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धर्म पर भारी पड़ी आस्था, मुस्लिम युवक करता रहेगा मां का पूजन
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अनीस अहमद।
खरेला (महोबा)। थाना खरेला के बसौठ गांव स्थित बड़ी माता मंदिर में मुस्लिम युवक द्वारा पूजा करने पर हो-हल्ला मच गया। सीओ ने प्रधान व ग्रामीणों से बातचीत की और आम सहमति के आधार पर युवक को पूजा की अनुमति दी गई। युवक 15 सालों से मां की आराधना कर रहा है।
बसौठ गांव में स्थित बड़ी माता मंदिर में 30 वर्षीय अनीस अहमद को सोमवार को कुछ लोगों ने पूजा करने से रोक दिया। प्रधान ज्ञानचंद्र कुशवाहा व अन्य ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। सीओ चरखारी उमेेशचंद्र, थानाध्यक्ष अनूप कुमार दुबे पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि अनीस 15 वर्षों से मंदिर में मां की पूजा करता आ रहा है। इस पर सीओ ने युवक के पूजन पर आपत्ति न किए जाने की बात ग्रामीणों के बीच रखी। इसे ग्रामीणों ने स्वीकार लिया और मामला निपट गया।
सीओ ने कहा कि किसी धर्म संप्रदाय के व्यक्ति को अपनी आस्था व्यक्त करने की स्वतंत्रता है। यदि मुस्लिम युवक नियमित पूजन-अर्चना कर रहा है तो उसे रोका नहीं जा सकता। आम सहमति के आधार पर युवक को पूजा करने की अनुमति दे दी गई।
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मां के दरबार में बची जान तो जुड़ी आस्था
बड़ी माता मंदिर में लंबे समय से पूजा कर रहे अनीस अहमद ने बताया कि 14 वर्ष की आयु में वह मंदिर परिसर में लेटा था। इसी दौरान सर्प ने उसके कान में काट लिया था। अचेत अवस्था में उसके माता-पिता उसे मंदिर में ही बैठाए रहे और प्रार्थना करते रहे। इससे उसकी जान बच गई। इसके बाद से वह मंदिर में पूजा करता चला आ रहा है। कभी किसी ने कोई आपत्ति नहीं की। कुछ विवाद था पुलिस ने निपटा दिया है।
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बसौठ गांव में स्थित बड़ी माता मंदिर में 30 वर्षीय अनीस अहमद को सोमवार को कुछ लोगों ने पूजा करने से रोक दिया। प्रधान ज्ञानचंद्र कुशवाहा व अन्य ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। सीओ चरखारी उमेेशचंद्र, थानाध्यक्ष अनूप कुमार दुबे पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि अनीस 15 वर्षों से मंदिर में मां की पूजा करता आ रहा है। इस पर सीओ ने युवक के पूजन पर आपत्ति न किए जाने की बात ग्रामीणों के बीच रखी। इसे ग्रामीणों ने स्वीकार लिया और मामला निपट गया।
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सीओ ने कहा कि किसी धर्म संप्रदाय के व्यक्ति को अपनी आस्था व्यक्त करने की स्वतंत्रता है। यदि मुस्लिम युवक नियमित पूजन-अर्चना कर रहा है तो उसे रोका नहीं जा सकता। आम सहमति के आधार पर युवक को पूजा करने की अनुमति दे दी गई।
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मां के दरबार में बची जान तो जुड़ी आस्था
बड़ी माता मंदिर में लंबे समय से पूजा कर रहे अनीस अहमद ने बताया कि 14 वर्ष की आयु में वह मंदिर परिसर में लेटा था। इसी दौरान सर्प ने उसके कान में काट लिया था। अचेत अवस्था में उसके माता-पिता उसे मंदिर में ही बैठाए रहे और प्रार्थना करते रहे। इससे उसकी जान बच गई। इसके बाद से वह मंदिर में पूजा करता चला आ रहा है। कभी किसी ने कोई आपत्ति नहीं की। कुछ विवाद था पुलिस ने निपटा दिया है।