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महोबा ः नए वर्ष से पहले तालाबों व मंदिरों का पूरा कराएं सुंदरीकरण कार्य-डीएम
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समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश देते डीएम
- फोटो : MAHOBA
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित पुरातत्व व पर्यटन विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक में पर्यटन विकास पर जोर रहा। डीएम ने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह को जिले के सभी दर्शनीय स्थलों के विकास को लेकर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि वर्तमान में कीरत सागर, मदन सागर व रावतपुरा तालाब और मंदिर में किए जा रहे सुंदरीकरण कार्य को नववर्ष से पहले पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
गौरतलब है कि जिले में बड़ी चंद्रिका मंदिर, छोटी चंद्रिका, रामकुंड धाम मंदिर, ताला सैय्यद चोटी, गोवर्धन्नाथ मंदिर चरखारी, कोठी तालाब, जय सागर, मलखान सागर व गुमान बिहारी मंदिर चरखारी को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने के लिए डीपीआर भेजा गया है। डीएम ने बताया कि मदन सागर में बोट क्लब बनाया जाएगा और नेहरू पार्क को आकर्षक बनाया जाएगा ताकि पर्यटकों का ध्यान आकृष्ट किया जा सके। उन्होंने कीरत सागर के प्रवेश द्वार से अतिक्रमण हटाते हुए आकर्षक बनाने के निर्देश दिए।
डीएम ने सीगौन, जैतपुर, अकौना, रावतपुरा खुर्द, सालट, नरेडी, स्वासामाफ, सूपा, कुरारा डांग, भरवारा, काशीपुरा, श्रीनगर, रहेलिया, उरवारा, रैवारा, मकरबई आदि के प्रधानों से जिले के अन्य दर्शनीय स्थलों की जानकारी ली। कहा कि जल्द ही भारतीय पुरातत्व विभाग और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की टीमें इन दर्शनीय स्थानों का भ्रमण करेंगी और अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगी। डीएम ने सभी एसडीएम, बीडीओ व ईओ को जिले दर्शनीय स्थलों की पैमाइश कराते हुए अतिक्रमण से मुक्त कराने के निर्देश दिए। कहा कि शहर के तालाबों के किनारे पाम के वृक्ष लगाए जाएं और नगर पालिका अभियान चलाकर तालाबों की जलकुंभी को साफ कराएं। बैठक में सीडीओ आरएस गौतम, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के जेसीए इरशाद अहमद, बीडीओ कबरई विनीत कुमार, बीडीओ जैतपुर प्रशांत कुमार आदि मौजूद रहे।
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जल्द ही पर्यटन सर्किट से जुड़ेगा महोबा
जिलाधिकारी ने बताया कि महोबा के विकास के लिए पर्यटन ही एक मात्र उपाय है। इसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। बताया कि जनपद को चित्रकूट-कालिंजर-खजुराहो-महोबा-ओरछा के पर्यटन सर्किट से जोड़ने का प्लान तैयार किया जा रहा है, जल्द ही इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा।
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महोबा। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित पुरातत्व व पर्यटन विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक में पर्यटन विकास पर जोर रहा। डीएम ने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह को जिले के सभी दर्शनीय स्थलों के विकास को लेकर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि वर्तमान में कीरत सागर, मदन सागर व रावतपुरा तालाब और मंदिर में किए जा रहे सुंदरीकरण कार्य को नववर्ष से पहले पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
गौरतलब है कि जिले में बड़ी चंद्रिका मंदिर, छोटी चंद्रिका, रामकुंड धाम मंदिर, ताला सैय्यद चोटी, गोवर्धन्नाथ मंदिर चरखारी, कोठी तालाब, जय सागर, मलखान सागर व गुमान बिहारी मंदिर चरखारी को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने के लिए डीपीआर भेजा गया है। डीएम ने बताया कि मदन सागर में बोट क्लब बनाया जाएगा और नेहरू पार्क को आकर्षक बनाया जाएगा ताकि पर्यटकों का ध्यान आकृष्ट किया जा सके। उन्होंने कीरत सागर के प्रवेश द्वार से अतिक्रमण हटाते हुए आकर्षक बनाने के निर्देश दिए।
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डीएम ने सीगौन, जैतपुर, अकौना, रावतपुरा खुर्द, सालट, नरेडी, स्वासामाफ, सूपा, कुरारा डांग, भरवारा, काशीपुरा, श्रीनगर, रहेलिया, उरवारा, रैवारा, मकरबई आदि के प्रधानों से जिले के अन्य दर्शनीय स्थलों की जानकारी ली। कहा कि जल्द ही भारतीय पुरातत्व विभाग और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की टीमें इन दर्शनीय स्थानों का भ्रमण करेंगी और अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगी। डीएम ने सभी एसडीएम, बीडीओ व ईओ को जिले दर्शनीय स्थलों की पैमाइश कराते हुए अतिक्रमण से मुक्त कराने के निर्देश दिए। कहा कि शहर के तालाबों के किनारे पाम के वृक्ष लगाए जाएं और नगर पालिका अभियान चलाकर तालाबों की जलकुंभी को साफ कराएं। बैठक में सीडीओ आरएस गौतम, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के जेसीए इरशाद अहमद, बीडीओ कबरई विनीत कुमार, बीडीओ जैतपुर प्रशांत कुमार आदि मौजूद रहे।
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जल्द ही पर्यटन सर्किट से जुड़ेगा महोबा
जिलाधिकारी ने बताया कि महोबा के विकास के लिए पर्यटन ही एक मात्र उपाय है। इसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। बताया कि जनपद को चित्रकूट-कालिंजर-खजुराहो-महोबा-ओरछा के पर्यटन सर्किट से जोड़ने का प्लान तैयार किया जा रहा है, जल्द ही इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा।