{"_id":"5eb1911f8ebc3e904a74933d","slug":"mahoba-news-mahoba-news-knp558640059","type":"story","status":"publish","title_hn":"1100 किलोमीटर साइकिल चलाकर पहुंचे श्रमिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
1100 किलोमीटर साइकिल चलाकर पहुंचे श्रमिक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महोबा। लॉकडाउन के बाद श्रमिकों के आने का सिलसिला जारी है। 14 दिन में साइकिलों से 1,100 किलोमीटर का सफर तय करके भिवंडी, महाराष्ट्र से महोबा आए 24 से ज्यादा श्रमिकों का भूख से बुरा हाल दिखा। प्रशासन ने जिले की सीमा पर श्रमिकों को भोजन कराया। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद सभी को उनके घर के लिए रवाना किया।
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के उपेंद्र साहनी, मधु साहनी, राजीव यादव, रामजीत, राधेश्याम, प्रभु साहनी, गोपाल साहनी, शिवकुमार साहनी समेत 24 से ज्यादा श्रमिकों ने बताया कि वह महाराष्ट्र के भिवंडी में कपड़ा बुनने का काम करते थे। अचानक लॉकडाउन होने के बाद वह भिवंडी में रुके रहे। दूसरा लॉकडाउन होने पर श्रमिकों ने घर जाने के लिए कंपनी मालिक से पैसा मांगा, लेेकिन मालिक ने पैसा नहीं दिया।
इस पर श्रमिकों ने अपने घरों से बैंक खातों में पैसा डलवाया और नई साइकिलें खरीदकर गृह जनपद के लिए निकल पड़े। 14 दिन में तक लगातार साइकिल चलाकर महोबा की सरहद पर आने के बाद इन श्रमिकों ने राहत की सांस ली। उनका कहना है कि सफर के दौरान बिस्कुट, चिप्स से काम चलाया। सिर्फ दो स्थानों पर उन्हें ग्रामीणों ने भोजन कराया। महोबा से महाराजगंज के लिए मंगलवार को इन श्रमिकों का जत्था रवाना हो गया।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल की बाउंड्री का निर्माण करने आए 16 श्रमिक लॉकडाउन के चलते फंस गए। कामकाज बंद होने के कारण अब श्रमिकों ने बिहार जाने के लिए एसडीएम कुलपहाड़ मोहम्मद उवैस से वाहनों का इंतजाम कराए जाने की मांग की। इस बारे में शमीम अहमद, मेराज, मुस्ताक, राजेश सहित 16 श्रमिकों ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र सौंपा है।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के उपेंद्र साहनी, मधु साहनी, राजीव यादव, रामजीत, राधेश्याम, प्रभु साहनी, गोपाल साहनी, शिवकुमार साहनी समेत 24 से ज्यादा श्रमिकों ने बताया कि वह महाराष्ट्र के भिवंडी में कपड़ा बुनने का काम करते थे। अचानक लॉकडाउन होने के बाद वह भिवंडी में रुके रहे। दूसरा लॉकडाउन होने पर श्रमिकों ने घर जाने के लिए कंपनी मालिक से पैसा मांगा, लेेकिन मालिक ने पैसा नहीं दिया।
विज्ञापन
इस पर श्रमिकों ने अपने घरों से बैंक खातों में पैसा डलवाया और नई साइकिलें खरीदकर गृह जनपद के लिए निकल पड़े। 14 दिन में तक लगातार साइकिल चलाकर महोबा की सरहद पर आने के बाद इन श्रमिकों ने राहत की सांस ली। उनका कहना है कि सफर के दौरान बिस्कुट, चिप्स से काम चलाया। सिर्फ दो स्थानों पर उन्हें ग्रामीणों ने भोजन कराया। महोबा से महाराजगंज के लिए मंगलवार को इन श्रमिकों का जत्था रवाना हो गया।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल की बाउंड्री का निर्माण करने आए 16 श्रमिक लॉकडाउन के चलते फंस गए। कामकाज बंद होने के कारण अब श्रमिकों ने बिहार जाने के लिए एसडीएम कुलपहाड़ मोहम्मद उवैस से वाहनों का इंतजाम कराए जाने की मांग की। इस बारे में शमीम अहमद, मेराज, मुस्ताक, राजेश सहित 16 श्रमिकों ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र सौंपा है।