उप जिलाधिकारी श्वेता पांडे से मिला और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर तहसील क्षेत्र की बारिश की भेंट चढ़ी फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की बात कही। चरखारी संवाद के अनुसार बुंदेलखंड किसान यूनियन ने फसलों के मुआवजे के लिए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम पीयूष जायसवाल को सौंपा। बताया कि बेमौसम बारिश से चना, मटर, मसूर, गेहूं सहित तमाम फसलों का 70 से 80 फीसदी नुकसान हुआ है। जिससे किसान के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। संगठन ने मुआवजे की मांग करते हुए आंदोलन व चुनाव बहिष्कार तक की चेतावनी दी है। उपजिलाधिकारी ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
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ज्ञापन देने वालों में बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामकिशन शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष योगेश कुमार पाठक, सुरेश चंद, भरत लाल, श्याम करण कुशवाहा, गोविंद कुमार मौजूद रहे।
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फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू
पनवाड़ी (महोबा)। फसलों के नुकसान को लेकर तहसीलदार संजीव राय ने क्षेत्र के रूरी खुर्द, धवार, सतोरा, खिरिया बुजुर्ग, बैंदो, गरौली, छाछरी, जगपुरा, निसवारा, मारगपूरा,आदि गांवो में सर्वे काम शुरू करा दिया। बताया कि जिन किसानों का बीमा है, केसीसी है अथवा जिनका कुछ भी नही है वे आधार कार्ड, बैंक की खाता संख्या की छायाप्रति हल्के के लेखपाल को दें।

खेतों से पानी निकासी में जुटे किसान
श्रीनगर (महोबा)। बेमौसम बरसात एवं ओलावृष्टि के कारण बर्बाद हुई फसलों को बचाने के लिए किसानों ने भी पसीना बहाना शुरू कर दिया है। सोमवार को किसान अपने परिवार के सदस्यों या फिर मजदूरों के साथ खेतों में भरे पानी को निकालते दिखाई दिए। कोई मशीनों के माध्यम से तो कोई एवं पाइपों के मदद से खेतों का पानी निकालते दिखे।
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