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Mahoba News: बिना अनुमति मध्य प्रदेश जल निगम के अधिकारियों ने खोदवाई पिचिंग, रिपोर्ट दर्ज
Wed, 23 Apr 2025 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Wed, 23 Apr 2025 12:19 AM IST
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श्रीनगर (महोबा)। उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश की सरकारों के बीच हुए समझौते के तहत बनाए गए उर्मिल बांध पर एमपी के अधिकारी मनमानी पर आमादा हैं। यूपी-एमपी की सीमा पर बने उर्मिल बांध की पिचिंग बिना अनुमति के मध्य प्रदेश के जल निगम के अधिकारियों ने खोद डाली। इससे बांध की मजबूती पर खतरा पैदा हो गया है। महोबा जिले के सिंचाई विभाग के अफसरों को हुई तो विभाग ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश की सीमा पर यूपी व एमपी की सरकारों की ओर से संयुक्त रूप से उर्मिल बांध का निर्माण कराया गया था। जिसके रख-रखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी जनपद महोबा के सिंचाई प्रखंड के पास है। बांध का 60 फीसदी पानी एमपी व 40 फीसदी यूपी को मिलता है। बीते दिनों मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के जल निगम के अधिकारियों ने बांध में पेयजल आपूर्ति के लिए इंटेकवेल बनाए जाने के लिए एमपी के क्षेत्र में 15 मीटर पिचिंग जेसीबी से उखाड़ डाली। इससे बांध की मजबूती पर खतरा उत्पन्न हो गया। यदि बारिश में जल भंडारण क्षमता के अनुरूप उर्मिल बांध में पानी भंडारित होता है तो बांध फटने का खतरा है। इसकी जानकारी जब जिले के सिंचाई विभाग के अधिकारियों को हुई तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर काम बंद कराया। इसके बाद उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। अधिकारियों के निर्देश पर विभाग ने मप्र के छतरपुर जिले में स्थित गढ़ीमलहरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता रोहित यादव का कहना है कि मध्य प्रदेश के जल निगम के अधिकारियों ने सिंचाई विभाग से परमिशन नहीं ली और निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इसकी सूचना शासन स्तर पर उच्च अधिकारियों को दी है।
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उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश की सीमा पर यूपी व एमपी की सरकारों की ओर से संयुक्त रूप से उर्मिल बांध का निर्माण कराया गया था। जिसके रख-रखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी जनपद महोबा के सिंचाई प्रखंड के पास है। बांध का 60 फीसदी पानी एमपी व 40 फीसदी यूपी को मिलता है। बीते दिनों मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के जल निगम के अधिकारियों ने बांध में पेयजल आपूर्ति के लिए इंटेकवेल बनाए जाने के लिए एमपी के क्षेत्र में 15 मीटर पिचिंग जेसीबी से उखाड़ डाली। इससे बांध की मजबूती पर खतरा उत्पन्न हो गया। यदि बारिश में जल भंडारण क्षमता के अनुरूप उर्मिल बांध में पानी भंडारित होता है तो बांध फटने का खतरा है। इसकी जानकारी जब जिले के सिंचाई विभाग के अधिकारियों को हुई तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर काम बंद कराया। इसके बाद उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। अधिकारियों के निर्देश पर विभाग ने मप्र के छतरपुर जिले में स्थित गढ़ीमलहरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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सिंचाई विभाग के अवर अभियंता रोहित यादव का कहना है कि मध्य प्रदेश के जल निगम के अधिकारियों ने सिंचाई विभाग से परमिशन नहीं ली और निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इसकी सूचना शासन स्तर पर उच्च अधिकारियों को दी है।
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