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समितियों में ताले, किसानों को खाद के पड़े लाले
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अजनर (महोबा)। जिले में डीएपी व यूरिया खाद की मारामारी मची है। अधिकांश सहकारी समितियों में ताले लटक रहे हैं। जिससे किसानों को खाद के लाले पड़े हैं। भरपूर खाद न मिलने से किसानों के खेतों की बुआई नहीं हो सकी।
अजनर में अधिकांश समितियां बंद होने से प्राइवेट दुकानों में किसानों की भारी भीड़ जुट रही है। घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। जिससे किसान मायूस लौट रहे हैं। सहकारी समिति अजनर में 15 दिन से ताला लटक रहा है जबकि बुधवारा सहकारी समिति में इस वर्ष खाद बांटी ही नहीं गई। जिससे किसानों में आक्रोश है। पलेवा के बाद खेत तैयार हैं लेकिन खाद न मिलने से खेतों की नमी गायब हो रही है। जिससे किसानों को भूमि परती पड़ी रहने की आशंका सता रही है।
बुधवारा निवासी देवेंद्र द्विवेदी का कहना है कि बुधवारा समिति में इस साल पूरे सीजन में डीएपी खाद नहीं बांटी गई। जिससे किसानों को खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
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अजनर निवासी मुन्ना ने बताया कि एक बोरी खाद के लिए वह सुबह से प्राईवेट दुकान में लाइन में लगे रहे लेकिन उनका नंबर नहीं आया। जिससे वह मायूस होकर लौट आए।
अजनर निवासी सुरेश राजपूत का कहना है कि अजनर समिति में 15 दिन से खाद नहीं है। उसकी पत्नी प्राइवेट दुकान पर खाद के लिए सुबह से लाइन में लगी रही लेकिन खाद नहीं मिली।
अजनर निवासी किसान जयसिंह का कहना है कि खाद न मिलने से खेत सूख गए हैं। अब पानी लगाकर बुआई करने की तैयारी की लेकिन खाद न मिलने से दोबारा खेत सूखने लगे हैं।
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अजनर में अधिकांश समितियां बंद होने से प्राइवेट दुकानों में किसानों की भारी भीड़ जुट रही है। घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। जिससे किसान मायूस लौट रहे हैं। सहकारी समिति अजनर में 15 दिन से ताला लटक रहा है जबकि बुधवारा सहकारी समिति में इस वर्ष खाद बांटी ही नहीं गई। जिससे किसानों में आक्रोश है। पलेवा के बाद खेत तैयार हैं लेकिन खाद न मिलने से खेतों की नमी गायब हो रही है। जिससे किसानों को भूमि परती पड़ी रहने की आशंका सता रही है।
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बुधवारा निवासी देवेंद्र द्विवेदी का कहना है कि बुधवारा समिति में इस साल पूरे सीजन में डीएपी खाद नहीं बांटी गई। जिससे किसानों को खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
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अजनर निवासी मुन्ना ने बताया कि एक बोरी खाद के लिए वह सुबह से प्राईवेट दुकान में लाइन में लगे रहे लेकिन उनका नंबर नहीं आया। जिससे वह मायूस होकर लौट आए।
अजनर निवासी सुरेश राजपूत का कहना है कि अजनर समिति में 15 दिन से खाद नहीं है। उसकी पत्नी प्राइवेट दुकान पर खाद के लिए सुबह से लाइन में लगी रही लेकिन खाद नहीं मिली।
अजनर निवासी किसान जयसिंह का कहना है कि खाद न मिलने से खेत सूख गए हैं। अब पानी लगाकर बुआई करने की तैयारी की लेकिन खाद न मिलने से दोबारा खेत सूखने लगे हैं।